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SEBA Class 8 Hindi Chapter 1 भारत हमको जान से प्यार है
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भारत हमको जान से प्यार है
Chapter: 1
| अभ्यास–माला |
1. प्रस्तुत गीत को सभी मिलकर एक साथ गाएँ (शिक्षक – शिक्षिका इस कार्य में बच्चों की सहायता करें।)
उत्तर: सभी छात्र-छात्राएँ अनुशासन और एकता के साथ मिलकर गीत गाएँ।
2. गीत को ध्यान से पढ़ो और सही कथनों के आगे (√) तथा गलत कथनों के आगे (✗) का निशान लगाओ।
(क) सबके लिए अपना देश जान से प्यारा होता है।
उत्तर: √ (सही)
(ख) सदियों से भारत दुनिया का गौरव रहा है।
उत्तर: √ (सही)
(ग) यह कोई नहीं चाहता कि उसका देश टूटकर अलग हो जाए।
उत्तर: √ (सही)
(घ) हमारे देश में हिंदू–मुसलमानों में एकता नहीं है।
उत्तर: ✗ (गलत)
(ङ) हम सब भारतवासी हैं।
उत्तर: √ (सही)
(च) भारत में अनेक भाषाएँ प्रचलित हैं।
उत्तर: √ (सही)
3. नीचे दिए गए गीतांश के भाव को अपनी भाषा में लिखो :
असम से गुजरात तक, बंगाल से महाराष्ट्र तक
इनके सभी गुण एक है, भाषा अलग सुर एक हैं
कश्मीर से मद्रास तक, कह दो सभी हम एक है
आवाज दो हम एक है।
जागो…..
उत्तर: असम, बंगाल, मद्रास, कश्मीर, महाराष्ट्र आदि हमारे देश भारत के अंग राज्य हैं। सभी राज्यों की भाषाएँ अलग-अलग हैं, परंतु सभी के भाव और गुण एक हैं। भावों को प्रकट करने वाले सुरों में भी एकता है। इसलिए हम कह सकते हैं कि हम सभी भारतवासी एक हैं। गीत हमें यह संदेश देता है कि हम सब भारतीय एक हैं। हमें आपस में मिल-जुलकर रहना चाहिए और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना चाहिए।
पाठ के आस-पास
1. कुछ देशप्रेममूलक फिल्मी गीतों को संकलित करके एक पुस्तिका बनाओ और उनमें से तुम्हारी पसंद का कोई एक गीत कक्षा में गाकर सुनाओ।
उत्तर: मैंने कुछ देशभक्ति से प्रेरित फिल्मी गीतों को संकलित करके एक छोटी-सी पुस्तिका बनाई है। इसमें निम्नलिखित गीत शामिल हैं:
“ऐ मेरे वतन के लोगों”
“कर चले हम फ़िदा”
“संदेसे आते हैं”
“चक दे इंडिया”
“तेरी मिट्टी”
इनमें से मेरा पसंदीदा गीत “ऐ मेरे वतन के लोगों” है, क्योंकि यह गीत हमें देश के वीर सैनिकों के बलिदान की याद दिलाता है और हमारे मन में देशप्रेम की भावना जागृत करता है।
2. तुम्हारे संकलन मे आए गीतौ की एक तालिका बनाओं। (तुम लोगों की सहायता के लिए गीत की एक पंक्ति दी गई )
उत्तर :
| क्रम संख्या | गीत का नाम | फिल्म का नाम | गायक/गायिका | गीत की एक पंक्ति |
| 1 | ऐ मेरे वतन के लोगों | — | लता मंगेशकर | “ज़रा आँख में भर लो पानी” |
| 2 | कर चले हम फ़िदा | हकीकत | मोहम्मद रफ़ी | “कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों” |
| 3 | संदेसे आते हैं | बॉर्डर | सोनू निगम, रूप कुमार राठौड़ | “संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं” |
| 4 | चक दे इंडिया | चक दे! इंडिया | सुखविंदर सिंह | “चक दे ओ चक दे इंडिया” |
| 5 | तेरी मिट्टी | केसरी | बी प्राक | “तेरी मिट्टी में मिल जावाँ” |
3. भारत भूमि सदीयों से दुनिया की शान बनी रही, इसके कारण क्या क्या हो सकते है ? कक्षा में चर्चा करो।
उत्तर: भारत भूमि सदियों से दुनिया की शान बनी रही इसके प्रमुख कारण हैं:
1. वीरता और बलिदान – भारत माँ की रक्षा के लिए अनेक वीरों और वीरांगनाओं ने अपना जीवन न्यौछावर किया है। उनके साहस और बलिदान के कारण देश की प्रतिष्ठा बनी रही।
2. धार्मिक विविधता और सहिष्णुता – इस देश में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर आदि सभी धर्मस्थल हैं। यहाँ हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आदि सभी धर्मों के लोग आपस में प्रेम और भाईचारे से रहते हैं।
3. विविधता में एकता – असम, गुजरात, बंगाल, महाराष्ट्र, कश्मीर और मद्रास (चेन्नई) जैसे विभिन्न राज्यों में भाषागत भिन्नता होने पर भी भावों और विचारों में एकता है।
4. समृद्ध संस्कृति और परंपरा – भारत की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता, कला, साहित्य और परंपराएँ विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।
5. आध्यात्मिक और नैतिक मूल्य – भारत भूमि सदैव सत्य, अहिंसा, शांति और मानवता का संदेश देती रही है।
4. गीत में हिंदू और इस्लाम धर्म का संकेत मिलता है। हमारे देश में और कौन-कौन से धर्म हैं? इन धर्मों की प्रमुख शिक्षाएँ क्या-क्या हैं? इनकी जानकारी प्राप्त करो। फिर मंडली में बैठकर सभी धर्मों की समान बातों को ढूँढ़कर लिखो।
उत्तर: हमारे देश में हिंदू और इस्लाम धर्म के अतिरिक्त कई प्रमुख धर्म हैं:
(i) सिख धर्म – एक ईश्वर में विश्वास, सेवा और समानता की शिक्षा देता है।
(ii) ईसाई धर्म – प्रेम, दया, क्षमा और मानव सेवा का संदेश देता है।
(iii) बौद्ध धर्म – अहिंसा, करुणा और मध्यम मार्ग का उपदेश देता है।
(iv) जैन धर्म – अहिंसा, सत्य और सभी जीवों पर दया की शिक्षा देता है।
(v) पारसी धर्म – अच्छे विचार, अच्छे शब्द और अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देता है।
सभी धर्मों की समान बातें:
(i) सभी धर्म सत्य और अच्छाई का मार्ग दिखाते हैं।
(ii) सभी धर्म प्रेम, दया और करुणा सिखाते हैं।
(iii) सभी धर्म शांति और भाईचारे पर जोर देते हैं।
(iv) सभी धर्म मानव सेवा को महत्वपूर्ण मानते हैं।
(v) सभी धर्म नैतिक और सदाचारपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
5. अपने देश या मातृभूमि के लिए हमारा क्या कर्तव्य होना चाहिए?
उत्तर: अपने देश या मातृभूमि के प्रति हमारा पहला कर्तव्य यह है कि हम सच्चे और जिम्मेदार नागरिक बनें। हमें देश के कानून का पालन करना चाहिए और देश की एकता तथा अखंडता की रक्षा करनी चाहिए।
हमें अपने देश की संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना चाहिए। पर्यावरण की रक्षा करना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना और स्वच्छता बनाए रखना भी हमारा कर्तव्य है।
इसके अलावा हमें आपसी भाईचारा बनाए रखना चाहिए और धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए। समय आने पर हमें देश की सेवा और रक्षा के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए।
इस प्रकार, अपने कर्तव्यों का पालन करके ही हम सच्चे अर्थों में अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम और सम्मान प्रकट कर सकते हैं।
6. राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए ? आपस में चर्चा कर और लिखे।
उत्तर: भारतवर्ष विविधताओं से भरा एक विशाल देश है। यहाँ भिन्न भिन्न प्रांतो के लोगों के रहन सहन, खान-पान, भाषा वर्ण-धर्म को लेकर अनेकता दिखने को मिलता है। जिसके लिए विदेशी शक्तियाँ हमे दबाती रही थी और आज भी उसका असर पड़ रहा है। इसलिए राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। सामाजिक शांति और भाई-चारे के लिए भी यह आवश्यक है।
राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए पहले हमें एकता के मार्ग में रुकावट बनने वाली साम्प्रदायिकता, भाषावाद, प्रांतवाद, जातिवाद और क्षेत्रीयता की भावनाओं को धर्म-निरपेक्ष शिक्षा, राष्ट्रीय भाषा, और राजनैतिक दलों पर यथोचित व्यवस्था द्वारा दूर हटाना पड़ेगा। आधुनिक वैज्ञानिक शिक्षा के विना संस्कृति का उत्थान तथा आर्थिक विकाश होना सम्भव नहीं है। इसलिए राष्ट्रीय एकता की भावना को जाग्रत करने के लिए पहले देश से निरक्षरता को हटाना चाहिए। सभी धर्म-वर्ण-सम्प्रदायों के लोगों को शामिल कर एक राष्ट्रीय एकता परिषद बनाना चाहिए।

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