Class 9 Ambar Bhag 1 Chapter 15 वे भूले नहीं जा सकते

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Class 9 Hindi (MIL) Ambar Bhag 1 Chapter 15 वे भूले नहीं जा सकते

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वे भूले नहीं जा सकते

पाठ – 15

Group – B: पद्य खंड

लेखक–संबंधी प्रशन एवं उत्तर:

(क) कामाख्या प्रसाद त्रिपाठी कौन थे?

उत्तर: एक अच्छे राजनेता तथा साहित्यकार थे।

(ख) कामाख्या प्रसाद की गणना असम के कैसे मंत्रियों में होती थी? 

उत्तर: योग्य मंत्रियों में।

(ग) कामाख्या प्रसाद लोकप्रिय किस कारण बन गए थे? 

उत्तरः कामाख्या प्रसाद राजनीति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका से लोकप्रिय बन गए थे।

(घ) कामाख्या प्रसाद जेल क्यों गए थे?

उत्तरः भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका के कारण।

पाठयपुस्तक संबंधित प्रश्न एवं उत्तर:

बोध एवं विचार:

1. सही विकल्प का चयन कीजिए:

(क) किस वर्ष के आम चुनाव के बाद लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै का नाम चारों ओर फैल गया?

(i) सन् 1933

(ii) सन् 1934

(iii) सन् 1935

(iv) सन् 1939

उत्तरः (i) सन् 1933

(ख) लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै किस खेल के अच्छे खिलाड़ी थे?

(i) फुटबॉल।

(ii) हॉकी।

(iii) क्रिकेट।

(iv) बैडमिंटन।

उत्तरः (iii) क्रिकेट।

(ग) लोकप्रिय गोपीनाथ बरदल ने विधान परिषद में किसके लिए विशेष स्थान सुरक्षित करवाया?

(i) असम राज्य के किसानों के लिए।

(ii) असम राज्य के शिक्षित वर्ग के लिए। 

(iii) असम राज्य के मैदानी भागों में रहने वाले भूमिपतियों के लिए।

(iv) असम राज्य के आदिवासियों के लिए।

उत्तरः (iv) असम राज्य के आदिवासियों के लिए।

(घ) आजादी मिलने के बाद असम को पूर्वी पाकिस्तान के साथ मिला देने की साजिश किसने रची?

(i) कांग्रेसी नेताओं ने।

(ii) किसानों ने।

(iii) मुस्लिम लीग के नेताओं ने।

(iv) अंग्रेजों ने।

उत्तरः (iii) मुस्लिम लोग के नेताओं ने।

2. एक वाक्य में उत्तर दीजिए–

(क) अचल हिमालय कहाँ और किस प्रकार खड़ा है? 

उत्तरः भारत के उत्तर में बर्फ से ढँका खड़ा है।

(ख) हिमालय के बाएँ पाशर्व में क्या है?

उत्तरः भारत की पूर्वोत्तरी सीमा पर असम की मनोरम पहाड़ियाँ और घाटियाँ हैं।

(ग) “प्रकृति का नयनाभिराम क्रीड़ास्थल” किसे कहा गया है? 

उत्तरः असम को प्रकृति को कहा गया है।

(घ) वर्तमान असम का निर्माता किसे कह सकते हैं?

उत्तरः लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै को।

(ङ) गोपीनाथ बरदलै को किस प्रकार के संगीत बेहद प्रिय थे? 

उत्तरः धार्मिक बरगीत, भजन और कवींद्र–रवींद्र के संगीत।

(च) गोपीनाथ बरदलै को किस कार्य में सबसे ज्यादा रुचि थी?

उत्तर: रचनात्मक कार्य में।

(छ) महात्मा गाँधी सांप्रदायिक एकता में क्या देखते थे?

उत्तरः राष्ट्र की स्वतंत्रता देखते थे।

3. निम्नलिखित प्रशनों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए:

(क) नवीन चंद्र बरदले का जनता–जनार्दन के विषय में क्या दृष्टिकोण था?

उत्तर: नवीन चंद्र बरदलै ने जनता–जनार्दन की निःस्वार्थ सेवा कर असम के अज्ञान–अंधकार में नवीन ज्ञान रूपी चंद्रमा का प्रकाश फैलाया था।

(ख) असहयोग आन्दोलन में स्व. तरुण राम फुकन की भूमिका पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: असहयोग आंदोलन में तरुण राम फुकन ने अखिल भारतीय नेताओं में यशस्वी स्थान प्राप्त किया था। उनकी अलौकिक प्रतिभा और विशाल व्यक्तित्व ने जनता के हृदय को जीत लिया था। 

(ग) गाँधी जी के संपर्क में आने से बरदलै जी के व्यक्तित्व में क्या बदलाव आया?

उत्तरः बरदलै जी का हृदय स्वाभाविक न्यायप्रियता और कराहती मानवता के प्रति आंतरिक संवेदना में बदल गया। उनका शांत स्वभाव महत्ता और दृढ़ता में परिवर्तित हो गया। उनके हृदय की दुर्बलता मिटने लगी। 

(घ) राजनीति के अतिरिक्त बरदलै जी किन क्षेत्रों में आगे थे? 

उत्तरः खेल और संगीत के क्षेत्र में आगे थे। वे एक लेखक भी थे।

(ङ) गोपीनाथ बरदलै पर गाँंधीवाद का क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तरः बरदलै जी वर्धा स्कूल के संपर्क में आए। अपने हाथ से सूत कातने लगे और खादी के कपड़े पहनने लगे। जैल में उन्होंने राष्ट्रभाषा हिंदी सीखी। गीता का नियमित पाठ करने लगे। गीता पर महात्मा गाँधी की विचारधारा को असमीया भाषा में अनुवाद किया। बरदलै जी पर गाँधीवाद का बहुत व्यापक प्रभाव पड़ा।

(च) गोपीनाथ बरदलै ने असम की पिछड़ी जातियों और जनजातियों के लिए क्या किया?

उत्तरः असम की पिछड़ी जातियों और जनजातियों के लिए बरदलै जी ने विधान में विशेष स्थान सुरक्षित करवाया। वे विधान परिषद की बैठक में असम के प्रतिनिध के रूप में शामिल हुए।

4. निम्नलिखित प्रशनों के सम्यक् उत्तर दीजिए:

(क) असम के विकास में गोपीनाथ बरदले के योगदान का उल्लेख कीजिए। 

उत्तर: असम की पिछड़ी जातियों और जनजातियों के लिए बरदलै जी ने विधान में विशेष स्थान सुरक्षित करवाया। वे विधान परिषद की बैठक में असम के प्रतिनिध के रूप में शामिल हुए। स्वाधीनता के बाद गोपीनाथ बरदलै जी असम के प्रथम मुख्यमंत्री बने लेकिन इससे पहले 1932 में गुवाहाटी म्युनिसिपल बोर्ड के मेयर के रूप में उन्होंने गुवाहाटी में शिक्षा, सूचना तथा अन्य प्रकार की अनेक सुविधाएँ उपलब्ध कराई थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने असम की आर्थिक उन्नति के लिए लगातार प्रयत्न किये।

(ख) असम में हिंदी के विकास के लिए बरदलै जी ने क्या किया? 

उत्तरः हिंदी के विकास के लिए हिंदी प्रचार समिति वर्धा से संपर्क किया। उन्होंने स्वयं राष्ट्रभाषा हिंदी सीखी तथा असम में हिंदी प्रचार की नींव रखी।

(ग) लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए?

उत्तरः लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै रचनात्मक एवं विकास कार्यों में विशेष अभिरुचि रखते थे। वे देशभक्ति, त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। उनके विरोधी भी उनकी सत्यनिष्ठा, परोपकारिता, देशभक्ति, शुद्ध सरल जीवन आदि गुणों पर मुग्ध थे। वे सच्चे अर्थों में जनता के हितैषी, लोकसेवक और एक कुशल प्रशासक थे। वे सादा जीवन एवं उच्च विचार के परिचायक थे।

(घ) गोपीनाथ बरदलै जन साधारण से कैसा व्यवहार करते थे? 

उत्तरः गोपीनाथ बरदलै निम्नवर्ग के अनपढ़ लोगों से भी स्वच्छंदतापूर्वक बिना भेदभाव के मिलते थे। गोपीनाथ बरदलै सबसे प्रेम से बातचीत करते थे। वे जो दे देते, उसे बरदलै जी प्रसन्नतापूर्वक खाते थे। 

(ङ) मुस्लिम लीग के नेताओं ने असम के प्रति क्या साजिश की? 

उत्तरः देश के आजाद होने के बाद विभाजन के समय एक प्रस्ताव हुआ कि असम को पूर्वी पाकिस्तान के साथ मिला दिया जाए। कुछ मुस्लिम लीग के नेताओं की राय थी कि असम मुस्लिम लीग या पाकिस्तान को दे दिया जाए और रोज–रोज का झगड़ा समाप्त हो जाए। 

5. आशय स्पष्ट कीजिए:

(क) उत्तराखंड का प्रत्येक यात्री देशी हो या विदेशी, हिमालय की विशालता और अपूर्व शोभा देखकर आनंद–विभोर हो जाता है।

उत्तर: ये पंक्तियाँ ‘वे भूले नहीं जा सकते’ नामक पाठ से ली गई हैं। इसके लेखक कामाख्या प्रसाद त्रिपाठी हैं। 

हिमालय भारत के उत्तर में स्थित एक विशाल पर्वतमाला है। इसके ऊँचे शिखर सफेद बर्फ की चादर से ढँके रहते हैं। कोई भी यात्री या पर्यटक जब हिमालय की विशालता और अपूर्व शोभा देखता है तो आनंद से भर जाता है।

(ख) बरदलै जी के जीवन का दूसरा पहलू भी अतीव उज्ज्वल है। इसमें हम उनके सांस्कृतिक, साहित्यिक और सादे जीवन की एक उत्कृष्ट झलक पाते हैं।

उत्तर: ये पंक्तियाँ ‘वे भूले नहीं जा सकते’ नामक पाठ से ली गई हैं। इसके लेखक कामाख्या प्रसाद त्रिपाठी हैं। 

बरदलै जी सादा जीवन एवं उच्च विचार में विशवास रखते थे। साहित्य के लिए भी उन्होंने बहुत कुछ किया तथा गीता पर महात्मा गाँधी जी की विचारधारा जो हिंदी में प्रकाशित थी, उसका असमीया भाषा में अनुवाद किया।

6. सप्रसंग व्याख्या कीजिए:

(क) मनुष्य जीवन में ऐसी घड़ियाँ भी आती हैं, जब समय उसको देशभक्ति, सेवा, सहिष्णुता, सौजन्यता, दृढ़ता और साहस को परीक्षा की कसौटी पर रख देता है।

उत्तर: ये पंक्तियाँ ‘वे भूले नहीं जा सकते’ नामक पाठ से ली गई हैं। इसके लेखक कामाख्या प्रसाद त्रिपाठी हैं। 

गोपीनाथ बरदलै पूरी मानवता के लिए कार्य करते थे। उनके फायदे की बात सोचते थे। परंतु इतने सारे गुण संपन्न सामर्थ्यवान व्यक्ति को भी परीक्षा की कसौटी पर खरा उतरना पड़ता है। आजादी के बाद अनेक समस्याएँ आईं। लीग के नेताओं ने असम को पूर्वी पाकिस्तान के साथ मिलाने की साजिश की, परंतु बरदलै जी ने उनकी साजिश नाकामयाब कर दी।

(ख) महत्ता एक मकड़ी का जाल है। यद्यपि जाल के बारीक तागे अवश्य हैं, फिर भी दृढ़, सुंदर और शांति-विधायक हैं, नशवर होते हुए भी स्मरणीय हैं।

उत्तर: ये पंक्तियाँ ‘वे भूले नहीं जा सकते’ नामक पाठ से ली गई हैं। इसके लेखक कामाख्या प्रसाद त्रिपाठी हैं। 

महानता एक मकड़ी के जाल के समान है, जो व्यक्ति खुद बुनता है। और उसी में लिपटा हुआ रहता है। मकड़ी का यह जाल बारीक और सुंदर धागों से निर्मित है तथापि सुंदर और शांति प्रदान करने वाला है। यह समाप्त हो जाने वाला है, लेकिन यह स्मरणीय भी है। उसे भूल पाना असंभव है।

(ग) यदि स्वर्गीय बरदले के विचार और ध्येय में दृढ़ता न होती तो आज समूचा असम पाकिस्तान के बूटों के नीचे पूर्वी पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों की तरह कराहता रहता। 

उत्तर: ये पंक्तियाँ ‘वे भूले नहीं जा सकते’ नामक पाठ से ली गई हैं। इसके लेखक कामाख्या प्रसाद त्रिपाठी हैं। 

जब देश आजाद हुआ तो मुस्लिम लीग के नेताओं ने एक साजिश करके असम को पूर्वी पाकिस्तान के साथ मिला देने की योजना बनाई। तब बरदलै जी ने अदम्य साहस का परिचय दिया और लीगी नेताओं के मनसूबों पर पानी फेर दिया। यदि बरदल जी ने इसका विरोध नहीं किया होता तो आज असम पाकिस्तान की गुलामी और अत्याचार सहता रहता।

भाषा एवं व्याकरण:

1. निम्नलिखित शब्दों के संधि–विच्छेद करके संधि के भेदों के नाम भी लिखिए:

उज्ज्वल, उत्तराखंड, हिमालय, नयनाभिराम, निःस्वार्थ, अत्युक्ति, ईशवरेच्छा, सम्बल, मनोयोग, तुषाराच्छादित, यद्यपि, पूर्वोत्तरी, मनोवैज्ञानिक, सदुपदेशक, महात्मा

उत्तर:

2. निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग एवं प्रत्यय अलग–अलग कीजिए:

प्रतिनिधि, अनुवाद, साहित्यिक, अवकाश, भारतीय, सहिष्णुता, प्रसन्नता, मानसिक, आर्थिक, मानवता, प्रशासक, अहिंसा, स्वाभाविक, व्यक्तित्व

उत्तर:

3. निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:

आवश्यक, प्राकृतिक, देशी, बाएँ, सुंदर, प्रकाश, निर्माणक, नवीन, उत्कृष्ट, विषम, जीवन, मानव, शान्त, उतार, हर्ष, हार, दुर्बल, कर्तव्य, धर्म, पिछड़ी, अपना, सत्य, प्रेम, अहिंसा, पूर्ण, आस्था, स्वतंत्रता

उत्तर: 

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