Niketan Class 8 Hindi Chapter 3 मैडम मेरी क्यूरी

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Niketan Class 8 Hindi Chapter 3 मैडम मेरी क्यूरी

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मैडम मेरी क्यूरी

Chapter – 3

HINDI

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SHANKARDEV SISHU VIDYA NIKETAN

TEXTUAL QUESTIONS AND ANSWERS


1. सही उत्तर चुनकर लिखो :

(क) मैडम क्यूरी की बड़ी पुत्री का नाम आइरीन/पियरे / जुलियेट था। 

उत्तर :- मैडम क्युरी की बड़ी पुत्री का नाम आइरीन था । 

(ख) पियरे क्यूरी की मृत्यु सड़क दुर्घटना बीमारी / बुढ़ापा के कारण हुई।

उत्तर :-  पियरे क्यूरी की मृत्यु सड़क दुर्घटना के कारण हुई।

(ग) मेरी को दूसरी बार भौतिक शास्त्र/रसायन शास्त्र/ अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार मिला।

उत्तर :- मेरी को दूसरी बार रसायन शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। .

(घ) मैडम क्यूरी को मधुमेह / कैंसर एनिमिया की बीमारी हुई थी।

उत्तर :- मैडम क्यूरी को एनिमिया की बीमारी हुई थी।

(ङ) पोलैंड/फ्रांस/भारत/ इटली में मैडम क्यूरी का जन्म हुआ था।

उत्तर :- पोलैंड में मैडम क्यूरी का जन्म हुआ था।

2. खाली जगहों को पूर्ति करो : 

(क) क्यूरी दंपति का यह शोधकार्य धैर्य अध्यवसाय और आत्मोत्सर्ग की मिसाल था।

(ख) मेरी ने इस विश्वयुद्ध में अपनी बेटी आइरीन के साथ संचल एक्सरे इकाई का गठन किया और सेविका बनकर घायलों की चिकित्सा की। 

(ग) मानव समाज उनकी युगांतकारी खोजों और महान कल्याणकारी कार्यों को हमेशा याद रखेगा। 

3. (क) मेरी क्यूरी का संक्षिप्त परिचय दो।

उत्तर :- मेरी क्यूरी का जन्म १८६७ ई० में ७ नवंबर को वारसा (पोलैंड) में हुआ था। मारिया स्कोलोडोवस्का उनका बचपन का नाम था, लेकिन दोस्त प्यार से उन्हें मान्या बुलाते थे। उनके माता-पिता दोनों अध्यापक थे हाईस्कुल और स्नातक परीक्षा में मेरी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने पेरिस के सोरबोन विश्वविद्यालय में नामांकन कराने का निश्चय किया लेकिन आर्थिक स्थिति ठिक न होने के कारण उनका नामांकन न हो सका।

मेरी क्यूरी ने पोलोनियम और रेडियम की खोज की। चिकित्सा विज्ञान में यह एक क्रांतिकारी खोज साबित हुई। इसके पहले क्यूरी दंपति ने प्रख्यात वैज्ञानिक हेनरी बैकरेल के साथ मिलकर रेडियों धर्मिता की भी खोज कर चुके थे।

मेरी क्यूरी विश्व की ऐसी विलक्षण महिला वैज्ञानिक थी, जिन्हे दो बार दो भिन्न क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार मिले। उनका पहला नोबेल पुरस्कार भैतिक शास्त्र में १९०३ ई० में पति पियरे क्यूरी तथा हेनरी बैकरेल के साथ संयुक्त रूप मिला। रेडियों धर्मिता की खोज के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। १९११ ई० में दूसरी बार उन्हें रसायन शास्त्र के क्षेत्र में रेडियम के शुद्धिकरण के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान वे सेविका बनकर घायल सैनिकों की चिकित्सा की।

अधिक समय रेडियों धर्मी पदार्थों के बीच रहने के कारण मेरी को एनिमिया और थकान का अनुभव होने लगा। अंत में ४ जुलाई, १९३४ ई० को मेरी क्यूरी का निधन हो गया। मेरी क्यूरी की मृत्यु पर अलवर्ट आइनस्टाइन ने कहा था- दुनिया की प्रसिद्ध हस्तियों में यह एक ऐसा नाम है, जो आजीवन बेदाग रहा। मानव समाज उनकी युगांतकारी खोजों और महान कल्याणकारी कार्यों को हमेशा याद रखेगा।

4. मैडम क्यूरी को किस-किस विषय में और कब कब नोबेल पुरस्कार मिले थे ?

उत्तर :- मैडम क्युरी को पहला नोबेल पुरस्कार भौतिक शास्त्र में १९०३ ई० में पति पियरे क्यूरी तथा हेनरी बैकरेल के साथ संयुक्त रूप से मिला। १९११ ई० में दूसरी बार उन्हें रसायन शास्त्र के क्षेत्र में रेडियम के शुद्धिकरण के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था।

5. मेरी क्यूरी की मृत्यु पर अलवर्ट आइनस्टाइन ने क्या कहा था ? 

उत्तर :-  मेरी क्यूरी की मृत्यु पर अलवर्ट आइनस्टाइन ने कहा था कि दुनिया प्रसिद्ध हस्तियों में यह एक ऐसा नाम है जो आजीवन बेदाग रहा। 

6. रेडियोधर्मी रश्मियों की कौन सी विशेषताएँ हैं ?

उत्तर :- रेडियोधर्मी रश्मियों की षता यह है कि कोई हीरा असली है या नकली, इससे पता लगाया जा सकता है। इन रश्मियों की सहायता से मनुष्य के शरीर के अंदर के भाग को भी देखना संभव हो गया। उससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि रेडियम कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी पर भी बहुत प्रभावकारी है।

7. मैडम क्यूरी ने किन चीजों की खोज की? शोध कार्य के समय उन्हें कौन-सी परेशानियाँ उठानी पड़ी ?

उत्तर :- मैडम क्यूरी ने पोलोनियम और रेडियम की खोज की। शोध कार्य के समय उन्हें अनेक पड़ेशानियाँ उठानी पड़ी। सबसे पहले उन्होंने एक साधारण कमरे को प्रयोगशाला का रूप देकर शोध कार्य आरंभ किया। उन्होंने यह प्रमाण किया था कि मिश्रित युरेनियम में जो आज्ञात तत्व है वह पिटसब्लेड नामक खनिज पदार्थ में भी है। लेकिन पिटसब्लेड का मुल्य अधिक होने के कारण वे इसे खरीद न सके। उसी समय अस्ट्रिया सरकार उपहार स्वरुप क्यूरी दंपति को शोध कार्य के लिए एक टन पिटसब्लेड देने के लिए राजी हो गई। कई-कई टन रसायनिक पदार्थों को बड़े-बड़े पात्रों में उबालने और परिष्कार का काम शुरु हो गया। महीनों तक उबालते पदार्थों के भाप के सम्पर्क में रहने के कारण मेरी को टी.बी. और निमोनिया हो गया। अत्याधिक शारीरिक परिश्रम के बाद अंततः मेरी ने पोलोनियम नामक एक तत्व की खोज की। इसके कुछ ‘महीने बाद उन्होने रेडियम की भी खोज की। उनका यह शोध कार्य धैर्य, अध्यावसाय और आत्मोत्सर्ग की मिसाल है। 

8. मेरी क्यूरी की खोज मानव समाज के लिए किस तरह लाभकारी सिद्ध हुई ? 

उत्तर :- मेरी क्यूरी की खोज मानव समाज के लिए लाभकारी सिद्ध हुई। रेडियम चिकित्सा विज्ञान और रोगों की उपचार में एक क्रांनिकारी खोज साबित हुई। संयुक्त रूप से खोज की गई रोडियो धर्मी रश्मियों से कोई हीरा असली है या नकली इसका पता लगाया जा सकता है। इन रश्मियों की सहायता से मनुष्य के शरीर के अंदर के भाग को भी देखना संभव हो गया। उससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि रेडियम कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी पर भी बहुत प्रभावकारी है। प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान मेरी ने अपनी बेटी आइरीन के साथ मिलकर सचल एक्सरे इकाई का गठन किया और सेविका बनकर घायल सैनिकों की चिकित्सा की। 

अतिरिक्त प्रश्नोत्तर :

1. नोबेल पुरस्कार पाने वाली विश्व की प्रथम महिला वैज्ञानिक कौन है ? उन्हें किन क्षेत्रों में यह पुरस्कार दिया गया ? 

उत्तर :- नोबेल पुरस्कार पानेवाली विश्व की प्रथम महिला वैज्ञानिक है मैडम मेरी क्यूरी। उन्हें सन १९०३ ई० में भौतिक शास्त्र में और सन १९११ ई० रसायन शास्त्र में यह पुरस्कार दिया गया।

2. अंतराष्ट्रीय रसायन वर्ष कब घोषित किया गया और क्यों ? 

उत्तर :- मैडम मेरी क्यूरी को नोबेल पुरस्कार मिलने के एक सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर २०११ वर्ष को अंतराष्ट्रीय रसायन वर्ष घोषित किया गया।

3. डायनामाइट का आविष्कार किसने किया था ?

उत्तर :- अल्फ्रेड नोबेल ने डायनामाइट का आविष्कार किया था।

4. नोबेल पुरस्कार किन क्षेत्रों में दिया जाता है ? 

उत्तर :- भौतिक, रसायन क्षेत्र, चिकित्सा साहित्य, शांति, अर्थशास्त्र ।

5. नोबेल पुरस्कार को शुरु और स्थायी व्यवस्था करने का क्षेत्र किसे दिया जाता है ?

उत्तर :- महान वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल को ।

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