🪔 Diwali Maha Offer Class 10 & 12 Bundles @ ₹299 ₹599
Ends in:
03d
14h
35m
40s

Class 9 Ambar Bhag 1 Chapter 15 बरगीत

Class 9 Ambar Bhag 1 Chapter 15 बरगीत answer to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapter Assam Board Class 9 Hindi Ambar Bhag 1 Chapter 15 बरगीत and select needs one.

Class 9 Hindi (MIL) Ambar Bhag 1 Chapter 15 बरगीत

Also, you can read the SCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per SCERT (CBSE) Book guidelines. These solutions are part of SCERT All Subject Solutions. Here we have given Assam Board Class 9 Ambar Bhag 1 Chapter 15 बरगीत Solutions for All Subject, You can practice these here.

बरगीत

पाठ – 15

Group – B: पद्य खंड

बौध एवं विचार

1. सही विकल्प का चयन कीजिए:

(क) मां यशोदा ने शिशु कृष्ण को खाने के लिए क्या दिया था?

(i) नवनीत।

(ii) दही।

(iii) दूध।

(iv) चीनी।

उत्तर:- दही।

(ख) शिशु कृष्ण किस समय खेल रहे थे?

(i) शाम।

(ii) रात्रि।

(iii) सुबह।

(iv) दोपहर।

उत्तर:- सुबह।

(ग) मां यशोदा की आंखों से आंसू क्यों बहाने लगे?

(i) क्योंकि कृष्ण को चोट लगी थी।

(ii) क्योंकि बुलाने पर भी कृष्णा नहीं आ रहे थे।

(iii) क्योंकि कृष्णा अपनी माता यशोदा की बात नहीं मानते थे।

(vi) क्योंकि कृष्णा भूख के मारे दुखी थे।

उत्तर:- क्योंकि कृष्णा भूख के मारे दुखी थे।

(घ) पठित बरगीत में कवि ने किस रस का वर्णन किया है?

(i) वात्सल्य।

(ii) वीर।

(iii) करूण।

(iv) श्रृंगार।

उत्तर:- वात्सल्य।

(ङ) ‘मेरा बाप बुली क्षीर पियावत’- इस पंक्ति में प्रयुक्त बाप शब्द का अर्थ क्या है-

(i) पिता।

(ii) पुत्र।

(iii) भाई।

(iv) माता।

उत्तर:- पुत्र।

2. एक वाक्य में उत्तर दीजिए:

(क) यशोदा कौन है?

उत्तर:- यशोदा श्री कृष्ण की माता है।

(ख) हुक किसे लगी है?

उत्तर:- श्री कृष्ण को।

(ग) दोनों हाथ फैलाते हुए अपनी गोद में कृष्ण को किसने बिठाया?

उत्तर:- माता यशोदा ने।

(घ) मनुष्य का रूप किसने धारण किया है?

उत्तर:- श्री कृष्ण ने।

(ङ) माधव देव किसका गुणगान करते हैं?

उत्तर:- श्री कृष्ण का।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए: 

(क) शिशु कृष्ण ने माता का दिया हुआ नवनीत क्यों नहीं खाया था?

उत्तर:- क्योंकि वे बड़े रुखे थे।

(ख) श्री कृष्ण ने माता यशोदा को अपना पेट क्यों दिखाई?

उत्तर:- क्योंकि श्री कृष्णा बहुत भूखे थे उन्होंने माता का दिया हुआ नवनीत नहीं खाया क्योंकि वह बहुत रुखे थे।

(ग) यशोदा की आंखों से आंसू क्यों बहाने लगे?

उत्तर:- अपने पुत्र श्री कृष्ण को भूखा देखकर माता यशोदा के आंखों से आंसू बहने लगे।

(घ) बालकृष्ण को भूखा देख माता यशोदा ने क्या किया?

उत्तर:- बाल कृष्ण को भूखा देख माता यशोदा ने कहा बेटा मेरे लाल कहते हुए उन्हें गोद में बिठाकर उन्हें दूध पिलाने लगी।

(ङ) माधव देव ने क्यों कहा कि हरि मनुष्य का रूप धारण कर लीला कर रहे हैं अपना विचार व्यक्त कीजिए?

उत्तर:- क्योंकि जिस प्रकार एक छोटा शिशु अपने माता के साथ नटखट हरकतें करता है उसी प्रकार श्री कृष्णा भी अपने माता यशोदा के साथ नटखट हरकतें कर रहे थे।

(च) बालक कृष्ण ने मां यशोदा से क्या शिकायत की?

उत्तर:- बालक श्री कृष्ण ने माता से शिकायत की की उन्होंने जो नवनीत दिए थे वह बहुत रुखे थे और माता यशोदा ने उन्हें बुलाकर क्यों नहीं खिलाया।

(छ) बालक श्री कृष्ण एवं माता यशोदा के वात्सल्य प्रेम को माधव देने किस प्रकार दर्शाया है वर्णन कीजिए?

उत्तर:- बालक श्री कृष्ण एवं माता यशोदा के प्रेम को माधव देव ने बरगीत के द्वारा दर्शाया है। जिसमें श्री कृष्णा मैया यशोदा से कह रहे हैं आज मुझे बड़ी भूख लगी है तुमने जो कुछ नवनीत खाने को दिया था मैंने उसे नहीं खाया वह बड़े रुखे थे मैं सुबह से ही खेलता रहा आज तो कुछ खाया ही नहीं तुमने भी बुला कर कुछ नहीं खिलाया इसलिए मुझे बहुत जोरों की भूख लगी है।

श्री कृष्ण ने अपने खाली पेट पर हाथ रखकर इस प्रकार मां के पास जब शिकायत की तब अपने बेटे का दुख देखकर मैं यशोदा की आंखों में आंसू बहने लगे उसने बेटा बेटा पुकार कर अपने आंचल से श्याम वर्ण के शरीर को धुली पोंछी और मेरा लाल कहती हुई गोद में लेकर शिशु कृष्ण को दूध पिलाने लगी।

(ज) बालकृष्ण को माता यशोदा की गोद में आकर क्यों संतुष्टि मिली?

उत्तर:- बालक श्री कृष्ण को भूख लगी थी और माता के गोद में आकर उन्हें माता का दूध पीने को मिला इसलिए उन्हें माता के गोद में आकर संतुष्टि मिली।

(झ) तुमहि हामाकु नाही डालक माइ-यह कथन किसने किससे और क्यों कहा है लिखिए?

उत्तर:- यह कथन श्री कृष्णा मां यशोदा से कहते हैं इस कथन में श्री कृष्ण कहते हैं की मां मुझे बहुत भूख लगी है तुमने जो नवनीत दिए थे वह बहुत रुखे थे इसलिए मैंने उसे नहीं खाए और तुमने भी मुझे बुलाकर कुछ नहीं खिलाया इस बात की शिकायत करते हुए श्री कृष्ण ने यह कथन कहा है।

(ञ) शिशु कृष्णा धूल-धुसरित क्यों हुए थे?

उत्तर:- बाल कृष्णा छोटे-छोटे बालकों के साथ सारा दिन खेल रहे थे इसलिए उनका शरीर धूल-धूसरित हो गया था।

भाषा एवं व्याकरण:

1. निम्नलिखित शब्दों के दो–दो पर्यायवाची शब्द लिखिए–

श्याम, वाणी, नयन, सुख, दीन, शरीर, मनुष्य, हरि

उत्तर: श्याम – साँवला, विवर्ण।

वाणी – जीभ, रसना।

नयन – आँख, दुग।

सुख – प्रसन्नता, खुशी।

दीन – निर्धन, गरीब।

शरीर – देह, अंग।

मनुष्य – आदमी, मानव।

हरि – ईशवर, भगवान।

2. निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक–एक शब्द लिखिए–

जिसे भूख लगी हो। जिसे प्यास लगी हो। जिसका उदर लम्बा हो। जो बोलने में पटु हो। जिसके हृदय में दया हो। जिसका कोई शत्रु न हो। जो ईशवर पर विश्वास करे।

उत्तर: जिसे भूख लगी हो – क्षुधातुर।

जिसे प्यास लगी हो – पिपासु।

जिसका उदर लंबा हो – लम्बोदर।

जो बोलने में पटु हो – वाम्पटु।

जिसके हृदय में दया हो – दयालु।

जिसका कोई शत्रु न हो – अजातशत्रु।

जो ईशवर पर विश्वास करे – आस्तिक। 

कवि संबंधित प्रश्न उत्तर:

1. बरगीत के कवि का नाम क्या था?

उत्तर: माधवदेव।

2. शंकरदेव के प्रियतम शिष्य का नाम क्या था?

उत्तर: माधवदेव।

3. उनका जन्म कहा हुआ था?

उत्तर: असम के लखीमपुर जिले के नारायणपुर के निकट लेटेकुपुखुरी  नामक गांव में हुआ था।

4. उनके माता तथा पिता का नाम क्या था?

उत्तर: उनके पिता का नाम गोविंद गिरी भूया तथा माता का नाम मनोरमा था।

5. वह किस धर्म के प्रचारक थे?

उत्तर: वैष्णव धर्म के प्रचारक थे।

6. उन्होंने अपने गुरु शंकरदेव के भक्ति मार्ग का अनुकरण करते हुए किन-किन स्थानों में जाकर धर्म का प्रचार किया था?

उत्तर: (i) बारादी।

(ii) गणककूछि।

(iii) सुंदरदिया।

(iv) भोलडांगा आदि।

7. उनका सर्वाधिक चर्चित ग्रंथ का नाम क्या है?

उत्तर: “नामघोषा”।

8. उनकी रचनाओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर: आख्यानमूलक: राजसूय काव्य, आदिकांड रामायण।

तत्वमूलक: जन्मरहस्य, भक्ति रत्नावली, नाममालिका।

नाटक: अर्जून-भंजन या दधि-मथन।

झुमुरा: चोरधरा आरु पिम्परा-गुचोवा, भूमि लेटोवा, भोजन-विहार।

9. शंकर माधव के मिलन को असमिया समाज में क्या कहा जाता है?

उत्तर: मणिकांचन संयोग।

10. माधव देव के योगदान का वर्णन कीजिए?

उत्तर: महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव द्वारा प्रवर्तित नव वैष्णव धर्म को सामान्य जन तक ले जाने के निमित्त माधव देव ने उनकी रचनाओं को सहज-सरल भाषा में व्याख्यायित करने में अदभुत एवं आशाधारण योगदान दिया। महापुरुष शंकरदेव की भांति माधव देव भी उच्च कोटि के कवि, गायक, अभिनेता, दार्शनिक, अध्यात्म में महान पंडित थे। इनका निधन सन् 1596 में लगभग 107, वर्ष की आयु में भेलासत्र, कोचविहार में हुआ।

NEW VIDEO CLASS

Subject Ka Complete Video Solution Dekhein

Step-by-step easy concept explanation aur full questions Answer ke liye watch karein ya app download karein:

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top