UP Board Class 12 Pedagogy Chapter 25 व्यक्तित्व एवं व्यक्तित्व परीक्षण

UP Board Class 12 Pedagogy Chapter 25 व्यक्तित्व एवं व्यक्तित्व परीक्षण Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters UP Board Class 12 Pedagogy Chapter 25 व्यक्तित्व एवं व्यक्तित्व परीक्षण Notes and select need one. UP Board Class 12 Pedagogy Chapter 25 व्यक्तित्व एवं व्यक्तित्व परीक्षण Question Answers Download PDF. UP Board Study Material of Class 12 Pedagogy.

UP Board Class 12 Pedagogy Chapter 25 व्यक्तित्व एवं व्यक्तित्व परीक्षण

Join Telegram channel
Follow us:
facebook sharing button
whatsappp sharing button
instagram sharing button

Also, you can read the UPMSP book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) Book guidelines. These solutions are part of UP Board All Subject Solutions. Here we have given UP Board Class 12 Pedagogy Hindi Medium Solutions, UP Board of Secondary Education Course Pedagogy Notes in Hindi for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 25

खण्ड ‘ख’ शिक्षा मनोविज्ञान

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

1. व्यक्तित्व का अर्थ स्पष्ट कीजिए तथा परिभाषा निर्धारित कीजिए। 

या

व्यक्तित्व का क्या अर्थ है तथा इसकी परिभाषा भी दीजिए। व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए। 

उत्तर: व्यक्तित्व का अर्थ और परिभाषा:

अर्थ: व्यक्तित्व किसी व्यक्ति की विशिष्ट मानसिक, सामाजिक और शारीरिक गुणों का समष्टि रूप है, जो उसके व्यवहार, सोच, भावनाओं और कार्यों में व्यक्त होता है। सरल शब्दों में, व्यक्तित्व वह है जो व्यक्ति को अन्य व्यक्तियों से अलग और विशिष्ट बनाता है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Join Now

परिभाषा: गॉर्डन ऑलपोर्ट के अनुसार: “व्यक्तित्व वह विशिष्ट और स्थायी मानसिक संरचना और प्रक्रियाओं का समूह है, जो किसी व्यक्ति के व्यवहार को निर्धारित करता है।”

ए. के. मैकडॉगल के अनुसार: “व्यक्तित्व वह है जो व्यक्ति के आचरण, सोच और भावनाओं को निरंतर प्रभावित करता है और उसे समाज में पहचान दिलाता है।”

व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक: व्यक्तित्व केवल जन्मजात गुणों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इसे कई कारक प्रभावित करते हैं। मुख्य कारक निम्नलिखित हैं:

(i) जन्मजात (Genetic) कारक:

शरीर की बनावट, शारीरिक स्वास्थ्य, मस्तिष्क की क्षमता आदि।

माता-पिता से प्राप्त गुण और प्रवृत्तियाँ।

(ii) पर्यावरणीय (Environmental) कारक:

पारिवारिक वातावरण, माता-पिता का दृष्टिकोण।

मित्र समूह, स्कूल, सामाजिक परिवेश और सांस्कृतिक प्रभाव।

(iii) शैक्षिक और अनुभवजन्य कारक:

शिक्षा और जीवन में प्राप्त अनुभव व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सफलता, असफलता और अनुभव से सीखने की प्रक्रिया।

(iv) सामाजिक और आर्थिक कारक:

सामाजिक स्थिति, आर्थिक स्थिति और जीवनशैली व्यक्तित्व को प्रभावित करती है।

(v) व्यक्तिगत प्रवृत्तियाँ और मानसिकता:

किसी व्यक्ति के रुचि, लक्ष्य, आत्मविश्वास, स्वभाव और मनोवृत्ति।

सारांश: व्यक्तित्व किसी व्यक्ति की अद्वितीयता का परिचायक है, जिसे जन्मजात गुणों और अनुभवजन्य तथा सामाजिक कारकों का मिश्रण बनाता है।

2. सन्तुलित व्यक्तित्व की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: सन्तुलित व्यक्तित्व की मुख्य विशेषताएँ (संक्षिप्त):

(i) आत्म-विश्वास: अपने क्षमताओं में विश्वास।

(ii) आत्म-नियंत्रण: भावनाओं और आवेगों पर नियंत्रण।

(iii) सकारात्मक दृष्टिकोण: समस्याओं का समाधान खोजने की प्रवृत्ति।

(iv) सामाजिक कौशल: दूसरों के साथ अच्छे संबंध और सहयोग।

(v) नैतिकता: ईमानदारी और नैतिक मूल्यों का पालन।

(vi) लचीलापन: परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता।

(vii) संतुलित मानसिकता: व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारियों में संतुलन।

3. व्यक्तित्व परीक्षण की मुख्य विधियाँ कौन-कौन-सी हैं? व्यक्तित्व परीक्षण की वैयक्तिक विधियों का सामान्य विवरण प्रस्तुत कीजिए।

या

व्यक्तित्व मापन की प्रमुख विधियों का वर्णन कीजिए। 

या

व्यक्तित्व परीक्षण के कौन-कौन से प्रकार हैं? इनमें से किसी एक की विवेचना कीजिए।

या

व्यक्तित्व मापन के विभिन्न प्रकार बताइए और उनमें से किसी एक विधि का वर्णन कीजिए।

उत्तर: व्यक्तित्व परीक्षण की मुख्य विधियाँ:

व्यक्तित्व मापन के लिए विभिन्न प्रकार की विधियाँ अपनाई जाती हैं। इन्हें मुख्यतः दो भागों में बाँटा जा सकता है: वैयक्तिक (Individual) विधियाँ और समूह (Group) विधियाँ।

मुख्य विधियाँ (Types of Personality Assessment Methods):

(i) वैयक्तिक विधियाँ (Individual Methods):

यह विधियाँ एक-एक व्यक्ति पर केंद्रित होती हैं।

परीक्षणकर्ता व्यक्तिगत रूप से व्यक्ति के व्यवहार, सोच और भावनाओं का अवलोकन करता है।

उदाहरण: साक्षात्कार, प्रोजेक्टिव तकनीक, प्रश्नावली।

(ii) समूह विधियाँ (Group Methods):

इसमें एक साथ कई व्यक्तियों का परीक्षण किया जा सकता है।

यह विधियाँ समय और संसाधनों की दृष्टि से अधिक प्रभावी होती हैं।

उदाहरण: स्वयं-प्रतिवेदन प्रश्नावली (Self-Report Questionnaires), समूह प्रोजेक्टिव परीक्षण।

वैयक्तिक विधियों का सामान्य विवरण (Individual Methods):

(i) साक्षात्कार (Interview):

व्यक्ति से प्रत्यक्ष बातचीत के माध्यम से जानकारी एकत्रित की जाती है।

इसमें खुला या संरचित प्रश्नावली का प्रयोग किया जा सकता है।

व्यक्ति के व्यवहार, सोच, भावना और सामाजिक दृष्टिकोण का मूल्यांकन किया जाता है।

(ii) प्रोजेक्टिव तकनीक (Projective Techniques):

व्यक्ति को अस्पष्ट या खुली स्थिति दी जाती है और उसके प्रतिक्रिया के आधार पर व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाता है।

उदाहरण: Rorschach Inkblot Test, Thematic Apperception Test (TAT)।

यह व्यक्ति के अवचेतन विचारों और भावनाओं को उजागर करती हैं।

(iii) प्रश्नावली (Questionnaire):

इसमें व्यक्ति से लिखित रूप में जानकारी प्राप्त की जाती है।

प्रश्नावली विभिन्न व्यक्तित्व पहलुओं जैसे व्यवहार, रुचि, भावनात्मक स्थिति आदि पर आधारित होती हैं।

4. व्यक्तित्व परीक्षण की मुख्य वस्तुनिष्ठ विधियों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: व्यक्तित्व परीक्षण की मुख्य वस्तुनिष्ठ विधियाँ (संक्षिप्त):

(i) प्रश्नावली विधि: लिखित प्रश्नों के उत्तर “हाँ” या “नहीं” में दिए जाते हैं।

(ii) स्वयं-विवरण विधि: व्यक्ति अपने व्यवहार और भावनाओं का स्वयं वर्णन करता है।

(iii) मापन सूची (रेटिंग स्केल): परीक्षक व्यक्ति के व्यवहार को पैमाने पर मापता है।

(iv) स्थिति परीक्षण: व्यक्ति को विशेष परिस्थिति में रखकर उसका व्यवहार देखा जाता है।

(v) सूची या इन्वेंटरी विधि: विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से व्यक्तित्व के अनेक पहलुओं का मापन।

5. व्यक्तित्व परीक्षण की मुख्य प्रक्षेपण विधियों का सामान्य परिचय प्रस्तुत कीजिए।

या

व्यक्तिस्व मापन की प्रक्षेपी विधियों से क्या तात्पर्य है? इनमें से किसी एक विधि का विस्तृत वर्णन कीजिए।

या

व्यक्तित्व मापन की किसी एक विधि की व्याख्या कीजिए।

उत्तर: प्रक्षेपण (Projective) विधियों का सामान्य परिचय (संक्षिप्त):

प्रक्षेपण विधियों में व्यक्ति को अस्पष्ट चित्र, शब्द या स्थितियाँ दी जाती हैं, जिन पर उसकी प्रतिक्रिया से अवचेतन भावनाएँ और विचार प्रकट होते हैं। ये विधियाँ व्यक्तित्व के छिपे पहलुओं को जानने में सहायक होती हैं।

मुख्य प्रक्षेपण विधियाँ:

(i) रॉर्शाक इंकब्लॉट टेस्ट: 10 स्याही के धब्बों पर व्यक्ति की प्रतिक्रिया से उसके विचार और कल्पनाएँ ज्ञात होती हैं।

(ii) थीमैटिक एपरसेप्शन टेस्ट (TAT): अस्पष्ट चित्रों पर कहानी बनवाकर व्यक्ति की इच्छाएँ और भावनाएँ जानी जाती हैं।

(iii) वाक्य पूर्णता परीक्षण: अधूरे वाक्यों को पूरा करने से व्यक्ति की सोच और मनोभाव प्रकट होते हैं।

(iv) चित्र निर्माण परीक्षण: व्यक्ति द्वारा बनाए गए चित्र से उसकी भावनात्मक स्थिति जानी जाती है।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This will close in 0 seconds

Scroll to Top