UP Board Class 12 Pedagogy Chapter 20 रुचि, अवधान तथा शिक्षा

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UP Board Class 12 Pedagogy Chapter 20 रुचि, अवधान तथा शिक्षा

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Chapter: 20

खण्ड ‘ख’ शिक्षा मनोविज्ञान

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

1. रुचि का अर्थ स्पष्ट कीजिए तथा परिभाषा निर्धारित कीजिए। बालकों में रुचि उत्पन्न करने के उपायों को भी स्पष्ट कीजिए।

या

रुचि क्या है? विषय-वस्तु में रुचि पैदा करने के लिए अध्यापक को कौन-से उपाय करने चाहिए? स्पष्ट कीजिए।

या

रुचि से आप क्या समझते हैं? सीखने में रुचि के महत्त्व की विवेचना कीजिए। 

या

रुचि के स्वरूप पर प्रकाश डालिए। किसी पाठ को पढ़ाते समय अध्यापक अपने छात्रों पर किस प्रकार रुचि उत्पन्न कर सकता है?

या

वे कौन-से कारक हैं जो रुचियों के निर्माण को आगे बढ़ाते हैं? 

या

रुचिसे आप क्या समझते हैं?”रुचि सीखने की वह दशा है जो अध्यापक और विद्यार्थी दोनों के लिए आवश्यक है।” इस कथन की विवेचना कीजिए।

या

रुचि क्या है? क्या यह जन्मजात अथवा अर्जित होती है? अधिगम में इसके महत्त्व की विवेचना कीजिए।

या

रुचि का अर्थ स्पष्ट कीजिए। छात्रों में रुचि उत्पन्न करने की विधियों का वर्णन कीजिए। 

उत्तर: रुचि का अर्थ, परिभाषा एवं उत्पन्न करने के उपाय:

अर्थ: रुचि (Interest) का अर्थ है किसी कार्य, विषय या वस्तु के प्रति व्यक्ति का स्वाभाविक आकर्षण। जब व्यक्ति किसी कार्य को खुशी और लगन से करता है, तो कहा जाता है कि उसे उसमें रुचि है।

परिभाषाएँ:

(i) क्रो और क्रो – “रुचि किसी व्यक्ति की वह प्रवृत्ति है जो उसे किसी कार्य की ओर प्रेरित करती है।”

(ii) ड्रायर – “रुचि वह मानसिक अवस्था है जिसमें व्यक्ति किसी वस्तु या कार्य के प्रति विशेष लगाव अनुभव करता है।”

बालकों में रुचि उत्पन्न करने के उपाय:

(i) शिक्षण को रोचक व जीवन से संबंधित बनाना।

(ii) चित्र, कहानी, खेल, मॉडल आदि का प्रयोग।

(iii) विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करना।

(iv) प्रशंसा, पुरस्कार व प्रोत्साहन देना।

(v) शिक्षक का उत्साही एवं प्रेरक व्यवहार।

(vi) विषय को विद्यार्थियों की क्षमता के अनुरूप रखना।

2. अवधान का अर्थ स्पष्ट कीजिए तथा परिभाषा निर्धारित कीजिए। अवधान की विशेषताओं का भी विवरण प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर: अवधान का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ:

अर्थ: अवधान (Attention) का अर्थ है— मन का किसी एक वस्तु, कार्य या विचार पर केन्द्रित होना और अन्य वस्तुओं से विचलित न होना।

परिभाषाएँ:

(i) जेम्स – “अवधान वह दशा है जिसमें मन किसी एक वस्तु पर केन्द्रित होकर अन्य सबको अनदेखा कर देता है।”

(ii) टिचनर – “अवधान चेतना का वह केन्द्र है जो मन को किसी वस्तु की ओर एकाग्र करता है।”

विशेषताएँ:

(i) यह मानसिक क्रिया है।

(ii) यह सीमित एवं चयनात्मक होती है।

(iii) यह परिवर्तनशील होती है।

(iv) यह शिक्षण की आवश्यक शर्त है।

(v) यह रुचि और प्रेरणा से प्रभावित होती है।

3. अवधान में सहायक दशाओं का वर्णन कीजिए।

या

अवधान केन्द्रित करने में सहायक बाह्य तथा आन्तरिक दशाओं का सामान्य विवरण प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर: अवधान में सहायक दशाएँ:

बाह्य दशाएँआन्तरिक दशाएँ
(i) वस्तु की नवीनता और आकर्षण।(i) व्यक्ति की रुचि और आवश्यकता।
(ii) वस्तु का आकार, रंग और गति।(ii) मानसिक अवस्था व स्वास्थ्य।
(iii) शिक्षण का वातावरण और अनुशासन।(iii) अनुभव, अभिप्रेरणा और भावनाएँ।

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