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NCERT Class 8 Social Science Important Chapter 6 संसदीय प्रणाली-विधायिका और कार्यपालिका
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संसदीय प्रणाली-विधायिका और कार्यपालिका
Chapter: 6
| Part – 1: Samaj Ka Aadhyan: Bharat or Uske Aage |
| IMPORTANT QUESTION ANSWER |
लघु उत्तरीय प्रश्न:
1. भारतीय संसद के दो सदनों के नाम क्या हैं?
उत्तर: भारतीय संसद के दो सदन हैं – लोकसभा (निचला सदन) और राज्यसभा (उच्च सदन)।
2. लोकसभा के सदस्यों का चुनाव कैसे होता है?
उत्तर: लोकसभा के सदस्यों का निर्वाचन भारत की जनता द्वारा प्रत्यक्ष मतदान (सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार) के माध्यम से किया जाता है।
3. राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर: राज्यसभा के सांसदों का चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।
4. लोकसभा और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारियों को क्या कहा जाता है?
उत्तर: लोकसभा के पीठासीन अधिकारी को ‘स्पीकर’ (अध्यक्ष) और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी को ‘सभापति’ (जो भारत के उपराष्ट्रपति होते हैं) कहा जाता है।
5. ‘विधेयक’ किसे कहते हैं?
उत्तर: विधेयक किसी प्रस्तावित कानून का प्रारूप होता है जिसे कानून बनने से पूर्व संसद द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक होता है।
6. संघीय कार्यपालिका में कौन-कौन शामिल होते हैं?
उत्तर: संघीय कार्यपालिका में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद शामिल होते हैं।
7. ‘सेंगोल’ किसका प्रतीक है?
उत्तर: ‘सेंगोल’ सत्ता के हस्तांतरण और धर्मसम्मत तथा न्यायपूर्ण शासन का एक शक्तिशाली प्रतीक है।
8. धन विधेयक किस सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है?
उत्तर: धन विधेयक (जो वित्तीय मामलों जैसे कर निर्धारण आदि से संबंधित होता है) केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
9. राज्य विधानमंडल (State Legislature) के दो सदन कौन से होते हैं?
उत्तर: राज्य विधानमंडल के निम्न सदन को ‘विधान सभा’ और उच्च सदन को ‘विधान परिषद’ कहा जाता है।
10. समवर्ती सूची (Concurrent List) क्या है?
उत्तर: समवर्ती सूची में वे विषय सम्मिलित हैं जिन पर संघ (केंद्र) और राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं।
11. न्यायपालिका का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: न्यायपालिका देश के कानूनों की व्याख्या करने, क्रियान्वयन करने और विवादों का निपटारा करने के लिए उत्तरदायी है।
12. ‘प्रश्नकाल’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: लोकसभा में सामान्यतः संसद सत्र का पहला घंटा ‘प्रश्नकाल’ होता है, जिसमें सांसद मंत्रीगण से सरकारी नीतियों और गतिविधियों से संबंधित प्रश्न पूछते हैं।
13. संसद सामान्यतः साल में कितनी बार बैठती है और उन सत्रों के नाम क्या हैं?
उत्तर: संसद साल में तीन बार बैठती है, जिन्हें बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र कहा जाता है।
14. राज्य की कार्यपालिका का वास्तविक प्रमुख कौन होता है?
उत्तर: राज्य में राज्यपाल औपचारिक प्रमुख होता है, परंतु वास्तविक कार्यकारी प्रमुख मुख्यमंत्री होता है।
15. भारत के किन राज्यों में द्विसदनीय विधानमंडल (विधान परिषद) है?
उत्तर: आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में द्विसदनीय व्यवस्था है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:
1. संसद में कानून निर्माण की प्रक्रिया (विधेयक से अधिनियम तक) का वर्णन करें।
उत्तर: कानून बनाने के लिए सबसे पहले एक प्रस्तावित कानून का प्रारूप तैयार किया जाता है जिसे ‘विधेयक’ कहते हैं। इसकी प्रक्रिया में कई चरण होते हैं:
वाचन: विधेयक की विषय-वस्तु सांसदों को बताई जाती है।
चर्चा और समिति को प्रेषण: विधेयक पर खंड-दर-खंड चर्चा होती है और आवश्यकता पड़ने पर इसका गहन अध्ययन करने के लिए इसे स्थायी समिति के पास भेजा जाता है।
मतदान: दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में इस पर चर्चा और मतदान होता है।
राष्ट्रपति की स्वीकृति: दोनों सदनों से पारित होने के बाद यह राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए जाता है। हस्ताक्षर होने के बाद यह अधिनियम (कानून) बन जाता है और राजपत्र में प्रकाशित होता है।
2. विधायिका और कार्यपालिका के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
उत्तर: विधायिका और कार्यपालिका के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:
संरचना: विधायिका देश का सर्वोच्च विधायी निकाय है जिसमें राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं। वहीं कार्यपालिका में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद शामिल होते हैं।
भूमिका और कार्य: विधायिका का मुख्य काम कानून बनाना, कार्यपालिका के कार्यों की देख-रेख करना और वित्तीय बजट को अनुमोदित करना है। कार्यपालिका का काम विधायिका द्वारा निर्मित कानूनों को लागू करना, देश का दैनिक प्रशासन चलाना और संसद में विधेयक प्रस्तुत करना है।
जवाबदेही: कार्यपालिका अपने कार्यों और निर्णयों के लिए विधायिका (विशेषकर लोकसभा) के प्रति उत्तरदायी होती है।
3. प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की मुख्य भूमिकाएँ क्या हैं?
उत्तर: प्रधानमंत्री संसदीय व्यवस्था में वास्तविक कार्यकारी प्राधिकारी होते हैं। इनकी प्रमुख भूमिकाएँ हैं:
(i) मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करना और विभिन्न मंत्रालयों के कार्यों का समन्वय करना।
(ii) राष्ट्रपति को परामर्श देना।
(iii) राष्ट्रीय नीतियों को आकार देना और सरकार को सुचारु रूप से चलाना।
(iv) प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होते हैं और संसद में अधिकांश विधेयक इन्हीं के द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं।
4. संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में क्या अंतर है?
उत्तर: संविधान ने केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन सूचियों के माध्यम से किया है:
संघ सूची: इस सूची के विषयों पर केवल संघ (केंद्र) सरकार ही कानून बना सकती है।
राज्य सूची: इस सूची के विषयों पर केवल राज्य सरकारें कानून बना सकती हैं।
समवर्ती सूची: इसमें वे विषय आते हैं जिन पर संघ और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं। परंतु विवाद या टकराव की स्थिति में यदि संघ सरकार कोई कानून बना देती है, तो राज्य सरकार को उसका पालन करना अनिवार्य होता है (जैसे- शिक्षा का अधिकार)।
5. न्यायपालिका सरकार पर किस प्रकार नियंत्रण और संतुलन रखती है?
उत्तर: (i) न्यायपालिका सरकार का वह अंग है जो संविधान के रक्षक के रूप में कार्य करती है।
(ii) यह सुनिश्चित करती है कि विधायिका और कार्यपालिका संविधान के सिद्धांतों का पालन करें।
(iii) यदि संसद द्वारा पारित कोई कानून संवैधानिक ढाँचे का उल्लंघन करता है, तो न्यायपालिका उसकी जाँच कर सकती है।
(iv) कार्यपालिका द्वारा कानूनों के कार्यान्वयन में यदि संविधान का उल्लंघन होता है, तो न्यायपालिका उसमें हस्तक्षेप कर सकती है और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है।
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