SEBA Class 10 Hindi MIL Important Chapter 8 आत्म – निर्भरता

SEBA Class 10 Hindi MIL Important Chapter 8 आत्म – निर्भरता Solutions As Per SEBA New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 10 Hindi MIL Additional Solutions and select need one. SEBA Class 10 Hindi MIL Additional Notes Download PDF. SEBA Important Solutions for Class 10 Ambar Bhag 2.

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Also, you can read the NCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Central Board of Secondary Education (CBSE) Book guidelines. Assam SEBA Board Class 10 Ambar Bhag 2 Additional Question Answer are part of All Subject Solutions. Here we have given NCERT Class 10 Ambar Bhag 2 Important Notes for All Chapters, You can practice these here.

Chapter: 8

गद्य खंड
IMPORTANT QUESTION ANSWER

1. आत्म निर्भर पाठ के लेखक का नाम क्या है?

उत्तर: आचार्य रामचंद्र शुक्ल।

2. लेखक का जन्म कहा हुआ था?

उत्तर: आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म बस्ती जिले के अगौना गांव में हुआ था।

3. उन्होंने प्राथमिक शिक्षा कहा से प्राप्त की थी?

उत्तर: उनकी प्रांभिक शिक्षा गांव के पास के अंग्रेजी स्कूल में हुई थी, कहा उन्होंने उर्दू और अंग्रेजी का ज्ञान प्राप्त किया।

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4.  हिंदी साहित्य में उनका प्रवेश किस रूप में हुआ था?

उत्तर: हिंदी साहित्य में उनका प्रवेश कवि और निबंधकार के रूप में हुआ था।

5. उनके प्रांभलेख क्या थे?

उत्तर: ‘सरस्वती’ और नगरी ‘प्रचारिणी पत्रिका’।

6. इनकी भाषा क्या थी?

उत्तर: ‘प्रांजल’ और ‘सूत्रपरक’।

7. उन्होंने किन भावनाओं पर निबंधों की रचना की है?

उत्तर: उत्साह, श्रद्धा, ईर्ष्या, करुणा आदि भावनाओं पर श्रेष्ठ निबंधो की रचना की है।

8. आचार्य शुक्ल की प्रसिद्ध ग्रंथो के नाम लिखिए?

उत्तर: आचार्य शुक्ल की प्रसिद्ध ग्रंथो के नाम हैं:-

(i) तुलसीदास।

(ii) जयसी-ग्रंथावली की भूमिका।

(iii) सूरदास।

(iv) चिंतामणि।

(v) हिंदी साहित्य का इतिहास।

(vi) रस मीमांसा आदि।

9. आत्म-निर्भरता का महत्व क्या है?

उत्तर: आत्म-निर्भरता का मतलब है कि एक व्यक्ति को अपनी शक्ति, गुण, और सामर्थ्य पर विश्वास होना चाहिए। यह किसी अन्य पर निर्भर न रहते हुए अपने जीवन को साधना है। आत्म-निर्भर व्यक्ति अपने निर्णय खुद लेता है, न कि दूसरों की राय पर। आत्म-निर्भरता से आत्म-सम्मान बढ़ता है और व्यक्ति अपने उद्देश्य की प्राप्ति में समर्थ होता है।

10. क्या नम्रता और आत्म-निर्भरता के बीच कोई संबंध है?

उत्तर: नम्रता और आत्म-निर्भरता का गहरा संबंध है। जहां आत्म-निर्भरता व्यक्ति को अपनी शक्ति और निर्णयों पर विश्वास करने के लिए प्रेरित करती है, वहीं नम्रता व्यक्ति को विनम्र और दूसरों के प्रति सम्मानित रखती है। आत्म-निर्भर व्यक्ति नम्र भी होता है क्योंकि वह जानता है कि उसे अपनी पहचान दूसरों से नहीं, बल्कि अपने कार्यों और दृष्टिकोण से बनानी चाहिए।

11. आत्म-निर्भरता और स्वावलंबन में क्या अंतर है?

उत्तर: आत्म-निर्भरता और स्वावलंबन दोनों का उद्देश्य अपने आप पर विश्वास और निर्भरता है, लेकिन आत्म-निर्भरता का उद्देश्य मानसिक और आंतरिक स्वतंत्रता है, जबकि स्वावलंबन का तात्पर्य बाहरी संसाधनों पर कम निर्भर रहने से है। आत्म-निर्भरता व्यक्ति को आत्म-विश्वास और आत्म-निर्णय की शक्ति देती है, जबकि स्वावलंबन बाहरी सहायता पर निर्भरता कम करने पर जोर देता है।

मनुष्य को अपने जीवन में आत्म-निर्भर बनने के लिए कौन से गुणों की आवश्यकता होती है?

12. स्वावलंबन और आत्म-निर्भरता में अंतर क्या है?

उत्तर: स्वावलंबन का अर्थ है अपने बाहरी संसाधनों पर निर्भर न रहना, जबकि आत्म-निर्भरता मानसिक स्वतंत्रता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देती है। स्वावलंबन में बाहरी सहायता से स्वतंत्रता है, जबकि आत्म-निर्भरता में व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्ति पर निर्भर होता है।

13. आत्म-निर्भरता के लिए आवश्यक गुण कौन से हैं?

उत्तर: आत्म-निर्भरता के लिए व्यक्ति में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की स्वतंत्रता, परिश्रम, सच्चाई के प्रति निष्ठा, और दूसरों के प्रति सम्मान और विनम्रता जैसी विशेषताएँ होनी चाहिए। इन गुणों से व्यक्ति अपनी आत्म-निर्भरता को मजबूती से स्थापित कर सकता है।

14. क्या आत्म-निर्भरता जीवन में कठिनाई लाती है?

उत्तर: आत्म-निर्भरता कभी-कभी कठिनाई ला सकती है, क्योंकि व्यक्ति को स्वयं निर्णय लेने और जिम्मेदारी उठाने की आवश्यकता होती है। लेकिन यह कठिनाई व्यक्ति को मजबूती देती है और आत्म-निर्भरता की ओर बढ़ने में मदद करती है। आत्म-निर्भर व्यक्ति अपनी समस्याओं का समाधान खुद करता है।

15. नम्रता का आत्म-निर्भरता से क्या संबंध है?

उत्तर: नम्रता और आत्म-निर्भरता का गहरा संबंध है। एक आत्म-निर्भर व्यक्ति विनम्र भी होता है, क्योंकि वह जानता है कि सफलता अकेले नहीं मिलती। नम्रता से व्यक्ति दूसरों के प्रति आदर व्यक्त करता है, जबकि आत्म-निर्भरता उसे आत्मविश्वास और स्वतंत्रता प्रदान करती है।

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