UP Board Class 12 Pedagogy Chapter 19 प्रेरणा एवं शिक्षा

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UP Board Class 12 Pedagogy Chapter 19 प्रेरणा एवं शिक्षा

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Also, you can read the UPMSP book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) Book guidelines. These solutions are part of UP Board All Subject Solutions. Here we have given UP Board Class 12 Pedagogy Hindi Medium Solutions, UP Board of Secondary Education Course Pedagogy Notes in Hindi for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 19

खण्ड ‘ख’ शिक्षा मनोविज्ञान

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

1. प्रेरणा का अर्थ स्पष्ट कीजिए तथा परिभाषा निर्धारित कीजिए। प्रेरणा के मुख्य स्रोतों का भी उल्लेख कीजिए।

या

अभिप्रेरणा से आप क्या समझते हैं? 

उत्तर: प्रेरणा का अर्थ एवं परिभाषा:

प्रेरणा या अभिप्रेरणा वह मानसिक क्रिया है, जो किसी प्रकार के व्यवहार को प्रेरित करती है। दूसरे शब्दों में, प्रेरणा मानसिक तत्परता की वह स्थिति है, जो व्यक्ति को कार्य में नियोजित करती है और किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अग्रसर करती है। इस प्रकार मनोवैज्ञानिक अर्थ में प्रेरणा एक प्रकार की आन्तरिक उत्तेजना है, जिस पर हमारा व्यवहार आधारित रहता है अथवा जो हमें कार्य करने के लिए प्रेरित करती है और लक्ष्य प्राप्ति तक चलती रहती है। कोई व्यक्ति कार्य क्यों करता है ? भोजन क्यों करता है ? प्रेम या घृणा क्यों करता है ? आदि प्रश्नों का सम्बन्ध प्रेरणा से है। इस प्रकार प्रेरणा एक प्रकार की आन्तरिक शक्ति है, जो हमें कार्य करने के लिए प्रेरित को बाध्य करती है।

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प्रेरणा के मुख्य स्रोत:

(i) जैविक आवश्यकताएँ: जैसे – भूख, प्यास, नींद, सुरक्षा, यौन आवश्यकता आदि।

(ii) सामाजिक आवश्यकताएँ: जैसे – सहयोग, प्रतिस्पर्धा, प्रतिष्ठा, स्वीकृति, नेतृत्व आदि।

(iii) मनोवैज्ञानिक आवश्यकताएँ: जैसे – जिज्ञासा, ज्ञान प्राप्ति, सफलता की आकांक्षा, आत्म-सम्मान आदि।

(iv) पुरस्कार एवं दंड: सफलता पर प्रशंसा या पुरस्कार मिलने से प्रेरणा बढ़ती है, जबकि दंड अनुचित व्यवहार को रोकता है।

(v) पर्यावरणीय परिस्थितियाँ: जैसे – अच्छा शिक्षण वातावरण, शिक्षक का व्यवहार, परिवार का सहयोग आदि भी प्रेरणा बढ़ाते हैं।

2. सीखने में प्रेरणा के स्थान एवं महत्त्व का उल्लेख कीजिए। या प्रेरणा क्या है? सीखने के लिए प्रेरणा आवश्यक है। इस कथन की पुष्टि कीजिए।

या

प्रेरणा की उपयुक्त परिभाषा दीजिए। सीखने में प्रेरणा का क्या योगदान है? 

या

प्रेरणा सीखने के लिए अनिवार्य है।” इस कथन की विवेचना कीजिए। 

उत्तर: प्रेरणा का अर्थ: प्रेरणा वह आन्तरिक शक्ति है जो व्यक्ति को किसी कार्य को करने के लिए सक्रिय और उत्साहित करती है। यह व्यक्ति के व्यवहार को दिशा, गति और निरंतरता प्रदान करती है।

परिभाषा: 

क्रो और क्रो (Crow & Crow): “प्रेरणा वह प्रक्रिया है जो किसी व्यक्ति के व्यवहार को किसी विशेष दिशा में सक्रिय करती है।”

सीखने में प्रेरणा का स्थान और महत्त्व:

(i) प्रेरणा लक्ष्य की ओर ले जाती है: सीखने की प्रक्रिया तभी सफल होती है जब विद्यार्थी के अंदर ज्ञान प्राप्ति की इच्छा और सीखने की उत्सुकता हो।

(ii) प्रयास और लगन बढ़ाती है: प्रेरित विद्यार्थी कठिनाइयों और असफलताओं के बावजूद प्रयास करते रहते हैं और सीखने में स्थायित्व आता है।

(iii) सीखने को रुचिकर बनाती है: प्रेरणा के कारण विद्यार्थी विषय में रुचि रखते हैं, ध्यान लगाते हैं और सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भाग लेते हैं।

(iv) नए ज्ञान और कौशल के विकास में सहायक: प्रेरणा के अभाव में विद्यार्थी केवल औपचारिक क्रियाएँ ही करता है, वास्तविक सीखना नहीं होता।

(v) आत्मविश्वास और उपलब्धि की भावना बढ़ाती है: प्रेरित विद्यार्थी सीखने के प्रयास में सफलता प्राप्त करते हैं और आत्म-सम्मान व आत्म-विश्वास का विकास होता है।

3. बालकों को प्रेरित करने की मुख्य विधियों का उल्लेख कीजिए।

या

शिक्षा में प्रेरणा प्रदान करने की विधियों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: बालकों को प्रेरित करने की मुख्य विधियाँ:

(i) रुचि उत्पन्न करना – विषय को रोचक और जीवन से जोड़ना।

(ii) प्रशंसा व पुरस्कार – अच्छे कार्य पर सराहना देना।

(iii) प्रतिस्पर्धा की भावना – स्वस्थ प्रतियोगिता से उत्साह बढ़ाना।

(iv) सफलता का अनुभव – छोटे कार्यों में सफलता दिलाना।

(v) आदर्श प्रस्तुत करना – शिक्षक का आदर्श व्यवहार।

(vi) प्रोत्साहन देना – निरंतर सहयोग व हौसला बढ़ाना।

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