NCERT Class 11 Business Studies Important Chapter 1 व्यवसाय व्यापार और वाणिज्य

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NCERT Class 11 Business Studies Important Chapter 1 व्यवसाय व्यापार और वाणिज्य

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Chapter: 1

भाग – 1: व्यवसाय के आधार
IMPORTANT QUESTION ANSWER

लघु उत्तरीय प्रश्न:

1. आर्थिक और अनार्थिक क्रियाओं में क्या अंतर है?

उत्तर: आर्थिक क्रियाएं वे हैं जिनके द्वारा हम अपने जीवन यापन के लिए धन कमाते हैं (जैसे- फैक्ट्री में काम करना), जबकि अनार्थिक क्रियाएं प्रेम, सहानुभूति, या देशभक्ति के कारण की जाती हैं (जैसे- गृहिणी द्वारा भोजन पकाना)।

2. प्राचीन काल में ‘हुंडी’ का क्या उपयोग था?

उत्तर: हुंडी का उपयोग व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक हाथ से दूसरे हाथ पैसे के हस्तांतरण की सुविधा के लिए एक दस्तावेज के रूप में किया जाता था, जिसमें धन के भुगतान का बिना शर्त अधिकार शामिल होता था।

3. व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

उत्तर: व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य समाज में मनुष्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति करके लाभ या धन कमाना होता है।

4. प्राथमिक उद्योग किसे कहते हैं?

उत्तर: प्राथमिक उद्योग वे हैं जिनका संबंध प्राकृतिक संसाधनों के खनन एवं उत्पादन तथा पशु एवं वनस्पति के विकास से है, जैसे खेती करना, मछली पकड़ना या मुर्गी पालन।

5. उद्योग को किन तीन व्यापक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है?

उत्तर: उद्योग को तीन व्यापक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है— प्राथमिक उद्योग, द्वितीयक या माध्यमिक उद्योग और तृतीयक या सेवा उद्योग।

6. निर्माण उद्योग क्या कार्य करते हैं?

उत्तर: निर्माण उद्योग ऐसे उद्योग हैं जो भवन, बांध, पुल, सड़क, सुरंग तथा नहरों जैसे निर्माण कार्यों में संलग्न रहते हैं।

7. व्यापार से क्या आशय है?

उत्तर: व्यापार का अर्थ वस्तुओं की बिक्री, हस्तांतरण अथवा विनिमय से है, जो उत्पादित वस्तुओं को अंतिम उपभोक्ताओं तक उपलब्ध कराता है।

8. आंतरिक और बाह्य व्यापार में क्या अंतर है?

उत्तर: आंतरिक व्यापार में वस्तुओं का आदान-प्रदान एक ही देश की भौगोलिक सीमाओं के अंदर किया जाता है, जबकि बाह्य व्यापार दो या दो से अधिक देशों के व्यक्तियों अथवा संगठनों के मध्य होता है।

9. व्यापार की सहायक क्रियाएं कौन-सी हैं?

उत्तर: परिवहन, बैंकिंग, बीमा, भंडारण (गोदाम व्यवस्था), दूरसंचार एवं विज्ञापन को व्यापार की सहायक क्रियाएं कहा जाता है।

10. व्यावसायिक जोखिम क्या है?

उत्तर: व्यावसायिक जोखिम से आशय अपर्याप्त लाभ या फिर हानि होने की उस संभावना से है जो नियंत्रण से बाहर अनिश्चितताओं या आकस्मिक घटनाओं के कारण होती है।

11. नवाचार का व्यवसाय में क्या महत्व है?

उत्तर: नवाचार व्यवसाय को बाजार में उद्यम को बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा में बढ़त देने में मदद करता है; इसके बिना कोई भी व्यावसायिक उपकरण प्रतिस्पर्धी दुनिया में पनप नहीं सकता।

12. व्यवसाय में बीमा का क्या कार्य है?

उत्तर: बीमा व्यवसाय में कारखाने की इमारत, मशीन, या मार्ग में माल को आग, चोरी और दुर्घटना जैसे विभिन्न प्रकार के जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करता है।

13. प्राचीन भारत के किन्हीं चार प्रमुख व्यापारिक केंद्रों के नाम बताइए।

उत्तर: प्राचीन भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में पाटलिपुत्र, पेशावर, तक्षशिला, इंद्रप्रस्थ, मथुरा, और वाराणसी शामिल थे।

14. द्वितीयक उद्योग क्या है?

उत्तर: इन उद्योगों में प्राथमिक उद्योगों द्वारा निष्कर्षित माल को कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है और उन्हें अंतिम उपभोग या आगे की प्रक्रिया के लिए अधिक उपयोगी माल में परिवर्तित किया जाता है।

15. व्यवसाय प्रारंभ करते समय ‘उद्यम के स्थान’ का चुनाव क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: उद्यम के स्थान के चुनाव में किसी भी त्रुटि के परिणामस्वरूप उत्पादन लागत ऊँची हो सकती है और ग्राहकों को अच्छी सेवा देने में कठिनाई आ सकती है, इसलिए कच्चे माल, श्रम और यातायात की उपलब्धता देखकर इसका चुनाव किया जाना चाहिए।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:

1. व्यवसाय की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? विस्तार से समझाइए।

उत्तर: व्यवसाय की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: 

(i) यह एक आर्थिक क्रिया है जो लाभ कमाने या जीवन यापन के लिए की जाती है। 

(ii) इसमें उपभोक्ताओं के उपभोग के लिए वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन या उनकी प्राप्ति (procurement) की जाती है। 

(iii) मानवीय आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए वस्तुओं और सेवाओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विनिमय या बिक्री होती है। 

(iv) इसमें नियमित रूप से वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन होता है; एक बार का क्रय-विक्रय व्यवसाय नहीं कहलाता। 

(v) इसका मुख्य उद्देश्य लाभ अर्जन करना होता है। 

(vi) व्यवसाय में प्रतिफल की अनिश्चितता और जोखिम का तत्व सदैव विद्यमान रहता है।

2. व्यवसाय, पेशा और रोज़गार के बीच क्या अंतर है?

उत्तर: इन तीनों के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

(i) स्थापना: व्यवसाय उद्यमी के निर्णय से स्थापित होता है, पेशे के लिए विशेष संस्था की सदस्यता चाहिए, और रोज़गार नियुक्ति पत्र या सेवा समझौते से शुरू होता है।

(ii)योग्यता: व्यवसाय में किसी न्यूनतम योग्यता की आवश्यकता नहीं है, पेशे में विशेष क्षेत्र में प्रशिक्षण अनिवार्य है, और रोज़गार में नियोक्ता द्वारा निर्धारित योग्यता चाहिए।

(iii) प्रतिफल: व्यवसाय में लाभ अर्जित होता है, पेशे में फीस मिलती है, और रोज़गार में निश्चित वेतन या मज़दूरी मिलती है।

(iv) जोखिम: व्यवसाय में जोखिम अधिक और अनिश्चित होता है, पेशे में कुछ जोखिम होता है, जबकि रोज़गार में कोई जोखिम नहीं होता क्योंकि वेतन निश्चित होता है।

3. व्यावसायिक जोखिम के प्रमुख कारण कौन-से हैं? समझाइए।

उत्तर: व्यावसायिक जोखिम के प्रमुख कारणों को निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है:

(i) प्राकृतिक कारण: बाढ़, भूकंप, बिजली गिरना जैसी प्राकृतिक आपदाएं जिन पर मनुष्य का कोई नियंत्रण नहीं होता, इनसे संपत्ति की भारी हानि हो सकती है।

(ii) मानवीय कारण: कर्मचारियों की बेईमानी, लापरवाही, हड़ताल या प्रबंधकों की अकुशलता आदि मानवीय कारणों में आते हैं।

(iii) आर्थिक कारण: माल की माँग में अनिश्चितता, मूल्य में परिवर्तन, प्रतिस्पर्धा, ब्याज दर में वृद्धि या तकनीक में परिवर्तन के कारण उत्पादन लागत बढ़ जाना।

(iv) अन्य कारण: राजनीतिक उथल-पुथल, मशीनों में खराबी, या मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव आदि भी जोखिम बढ़ाते हैं।

4. नया व्यवसाय शुरू करते समय उद्यमी को किन मूल कारकों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: एक नया व्यवसाय शुरू करते समय उद्यमी को निम्नलिखित मूल कारकों पर विचार करना चाहिए:

(i) व्यवसाय के स्वरूप का चयन: यह तय करना कि व्यवसाय निर्माण, व्यापार या सेवा किस क्षेत्र में होगा।

(ii) फर्म का आकार: पूंजी और बाज़ार की मांग के अनुसार व्यवसाय छोटे पैमाने पर शुरू करना है या बड़े पैमाने पर।

(iii) स्वामित्व का स्वरूप: एकाकी व्यापार, साझेदारी या कंपनी में से उपयुक्त स्वामित्व का चुनाव करना।

(iv) उद्यम का स्थान: कच्चे माल, श्रम, बैंकिंग और यातायात की उपलब्धता के आधार पर सही स्थान का चयन करना।

(v) वित्त व्यवस्था: व्यवसाय के लिए आवश्यक पूंजी का अनुमान लगाना और उसके स्रोतों की व्यवस्था करना।

(vi) भौतिक सुविधाओं (मशीन, भवन) और कार्य करने के लिए कुशल कार्यबल का प्रबंध करना।

5. वाणिज्‍य का अर्थ बताते हुए व्यापार की सहायक क्रियाओं का वर्णन करें।

उत्तर: वाणिज्य का अर्थ उन सभी क्रियाओं से है जो वस्तुओं के विनिमय, संभरण तथा वितरण को संभव बनाती हैं और इसमें आने वाली बाधाओं को दूर करती हैं। 

व्यापार की सहायक क्रियाएँ वे सेवाएँ हैं जो व्यापार और उद्योग में आने वाली अड़चनों को सुलझाती हैं:

(i) परिवहन: यह माल को उत्पादन स्थल से बिक्री स्थल तक ले जाकर स्थान संबंधी बाधा को दूर करता है।

(ii) बैंकिंग और वित्त: यह व्यापारियों को ऋण प्रदान कर और धन हस्तांतरण के माध्यम से वित्त की समस्या का समाधान करता है।

(iii) बीमा: यह माल और संपत्तियों को आग, चोरी और दुर्घटना जैसे जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करता है।

(iv) भंडारण: यह समय की उपयोगिता का सृजन करता है और माल को सुरक्षित रखकर उसकी निरंतर आपूर्ति बनाए रखता है।

(v) विज्ञापन: यह सूचना संबंधी बाधा को दूर करता है और ग्राहकों को उत्पादों और सेवाओं के बारे में जानकारी देता है।

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