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NCERT Class 11 Business Studies Chapter 4 व्यावसयाय्क सेवयाए
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व्यावसयाय्क सेवयाए
Chapter: 4
| भाग – 1: व्यवसाय के आधार |
| अभ्यास |
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. वस्तुओं और सेवाओं को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: वस्तुएँ: वस्तु एक भौतिक पदार्थ है जिसकी किसी क्रेता को सुपुर्दगी दी जा सकती है तथा जिसके स्वामित्व का विक्रेता से क्रेता को हस्तांतरण हो सकता है।
सेवाएँ: सेवाएँ वे आर्थिक क्रियाएँ हैं जो अमूर्त होती हैं। इनमें सेवा देने वाले एवं उपभोक्ता के बीच सेवाओं का आदान-प्रदान होता है। सेवाओं को अलग से पहचाना जा सकता है और ये किन्हीं आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं।
2. ई-बैंकिंग क्या है? ई-बैंकिंग के लाभ क्या हैं?
उत्तर: ई-बैंकिंग: इंटरनेट पर बैंकों की सेवाएँ प्रदान करने को ई-बैंकिंग कहते हैं। यह इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग होती है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग किया गया हो।
ई-बैंकिंग के लाभ लाभ निम्नलिखित हैं—
(i) यह ग्राहकों को वर्ष के 365 दिन 24 घंटे सेवाएँ प्रदान करता है।
(ii) ग्राहक मोबाइल फोन द्वारा लेन-देनों को दफ्तर, घर या यात्रा के दौरान कर सकता है।
(iii) प्रत्येक लेन-देन का अभिलेखन हो जाता है जिससे वित्तीय अनुशासन आता है।
(iv) ग्राहक की बैंक तक असीमित पहुँच होती है और यात्रा के दौरान नकद ले जाने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे अधिक सुरक्षा मिलती है।
(v) बैंकों को भी असीमित नेटवर्क और कार्यभार में कमी जैसे लाभ मिलते हैं।
3. व्यवसाय वर्धन करने के लिए कौन-कौन सी दूरसंचार सेवाएँ उपलब्ध हैं? टिप्पणी कीजिए।
उत्तर: व्यवसाय की वृद्धि के लिए निम्नलिखित मुख्य टेलीकॉम सेवाएँ उपलब्ध हैं:
(i) सेल्यूलर मोबाइल सेवाएँ: इनमें ज़बानी एवं गैर-ज़बानी संदेश, डाटा सेवाएँ एवं पी.सी.ओ. सेवाएँ सम्मिलित हैं।
(ii) स्थायी लाइन सेवाएँ: ये फाइबर ऑप्टिक तारों से जुड़ी होती हैं, जो लंबी दूरी तक ज़बानी, गैर-ज़बानी संदेश और डाटा भेजने के लिए उपयुक्त होती हैं।
(iii) केबल/तार सेवाएँ: ये एकतरफा मनोरंजन से संबंधित मीडिया सेवाएँ हैं जो केबल नेटवर्क के माध्यम से काम करती हैं।
(iv) वी.एस.ए.टी. सेवाएँ (VSAT): यह उपग्रह आधारित संप्रेषण सेवा है जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विश्वसनीय सेवा देती है, जिसका उपयोग टेली-मेडिसिन, ऑनलाइन समाचार पत्र आदि के लिए किया जाता है।
(v) डी.टी.एच. सेवाएँ (DTH): यह उपग्रह आधारित मीडिया सेवा है जिससे सेट-टॉप बॉक्स की सहायता से सीधे टीवी पर मीडिया सेवाएँ प्राप्त की जा सकती हैं।
4. उपयुक्त उदाहरण देकर बीमा सिद्धांतों की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए।
उत्तर: (i) पूर्ण सदि्दश्वास: बीमाकार एवं बीमाकृत को एक-दूसरे के प्रति पूर्ण सदि्दश्वास दिखाना चाहिए और सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को उजागर करना चाहिए।
(ii) बीमायोग्य हित: बीमाकृत का बीमा की विषयवस्तु में आर्थिक हित होना आवश्यक है।
(iii) क्षतिपूर्ति: बीमाकार हानि होने पर बीमाकृत को उसी स्थिति में लाने का वचन देता है जिस स्थिति में वह घटना से पहले था।
(iv) निकटतम कारण: हानि की पूर्ति तभी होगी जब वह उसी निकटतम कारण से हुई हो जिसके लिए बीमा लिया गया था। (उदाहरण: यदि बीमा आग का है तो नुकसान आग से ही होना चाहिए)।
(v) अधिकार समाप्ति: हानि की पूर्ति होने के बाद, क्षतिग्रस्त संपत्ति का स्वामित्व बीमा कंपनी को हस्तांतरित हो जाता है।
(vi) योगदान: यदि एक ही संपत्ति का कई जगह से बीमा है, तो सभी बीमाकार हानि को अपने बीमा के अनुपात में बाँट लेते हैं।
(vii) हानि को कम करना: बीमाकृत का कर्तव्य है कि वह हानि को कम करने के लिए विवेकशील व्यक्ति की तरह आवश्यक कदम उठाए। (उदाहरण: यदि गोदाम में आग लगे, तो मालिक को आग बुझाने और सामान बचाने की कोशिश करनी चाहिए)।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. सेवाएँ क्या है? उनके लक्षणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: सेवाएँ वे आर्थिक क्रियाएँ हैं जो अमूर्त होती हैं, जिन्हें अलग से पहचाना जा सकता है और जो आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं।
इनके पांच मूलभूत लक्षण (तत्व) निम्नलिखित हैं:
(i) अमूर्त: सेवाओं को छुआ या चखा नहीं जा सकता, इन्हें केवल अनुभव किया जा सकता है।
(ii) असंगतता: इनमें एकरूपता नहीं होती। हर ग्राहक की मांग अलग होती है, इसलिए इनका निष्पादन हर बार अलग से किया जाता है।
(iii) अभिन्नता: सेवाओं का उत्पादन और उपभोग दोनों साथ-साथ संपन्न होते हैं, इन्हें अलग नहीं किया जा सकता।
(iv) इन्वेंटरी संभव नहीं: सेवाओं को भविष्य के लिए स्टॉक या जमा करके नहीं रखा जा सकता।
(v) संबद्धता: सेवा प्रदान करने की प्रक्रिया में ग्राहक का सहयोग और भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण होती है।
2. प्रत्येक वाणिज्यिक बैंक के कार्यों की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर: वाणिज्यिक बैंक वे संस्थान हैं जो मुद्रा में व्यापार करते हैं।
इनके मुख्य कार्य इस प्रकार हैं:
(i) जमा स्वीकार करना: बैंक लोगों की बचत को चालू खातों, बचत खातों एवं निश्चित कालीन (सावधि) जमा खातों के रूप में स्वीकार करते हैं और उस पर ब्याज देते हैं।
(ii) ऋण देना: बैंक जमा से प्राप्त राशि का उपयोग व्यापार, उद्योग और परिवहन के लिए ऋण (जैसे नकद ऋण, अवधिविकर्ष, उपभोक्ता ऋण) देने के लिए करते हैं।
(iii) चेक सुविधा: यह धन निकालने का एक विशिष्ट और सर्वाधिक सुविधाजनक माध्यम है (जैसे वाहक चेक या रेखांकित चेक)।
(iv) धन का हस्तांतरण: बैंक बैंक ड्राफ्ट, पे-ऑर्डर आदि के माध्यम से धन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की सुविधा प्रदान करते हैं।
(v) सहयोगी सेवाएँ: बैंक बिलों का भुगतान करने, लॉकर की सुविधा देने, अंशों/ऋणपत्रों का क्रय-विक्रय करने और बीमा की किश्त भरने जैसी सहायक सेवाएँ भी देते हैं।
3. भारतीय डाक विभाग द्वारा प्रदत्त विविध सुविधाओं पर विस्तृत टिप्पणी कीजिए।
उत्तर: भारतीय डाक विभाग पूरे देश में 22 डाक समूहों के माध्यम से निम्नलिखित सेवाएँ प्रदान करता है:
(i) वित्तीय सुविधाएँ: डाक घर की विभिन्न बचत योजनाओं (जैसे पी.पी.एफ, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, मासिक आय योजना, सावधि जमा) के माध्यम से वित्तीय सुविधाएँ दी जाती हैं।
(ii) डाक सुविधाएँ: इनमें पार्सल सेवा, वस्तुओं को सुरक्षा देने वाली ‘रजिस्ट्री की सुविधा’ और रास्ते के जोखिमों से बचाने के लिए ‘बीमा सेवा’ शामिल है।
अन्य सहायक सुविधाएँ:
(i) बधाई संदेश: विभिन्न अवसरों के लिए कार्ड्स भेजना।
(ii) मीडिया संदेश: पोस्टकार्ड, लिफाफों आदि पर निगमों के विज्ञापनों का माध्यम।
(iii) सीधी डाक: प्रत्यक्ष विज्ञापन के लिए।
(iv) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा हस्तांतरण: 185 देशों से भारत को मुद्रा हस्तांतरण की सुविधा।
(v) पासपोर्ट सुविधा: विदेश मंत्रालय के सहयोग से पासपोर्ट प्रक्रिया में मदद।
(vi) स्पीड पोस्ट: 97 प्रमुख देशों और भारत के 1,000 स्थानों तक तेज़ डाक सेवा।
(vii) ई-बिल डाक: BSNL/Airtel जैसी कंपनियों के बिलों का भुगतान लेना।
4. विभिन्न प्रकार के बीमों का वर्णन करें। प्रत्येक बीमा द्वारा रक्षित जोखिम की प्रकृति की जाँच कीजिए।
उत्तर: विभिन्न प्रकार के बीमा और उनसे रक्षित जोखिम की प्रकृति इस प्रकार है:
(i) जीवन बीमा: मनुष्य के जीवन की अनिश्चितता (मृत्यु या बुढ़ापे में आय की कमी) से सुरक्षा देता है। इसमें जोखिम (मृत्यु) निश्चित है, लेकिन समय अनिश्चित होता है।
(ii) अग्नि बीमा: आग लगने से होने वाली संपत्ति की हानि की भरपाई करता है। जोखिम की प्रकृति में अनिश्चितता का तत्व होता है; घटना का घटना अनिवार्य नहीं है।
(iii) सामुद्रिक बीमा: समुद्री मार्ग से यात्रा और समुद्री खतरों (जैसे जहाज़ का टकराना, आग, समुद्री डाकू) से सुरक्षा देता है। इसमें जहाज़, माल और भाड़े का बीमा होता है।
(iv) स्वास्थ्य बीमा: यह बीमारी या चोट लगने पर चिकित्सा खर्चों (चिकित्सा संबंधी व्ययों) के जोखिम से सुरक्षा प्रदान करता है।
(v) मोटर वाहन बीमा: मोटर दुर्घटना से होने वाली मृत्यु, चोट या संपत्ति हानि के दायित्व से रक्षा करता है।
(vi) चोरी का बीमा: चोरी, ठगी या सेंधमारी से घरेलू सामान और संपत्ति के नुकसान के विरुद्ध रक्षा करता है।
(vii) पशुओं का बीमा: दुर्घटना या बीमारी के कारण पालतू पशुओं (बैल, भैंस, गाय) की मृत्यु के जोखिम को कवर करता है।
(viii) फसल बीमा: सूखा पड़ने या बाढ़ के कारण फसल नष्ट होने की स्थिति में किसानों के वित्तीय जोखिम की रक्षा करता है।
(ix) खेल का बीमा: शौकिया खिलाड़ियों के खेल के सामान और व्यक्तिगत चोट आदि के जोखिमों से बचाव करता है।


