SEBA Class 8 Hindi Chapter 13 मेरा नया बचपन

SEBA Class 8 Hindi Chapter 13 मेरा नया बचपन Question Answer As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters SEBA Class 8 Hindi Chapter 13 मेरा नया बचपन Solutions and select need one. SEBA Class 8 Hindi Chapter 13 मेरा नया बचपन Notes Download PDF. SEBA Class 8 Hindi Textual Solutions.

SEBA Class 8 Hindi Chapter 13 मेरा नया बचपन

Join Telegram channel
Follow us:
facebook sharing button
whatsappp sharing button
instagram sharing button

Also, you can read the NCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Central Board of Secondary Education (CBSE) Book guidelines. SCERT Class 8 Hindi Textbook Solutions are part of All Subject Solutions. Here we have given SEBA Class 8 Hindi Textual Notes for All Chapters, You can practice these here.

मेरा नया बचपन

पाठ – 13

अभ्यास–माला

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो:

(क) बचपन में ऐसी कौन–सी विशेषता होती है, जिसकी बार–बार याद आती है?

उत्तर: बचपन में हमारा मन निर्भय तथा स्वच्छंद होता है। हमें किसी से भी भय नहीं होता। निर्भय मन से हम खाते है, खेलते है, तथा उछल कूद करते हैं। और बिना किसी स्वार्थ के हम सभी से दोस्ती कर लेते  हैं और उनके साथ मस्ती मजाक करते हैं। बचपन की यही खास विशेषताएं है जिसकी हमें बार-बार याद आती है।

(ख) कवयित्री क्यों चाहती हैं की उनका जीवन फिर लौट आए?

उत्तर: कवयित्री चाहती हैं कि उनका बचपन फिर से लौट आए क्योंकि बचपन में वह निश्चिंत और निर्भय होकर आँगन में घूमती-फिरती थी। उसे किसी प्रकार की चिंता या जिम्मेदारी नहीं थी। वह दिनभर खेलती थी और भूख लगने पर माँ उसे अपने हाथों से खाना खिलाती थी। रोने पर माँ गोद में उठाकर प्यार से चूमकर चुप करा देती थी।

बचपन का वह सरल, निष्कपट और स्नेह से भरा जीवन बहुत सुखद था। उसी मधुर आनंद को याद करके कवयित्री चाहती है कि उसका बचपन फिर से वापस आ जाए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Join Now

(ग) ‘वह प्यारा जीवन निष्पाप’ – का अर्थ स्पष्ट करो।

उत्तर: ‘वह प्यारा जीवन निष्पाप’ का अर्थ है कि बचपन का जीवन बहुत भोला, पवित्र और चिंता-रहित होता है। उस समय बच्चों के मन में कोई छल-कपट या डर नहीं होता, वे केवल खेल-कूद और आनंद में मग्न रहते हैं। यदि बच्चा रोता है तो माँ तुरंत आकर उसे गोद में उठाकर प्यार से चुप करा देती है। इस प्रकार बचपन का जीवन स्नेह, सरलता और मासूम खुशी से भरा होता है।

(घ) ‘मेरा नया बचपन’ कविता के प्रतिपाद्य को स्पष्ट करो।

उत्तर: ‘मेरा नया बचपन’ कविता में कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान ने बचपन के निष्कपट और आनंदमय जीवन का चित्रण किया है। वह अपने बीते हुए बचपन को याद करती है, जब वह आँगन में खेलती थी, माँ के हाथों से खाना खाती थी और बिना किसी चिंता के निर्भय होकर घूमती-फिरती थी। बचपन का वह अतुलनीय सुख उसे बहुत प्रिय है।

बाद में अपनी छोटी बेटी को देखकर उसे लगता है कि उसका वही बचपन फिर से लौट आया है। बेटी की मासूम हरकतों में उसे अपना बचपन दिखाई देता है और उसका जीवन फिर से खुशी से भर उठता है। यही इस कविता का मुख्य प्रतिपाद्य है।

2. आशय स्पष्ट करो:

(क) बार-बार आती है मुझको, 

मधुर याद बचपन तेरी।

गया ले गया तू जीवन की, 

सबसे मस्त खुशी मेरी।

उत्तर: इन पंक्तियों में कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान अपने बीते हुए बचपन को याद कर रही है। वह कहती है कि बचपन की मीठी यादें उसे बार-बार याद आती हैं। बचपन में खेलना-कूदना, खाना-पीना, उछलना-कूदना और माँ का प्यार पाना ये सब बहुत सुखद थे। अब जब वह बड़ी हो गई है, तो जीवन की जिम्मेदारियों के कारण वह निश्चिंत आनंद नहीं रहा। इसलिए वह कहती है कि बचपन के जाने के साथ उसकी सबसे बड़ी खुशी भी चली गई।

(ख) मैं बचपन को बुला रही थी, 

बोल उठी बिटिया मेरी,

नंदन-वन-सी फूल उठी,

यह छोटी-सी कुटिया मेरी।

उत्तर: इन पंक्तियों में कवयित्री अपने बीते हुए बचपन को याद करते हुए उसे पुकार रही थी। तभी उसकी छोटी बेटी बोल उठती है। बेटी की मधुर आवाज और चंचल हरकतों को देखकर कवयित्री को लगता है कि उसका बचपन ही फिर से लौट आया है। बच्ची के हँसने, खेलने, रोने और मचलने से उसका छोटा-सा घर नंदनवन की तरह खिल उठता है।

कवयित्री को अपनी बेटी में अपना ही बचपन दिखाई देता है और वह अत्यंत आनंद और स्नेह से भर जाती है। बेटी के कारण उसके जीवन में फिर से वही निष्कपट खुशी और उल्लास आ जाता है जो उसे अपने बचपन में मिलता था।

3. निम्नलिखित कथनों में से सही कथन पर ✓ चिन्ह लगाओ:

(क) कवयित्री को बार–बार बचपन की याद आती है, क्योंकि–

(i) उनकी माँ उन्हें बहुत प्यार करती थीं।

(ii) बचपन अतुलित आनंद का भंडार होता है।

(iii) बचपन में कोई काम नहीं करना पड़ता।

उत्तर: (ii) बचपन अतुलित आनंद का भंडार होता है।

(ख) बड़े–बड़े मोती से आँसू–

(i) झूला–झूलते थे।

(ii) जयमाला पहनते थे।

(iii) आनंद  दिलाते थे।

उत्तर: (iii) आनंद  दिलाते थे।

(ग) बचपन में रोने पर कवयित्री की मां – 

(i) उन्हें गोद में उठाकर खूब प्यार कर करती थीं।

(ii) उन्हे बिल्ली से डरती थीं।

(iii) उनकी पिटाई कर देती थीं।

उत्तर: (i) उन्हें गोद में उठाकर खूब प्यार कर करती थीं।

(घ) कवयित्री की बिटिया उन्हें क्या खिलाने आई थी?

(i) मिठाई।

(ii) चॉकलेट।

(iii) मिट्टी।

उत्तर: (iii) मिट्टी।

4. रिक्त स्थानों को पूर्ति करो:

(क) जिसे खोजती थी बरसों से 

अब जाकर …….  पाया, 

भाग गया था मुझे छोड़कर, 

वह …….फिर से आया।

उत्तर: जिसे खोजती थी बरसों से, 

अब जाकर उसको पाया,

भाग गया था मुझे छोड़कर, 

वह बचपन फिर से आया।

(ख) आ जा ……! एक बार फिर,

दे दे अपनी ……. शांति,

व्याकुल ……… मिटाने वाली,

वह अपनी ……. विश्रांति।

उत्तर: आ जा बचपन ! एक बार फिर, 

दे दे अपनी निर्मल शांति, 

व्याकुल व्यथा मिटाने वाली, 

वह अपनी प्राकृत विश्रांति ।

5. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षेप में उत्तर दो:

(क) ‘मेरा नया बचपन’ कविता की रचयिता कौन हैं।

उत्तर: ‘मेरा नया बचपन’ कविता की रचयिता सुभद्रा कुमारी चौहान हैं।

(ख) कवयित्री किसे बुला रही थीं?

उत्तर: कवयित्री अपनी बचपन को बुला रही थी।

(ग) कवयित्री को नया जीवन किस रूप में प्राप्त हुआ?

उत्तर: कवयित्री को अपनी बिटिया को देखकर ऐसा लगा जैसे उसका बचपन लौट आया, इसलिए उसे नया जीवन मिला।

(घ) कवयित्री को मिट्टी खिलाने कौन आई थी?

उत्तर: कवयित्री को मिट्टी खिलाने उनकी बेटी आई थी।

(ङ) अपनी बिटिया की किस बात से कवयित्री बहुत खुशी हुई?

उत्तर: बिटिया द्वारा अपनी मांँ को मिट्टी खिलाने की बात से कवियत्री बहुत खुश हुई।

(च) कवयित्री के पास बचपन क्या बनकर आया?

2 thoughts on “SEBA Class 8 Hindi Chapter 13 मेरा नया बचपन”

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This will close in 0 seconds

Scroll to Top