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NCERT Class 11 Business Studies Important Chapter 3 निजी सार्वजनिक एवं भमंडलीय उपक्रम
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निजी सार्वजनिक एवं भमंडलीय उपक्रम
Chapter: 3
| भाग – 1: व्यवसाय के आधार |
| IMPORTANT QUESTION ANSWER |
लघु उत्तरीय प्रश्न:
1. मिश्रित अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?
उत्तर: मिश्रित अर्थव्यवस्था वह अर्थव्यवस्था है जिसमें निजी स्वामित्व और सरकारी स्वामित्व वाले दोनों उद्यम एक साथ कार्य करते हैं, जिसे भारत सरकार ने अपनाया है।
2. सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को किन स्वरूपों में संगठित किया जा सकता है?
उत्तर: सार्वजनिक उद्यमों के मुख्य रूप से तीन स्वरूप होते हैं: विभागीय उपक्रम, वैधानिक निगम, और सरकारी कंपनी।
3. विभागीय उपक्रम का क्या अर्थ है?
उत्तर: विभागीय उपक्रम सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे पुराना स्वरूप है, जिसे किसी मंत्रालय के एक विभाग के रूप में स्थापित किया जाता है। जैसे- रेलवे तथा डाक एवं तार विभाग।
4. वैधानिक निगम की स्थापना कैसे की जाती है?
उत्तर: वैधानिक निगम की स्थापना संसद या विधान मंडल द्वारा पारित एक विशेष अधिनियम द्वारा की जाती है, जो इसके अधिकार और कार्यों को परिभाषित करता है।
5. सरकारी कंपनी किसे माना जाता है?
उत्तर: सरकारी कंपनी वह कंपनी है जिसकी कम से कम 51 प्रतिशत चुकता अंशपूँजी केंद्र सरकार या राज्य सरकार के पास होती है।
6. 1956 की औद्योगिक नीति के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के लिए कितने उद्योग आरक्षित थे?
उत्तर: 1956 के औद्योगिक नीति प्रस्ताव में सार्वजनिक क्षेत्र के लिए 17 उद्योग-धंधों को आरक्षित किया गया था।
7. विनिवेश से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: विनिवेश का अर्थ है सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के समता अंशों को निजी क्षेत्र की इकाइयों एवं आम जनता को बेचना ताकि संसाधन जुटाए जा सकें।
8. सार्वजनिक क्षेत्र की बीमार इकाइयों की समीक्षा का कार्य किसे सौंपा गया?
उत्तर: सभी बीमार इकाइयों को पुनर्गठन या बंद करने का निर्णय लेने के लिए औद्योगिक एवं वित्तीय पुनर्निर्माण बोर्ड (BIFR) को सौंपा गया।
9. भूमंडलीय उपक्रम (MNCs) क्या होते हैं?
उत्तर: भूमंडलीय उपक्रम वे विशाल औद्योगिक संगठन हैं जिनका कारोबार, उत्पादन और विपणन क्रियाएँ एक से अधिक देशों में फैली होती हैं।
10. राष्ट्रीय नवीनीकरण कोष का गठन क्यों किया गया था?
उत्तर: इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त औद्योगिक मज़दूरों को दोबारा काम पर रखना और स्वैच्छिक अवकाश ग्रहण करने वाले कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति प्रदान करना था।
11. समझौता विवरणिका (MoU) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य प्रबंधन को संचालन की स्वायत्तता प्रदान करना और साथ ही उन्हें निर्धारित परिणामों व लक्ष्यों के लिए उत्तरदायी बनाना है।
12. पी.पी.पी. (PPP) का पूर्ण रूप क्या है?
उत्तर: पी.पी.पी. का पूर्ण रूप सार्वजनिक निजी भागीदारी है, जो सार्वजनिक और निजी संस्थाओं के बीच का एक संबंध है।
13. भूमंडलीय उपक्रमों द्वारा पूँजी कैसे जुटाई जाती है?
उत्तर: ये उपक्रम जनता को समता-अंश और ऋण-पत्र जारी करते हैं तथा अंतर्राष्ट्रीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों से आसानी से ऋण ले सकते हैं।
14. विभागीय उपक्रमों का वित्तपोषण कैसे होता है?
उत्तर: इन उपक्रमों के लिए धन सीधे सरकारी खजाने (बजट) से आता है और इनके द्वारा अर्जित राजस्व भी सरकारी खजाने में जमा कर दिया जाता है।
15. सार्वजनिक क्षेत्र आर्थिक शक्ति के केंद्रीकरण को कैसे रोकता है?
उत्तर: यह बड़े उद्योगों की स्थापना करता है जिससे लाभ केवल कुछ हाथों में जाने के बजाय बड़ी संख्या में कर्मचारियों में बँटता है, जिससे एकाधिकार और आय की असमानता पर रोक लगती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:
1. विभागीय उपक्रम की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: विभागीय उपक्रम मंत्रालय के एक विभाग के रूप में कार्य करते हैं।
इनकी प्रमुख विशेषताएँ हैं:
(i) इनका वित्तपोषण सीधे सरकारी खजाने से होता है और आय भी खजाने में जाती है।
(ii) इन पर अन्य विभागों की तरह सरकारी लेखांकन और अंकेक्षण नियंत्रण लागू होते हैं।
(iii) इनके कर्मचारी सरकारी कर्मचारी होते हैं।
(iv) ये सीधे तौर पर संबंधित मंत्रालय के नियंत्रण में होते हैं और उसी के प्रति जवाबदेह होते हैं।
2. वैधानिक निगम के प्रमुख लाभ क्या हैं?
उत्तर: वैधानिक निगम के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
(i) ये अपने कार्य संचालन के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होते हैं और इनमें उच्च स्तर का लचीलापन होता है।
(ii) इनके लिए धन की व्यवस्था केंद्रीय बजट से नहीं होती, इसलिए इनके वित्तीय मामलों में सरकारी हस्तक्षेप कम होता है।
(iii) ये अधिनियम द्वारा प्रदत्त अधिकारों के भीतर अपनी नीतियां खुद निर्धारित करते हैं।
(iv) ये आर्थिक विकास के एक मूल्यवान उपकरण हैं।
3. 1991 की औद्योगिक नीति के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की बदलती भूमिका को स्पष्ट करें।
उत्तर: 1991 की नीति के तहत प्रमुख सुधार किए गए:
(i) सार्वजनिक क्षेत्र के लिए आरक्षित उद्योगों की संख्या 17 से घटाकर 8 (और अंततः 3) कर दी गई।
(ii) संसाधन जुटाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की चुनिंदा इकाइयों के अंशों का विनिवेश किया गया।
(iii) सभी बीमार इकाइयों को औद्योगिक एवं वित्तीय पुनर्निर्माण बोर्ड (BIFR) को सौंपा गया।
(iv) उपक्रमों के प्रदर्शन सुधारने के लिए समझौता विवरणिका (MoU) प्रणाली लागू की गई।
4. भूमंडलीय उपक्रमों (MNCs) की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: भूमंडलीय उपक्रमों की मुख्य विशेषताएँ हैं:
(i) इनके पास विशाल पूँजीगत संसाधन होते हैं जिन्हें वे विभिन्न स्रोतों से जुटाते हैं।
(ii) ये अक्सर स्थानीय कंपनियों के साथ विदेशी सहयोग करते हैं।
(iii) इनके पास उत्पादन की उन्नत और श्रेष्ठ तकनीकें होती हैं।
(iv) उच्च अनुसंधान और विकास (R&D) के कारण इनकेउत्पादों में नवीनता होती है।
(v) इनका बाज़ार क्षेत्र अपने देश की सीमाओं के पार कई देशों में फैला होता है।
5. सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) से क्या आशय है? इसकी प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: सार्वजनिक निजी भागीदारी सार्वजनिक (सरकारी) और निजी संस्थाओं के बीच एक संबंध है, जो किसी परियोजना के कार्यों, दायित्वों तथा जोखिमों का सबसे बेहतर तरीके से बँटवारा करता है।
इसकी विशेषताएँ हैं:
(i) लोक सुविधा के डिज़ाइन (अभिकल्पन) और निर्माण के लिए किसी निजी पक्ष के साथ अनुबंध किया जाता है।
(ii) परियोजना का स्वामित्व और वित्तपोषण सरकार (सार्वजनिक क्षेत्र) के पास होता है।
(iii) अभिकल्प और निर्माण से जुड़े जोखिमों का हस्तांतरण निजी क्षेत्र को कर दिया जाता है।


