NIOS Class 12 Biology Chapter 22 आनुवंशिकी के सिद्धांत Solutions Hindi Medium to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Biology Chapter 22 आनुवंशिकी के सिद्धांत Notes and select need one. NIOS Class 12 Biology Chapter 22 आनुवंशिकी के सिद्धांत Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Biology Notes Paper 314.
NIOS Class 12 Biology Chapter 22 आनुवंशिकी के सिद्धांत
Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 12 Biology Hindi Medium Solutions, NIOS Senior Secondary Course Biology Notes in Hindi for All Chapter, You can practice these here.
आनुवंशिकी के सिद्धांत
Chapter: 22
| मॉड्यूल – III: जनन एवं आनुवंशिकी |
पाठगत प्रश्न 22.1
1. किसे आनुवंशिकी का जनक कहा जाता है और क्यों?
उत्तर: ग्रेगर जॉन मंडल, वंशागति के सिद्धांतों के प्रथम प्रतिपादक।
2. निम्न में अन्तर बताये।
(क) समयुग्मजी व विषमयुग्मजी।
उत्तर: सहयुग्मजी – एक गुण के समान ऐलील वाले।
विषमयुग्मजी – एक गुण के असमान ऐलील वाले।
(ख) प्रभावी व अप्रभावी।
उत्तर: प्रभावी – सहयुग्मजी व विपमयुग्मजी दोनों स्थितियों में अभिव्यक्ति पाने वाले ऐलीलें।
(ग) जीनप्ररूप (जीनोटाइप) और लक्षणप्ररूप (फीनोटाइप)।
उत्तर: जीनप्ररूपी (जीनोटाइप- Genotype) – एक व्यष्टि की जीनी संरचना।
लक्षणप्ररूपी (फीनोटाइप- Phenotype) – एक जीन की बाह्य अभिव्यक्ति।
(घ) एक संकर क्रॉस व द्विसंकर क्रॉस।
उत्तर: एकसंकर क्रॉस – एक जोड़ी विपरीत लक्षणों वाले दो जनकों के बीच क्रॉस।
द्विसंकर क्रॉस – दो जोड़ी विपरीत लक्षणों वाले दो जनकों के बीच क्रॉस
3. वंशागति व विविधता को परिभाषित करें।
उत्तर: वंशागति एक – पीढ़ी से आगामी पीढ़ी में लक्षणों का संचरण
भिन्नता – एक ही प्रजाति के सदस्यों के बीच अंतर
4. एक संकर व द्विसंकर लक्षणप्ररूप (फीनोटाइप) अनुपात बतायें।
उत्तर: एक संकर अनुपात 3:1 द्विसंकर अनुपात 9 : 3 : 3 : 1
5. विविधता के दो स्रोत बतायें।
उत्तर: उत्परिवर्तन, पुनर्योजन।
पाठगत प्रश्न 22.2
1. परिभाषित करें।
1. युग्मविकल्पी (ऐलील) ___________________।
उत्तर: ऐलीलें एक जीन के विभिन्न रूप।
2. सहप्रभाविता ___________________।
उत्तर: दोनों ऐलीलें एक प्रभावी फीनोटाइप के रूप में अभिव्यक्ति पाते हैं।
3. बहुजीन ___________________।
उत्तर: एक ही लक्षण को नियंत्रित करने वाले बहुत से जीन।
4. घातक जीन ___________________।
उत्तर: जिनकी व्यष्टि में उपस्थिति घातक सिद्ध होती है।
2. निम्न में किस प्रकार की वंशागति पायी जाती है?
1. मानव में रक्त समूह ___________________।
उत्तर: सहप्रभाविता व बहुल एलीले (multiple alleles)।
2. स्नैपड्रैगन के फूल का रंग ___________________।
उत्तर: अपूर्ण प्रभाविता।
3. गेहूँ के दाने का रंग ___________________।
उत्तर: बहुजीवी वंशागति।
4. मानव त्वचा का रंग ___________________।
उत्तर: बहुजीवी (बहुकारकीय) वंशागति।
3. अपूर्ण वंशागति में एक संकर लक्षणप्ररुपी (फीनोटाइपिक) अनुपात (phenotypic monohybrid ratio) बताइए।
उत्तर: 1:2:1
पाठगत प्रश्न 22.3
1. जीन क्या है और ये कहाँ स्थित होते हैं?
उत्तर: जीन DNA के खण्ड हैं ये गुणसूत्र में स्थित होते हैं।
2. वंशागति के गुणसूत्र सिद्धांत का प्रतिपादन करने वाले वैज्ञानिकों का नाम बतायें।
उत्तर: सटन तथा बोवरी।
3. परिभाषित करें—
(i) सहलग्नता।
उत्तर: एक ही गुणसूत्र पर मौजूद जीनों के जिस समूह में एक साथ वंशागत होने की प्रवृत्ति होती है, उसे सहलग्न समूह (Linkage group) कहते हैं।
(ii) क्रॉसिंग ओवर।
उत्तर: एक समजात युग्म के दो क्रोमेटिडों के बीच जीनों का टूटना व विनिमय क्रॉसिंग ओवर कहलाता है।
4. दो समजात गुणसूत्रों के बीच काइएमा (Chiasma) निर्माण से जीन विनिमय कब होता है?
उत्तर: मीओसिस की प्रावस्था I के दौरान।
5. मानव मादा को समयुग्मकी लिंग की संज्ञा क्यों दी जाती है?
उत्तर: मानव मादा केवल एक प्रकार के युग्मक (गैमीट) उत्पन्न करती है।
6. एक वर्णाध पुरुष की शादी एक सामान्य स्त्री से होती है जिसके माता-पिता दोनों सामान्य हैं। क्या उनका कोई पुत्र वर्णाध होगा? यदि नहीं तो क्यों?
उत्तर: नहीं, उनका पुत्र वर्णाध नहीं होगा।
क्योंकि वर्णाधता X-लिंक्ड अप्रभावी लक्षण है। पुत्र को Y गुणसूत्र पिता से और X गुणसूत्र माता से मिलता है। माता सामान्य है (और उसके माता-पिता भी सामान्य हैं), इसलिए वह दोषपूर्ण जीन की वाहक नहीं होगी। अतः पुत्र को दोषयुक्त X नहीं मिलेगा, इसलिए वह वर्णाध नहीं होगा।
7. प्रवाह चार्ट की सहायता से पक्षियों और स्तनधारियों में लिंग निर्धारण का अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर: (क) स्तनधारी (मनुष्य आदि):
माता = XX
पिता = XY
शुक्राणु → X या Y
अंडाणु → केवल X
X (पिता) + X (माता) = XX → लड़की
Y (पिता) + X (माता) = XY → लड़का
→ लिंग निर्धारण पिता पर निर्भर
(ख) पक्षी (मुर्गी आदि):
नर = ZZ
मादा = ZW
शुक्राणु → केवल Z
अंडाणु → Z या W
Z (नर) + Z (मादा) = ZZ → नर
Z (नर) + W (मादा) = ZW → मादा
→ लिंग निर्धारण माता पर निर्भर
8. एक ऐसे कीट का नाम बताएं जिसमें सभी नर अनिषेकजनन विधि से उत्पन्न होते हैं।
उत्तर: मधुमक्खी।
9. मधुमक्खी में ‘नर के पिता नहीं होते और उनके पुत्र नहीं’ हो सकते लेकिन पितामहो (grandfather) होते हैं। इस कथन की सार्थकता सिद्ध करें।
उत्तर: मधुमक्खियों में नर (ड्रोन) अनिषेचित अंडों से बनते हैं, इसलिए उनका कोई पिता नहीं होता।
नर मधुमक्खी स्वयं शुक्राणु नहीं बनाता जिससे पुत्र उत्पन्न हों, इसलिए उसके पुत्र नहीं होते।
लेकिन उसकी माता (रानी) का पिता होता है, इसलिए नर का पितामह (नाना) होता है।
10. पक्षियों में कौन-सा लिंग विषमयुग्मी (helerogametic) होता है?
उत्तर: मादा (ZW)।

Hi! my Name is Parimal Roy. I have completed my Bachelor’s degree in Philosophy (B.A.) from Silapathar General College. Currently, I am working as an HR Manager at Dev Library. It is a website that provides study materials for students from Class 3 to 12, including SCERT and NCERT notes. It also offers resources for BA, B.Com, B.Sc, and Computer Science, along with postgraduate notes. Besides study materials, the website has novels, eBooks, health and finance articles, biographies, quotes, and more.


