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NCERT Class 8 Social Science Important Chapter 2 भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण
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भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण
Chapter: 2
| Part – 1: Samaj Ka Aadhyan: Bharat or Uske Aage |
| IMPORTANT QUESTION ANSWER |
लघु प्रश्न और उत्तर:
1. कुतुब मीनार परिसर में स्थित ‘कुव्वत-उल-इस्लाम’ मस्जिद का निर्माण किसने शुरू करवाया था?
उत्तर: इसका निर्माण 13वीं शताब्दी के आरंभ में कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू करवाया था।
2. अलाउद्दीन खिलजी ने स्वयं को किस उपाधि से नवाजा था?
उत्तर: उसने अपने सिक्कों पर स्वयं को ‘सिकंदर सानी’ या ‘द्वितीय सिकंदर’ की उपाधि से नवाजा था।
3. मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से कहाँ स्थानांतरित की थी?
उत्तर: उसने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरि) स्थानांतरित की थी।
4. कोणार्क के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
उत्तर: इस मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी के मध्य में पूर्वी गंग क्षेत्र के शासक नरसिंहदेव प्रथम ने करवाया था।
5. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?
उत्तर: 14वीं शताब्दी में दो भाइयों, हरिहर और बुक्का ने विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की थी।
6. तालीकोटा का युद्ध कब और किसके बीच हुआ था?
उत्तर: यह युद्ध 1565 ई. में दक्कन सल्तनतों के गठबंधन और विजयनगर साम्राज्य (रामराय के नेतृत्व में) के बीच लड़ा गया था, जिसमें विजयनगर की हार हुई।
7. ‘आमुक्तमाल्यदा’ महाकाव्य की रचना किसने और किस भाषा में की?
उत्तर: इसकी रचना विजयनगर के शासक कृष्णदेवराय ने तेलुगु भाषा में की थी।
8. मुगल साम्राज्य की स्थापना किसने और कब की?
उत्तर: बाबर ने 1526 ई. में पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहिम लोदी को पराजित करके मुगल साम्राज्य की स्थापना की।
9. ‘सुलह-ए-कुल’ की नीति किसने अपनाई थी और इसका क्या अर्थ है?
उत्तर: यह नीति अकबर ने अपनाई थी, जिसका अर्थ है ‘सभी के साथ शांति’ या सभी पंथों के प्रति सहिष्णुता।
10. ‘जौहर’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: मध्यकाल में युद्ध में हार की स्थिति में राजपूत स्त्रियों द्वारा अपनी पवित्रता और सम्मान की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से अग्नि में स्वयं को समर्पित कर देना ‘जौहर’ कहलाता था।
11. हल्दीघाटी का युद्ध कब और किसके बीच हुआ था?
उत्तर: हल्दीघाटी का युद्ध 1576 में मुगल सेना और मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप के बीच हुआ था।
12. अहोम राज्य में ‘पाइक’ प्रणाली क्या थी?
उत्तर: यह एक प्रणाली थी जिसमें प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को भूमि अधिकारों के बदले राज्य को श्रम या सैन्य सेवा प्रदान करनी होती थी।
13. खालसा पंथ की स्थापना किसने की थी?
उत्तर: सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह ने 1699 में न्याय और आस्था की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना की।
14. सल्तनत काल में ‘इक्ता प्रणाली’ का क्या उपयोग था?
उत्तर: इस प्रणाली में कर वसूली के लिए कुलीनों (इक्तादारों) को क्षेत्र सौंपे जाते थे, जिससे प्राप्त राजस्व से सेना का रख-रखाव होता था।
15. ‘हुंडी’ प्रणाली क्या थी?
उत्तर: हुंडी एक प्रकार का लिखित निर्देश था जो मुद्रा का भौतिक परिवहन किए बिना व्यापारियों को राजनीतिक सीमाओं के पार धन हस्तांतरित करने में सक्षम बनाता था।
दीर्घ प्रश्न और उत्तर:
1. मुहम्मद बिन तुगलक की प्रमुख महत्वाकांक्षी योजनाएं क्या थीं और वे क्यों विफल हुईं?
उत्तर: मुहम्मद बिन तुगलक ने साम्राज्य विस्तार के बाद कई महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाईं जो दोषपूर्ण विधि से लागू होने के कारण विफल रहीं। पहली योजना अपनी राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरि) ले जाना थी, ताकि साम्राज्य पर बेहतर नियंत्रण हो, लेकिन लोगों को 1000 किलोमीटर दूर जाने के लिए विवश किया गया जिससे अपार जनहानि हुई और अंततः राजधानी वापस दिल्ली लानी पड़ी। दूसरी योजना ‘सांकेतिक मुद्रा’ थी, जिसमें सस्ते तांबे के सिक्कों को चाँदी और सोने के मूल्य के बराबर माना गया। इससे व्यापार में भ्रम उत्पन्न हुआ और लोगों ने नकली सिक्के बनाने शुरू कर दिए, जिससे अर्थव्यवस्था का भारी ह्रास हुआ।
2. अकबर की साम्राज्य विस्तार की रणनीतियों और धार्मिक सहिष्णुता की नीति का वर्णन करें।
उत्तर: अकबर ने सैन्य शक्ति के साथ-साथ राजनीतिक युक्तियों का प्रयोग करके अपने साम्राज्य को स्थिर किया। आरंभिक वर्षों में उसने क्रूरता भी दिखाई, जैसे चित्तौड़गढ़ किले पर विजय के बाद 30,000 नागरिकों के नरसंहार का आदेश देना। लेकिन बाद में उसने पड़ोसी राजपूत राज्यों की राजकुमारियों से विवाह संबंध स्थापित किए, ‘जज़िया’ कर समाप्त किया और ‘सुलह-ए-कुल’ (सभी के साथ शांति) की नीति अपनाई। उसने फतेहपुर सीकरी में एक ‘अनुवाद भवन’ स्थापित किया जहाँ ‘महाभारत’ (रज़्मनामा) और ‘रामायण’ जैसे ग्रंथों का फारसी में अनुवाद करवाया गया।
3. औरंगजेब की उन नीतियों का उल्लेख करें जिन्होंने मुगल साम्राज्य के पतन में योगदान दिया?
उत्तर: औरंगजेब एक कट्टर शासक था जिसने अपने शासन को बनाए रखने के लिए अपने पिता को बंदी बनाया और भाइयों की हत्या की। उसने अपने जीवन के अंतिम 25 वर्ष दक्कन में युद्ध करते हुए बिताए, जिससे साम्राज्य का राजकोष खाली हो गया और प्रशासन पर भारी दबाव पड़ा। उसकी कट्टर धार्मिक नीतियों ने गैर-मुस्लिमों पर ‘जज़िया’ और तीर्थयात्रा कर फिर से लगा दिया। उसने कई हिंदू और जैन मंदिरों तथा सिख गुरुद्वारों को नष्ट करने का आदेश दिया। उसने सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर का सिर कटवा दिया। इन नीतियों से जाटों, सिखों, अहोमों और राजपूतों ने विद्रोह कर दिए, जिससे अंततः साम्राज्य का पतन हुआ।
4. अहोम साम्राज्य ने मुगल सेना का प्रतिरोध कैसे किया और इसमें लचित बोरफुकन की क्या भूमिका थी?
उत्तर: अहोम साम्राज्य ने 17वीं शताब्दी में उत्तर-पूर्व में मुगल विस्तार का कड़ा प्रतिरोध किया। जब औरंगजेब ने मुग़ल सेना को अहोम राजधानी गिड़गांव पर कब्ज़ा करने भेजा, तो अहोमों ने घने जंगलों, नदियों और गुरिल्ला युद्धनीति का प्रयोग कर मुगलों को विफल कर दिया। 1671 में गुवाहाटी के निकट ब्रह्मपुत्र नदी पर लड़े गए ‘सरायघाट के युद्ध’ में अहोम सेनापति लचित बोरफुकन और उनके 10,000 सैनिकों ने 30,000 सैनिकों वाली विशाल मुगल सेना को बुरी तरह पराजित किया। अहोम सैनिकों की तीरंदाजी, नाव चलाने और तोप चलाने की बहुमुखी प्रतिभा ने उनकी स्वतंत्रता बनाए रखने में मदद की।
5. मुग़ल काल की प्रशासनिक और राजस्व प्रणाली (मनसबदारी और टोडरमल के सुधार) की व्याख्या करें।
उत्तर: अकबर ने एक कुशल प्रशासनिक ढाँचा स्थापित किया। दीवान वित्त का, मीर बख्शी सैन्य विषयों का और सदर न्याय व धार्मिक विषयों का प्रभारी था। अकबर ने ‘मनसबदारी’ प्रणाली शुरू की, जिसके अंतर्गत अधिकारियों (मनसबदारों) को अपने पद के अनुसार सैनिकों और घोड़ों की एक निश्चित संख्या रखनी होती थी, और इसके बदले उन्हें जागीर (भूमि) से राजस्व मिलता था (इन्हें जागीरदार कहा जाता था)। अकबर के वित्त मंत्री टोडरमल ने एक अत्यंत कुशल राजस्व प्रणाली लागू की। उन्होंने फसलों की पैदावार और कीमतों का विस्तृत सर्वेक्षण किया और हर फसल के लिए मूल्य निर्धारित किए, जिससे कृषि उत्पादकता और राज्य के राजस्व में वृद्धि हुई।
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