SEBA Class 8 Hindi Chapter 12 बाढ़ का मुकाबला Question Answer As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters SEBA Class 8 Hindi Chapter 12 बाढ़ का मुकाबला Solutions and select need one. SEBA Class 8 Hindi Chapter 12 बाढ़ का मुकाबला Notes Download PDF. SEBA Class 8 Hindi Textual Solutions.
SEBA Class 8 Hindi Chapter 12 बाढ़ का मुकाबला
Also, you can read the NCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Central Board of Secondary Education (CBSE) Book guidelines. SCERT Class 8 Hindi Textbook Solutions are part of All Subject Solutions. Here we have given SEBA Class 8 Hindi Textual Notes for All Chapters, You can practice these here.
वाढ़ का मुकाबला
पाठ – 12
| अभ्यास–माला |
1. समीरण के गाँव और उसके आस-पास के क्षेत्र में क्यों बाढ़ आई थी?
उत्तर: समीरण के गाँव और उसके आस-पास के क्षेत्र में कई दिनों तक लगातार वर्षा होने तथा नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण बाढ़ आई थी।
2. पाठ में उल्लिखित राहत शिविर की स्थिति का वर्णन करो।
उत्तर: राहत शिविर में लोगों को स्वास्थ्य के प्रतिकूल वातावरण में रहना पड़ रहा था। वहाँ खाद्य, पानी और कपड़ों की कमी थी। गंदगी फैल रही थी, मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया था और बदबू के कारण रहना कठिन हो गया था।
3. समीरण के सहयोगियों के नाम लिखो।
उत्तर: समीरण के सहयोगियों के नाम अब्दुल और मृदुल थे।
4. राहत शिविर में किन–किन सामग्रियों का अभाव था?
उत्तर: राहत शिविर में खाद्य, पानी, और कपड़ा आदि सामग्रियों का अभाव था।
5. बाढ़ राहत संबंधी सभा में क्या–क्या निर्णय लिए गए?
उत्तर: बाढ़ राहत संबंधी सभा में यह निर्णय लिया गया कि राहत शिविर में सामग्री मुहैया कराने के लिए जिला उपायुक्त को एक आवेदन पत्र दिया जाए। साथ ही साथ स्वास्थ्य अधिकारी, बिजली विभाग व तकनीकी विभाग इन तीनों विभागों को भी शिकायत-पत्र भेजे जाएँ।
6. आवेदन–पत्र और शिकायती पत्र लिखने में किसने समीरण और रश्मि की मदद की?
उत्तर: आवेदन-पत्र और शिकायत-पत्र लिखने में माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री बरुवा जी ने समीरण और रश्मि की मदद की।
7. आवेदन–पत्र में उपयुक्त महोदय से क्या प्राथना की गई?
उत्तर: आवेदन-पत्र में उपायुक्त महोदय से प्रार्थना की गई कि वे बाढ़-पीड़ितों की सहायता हेतु आवश्यक कदम उठाएँ तथा स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और अन्य संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश देकर राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ।
8. शिकायती पत्र का विषय क्या था?
उत्तर: शिकायती पत्र का विषय यह था कि क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण उत्पन्न स्थिति तथा बाढ़-पीड़ितों के राहत शिविर में स्वास्थ्य की प्रतिकूल अवस्था की ओर अधिकारी का ध्यान आकर्षित किया जाए। स्थानीय हाईस्कूल में बने राहत शिविर में गंदगी फैल रही थी, मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा था, बदबू फैल रही थी और मलेरिया जैसी बीमारियाँ फैलने की आशंका थी।
9. बाढ़ राहत संबंधी सभा के अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर: बाढ़ राहत संबंधी सभा के अध्यक्ष परमानंद दास जी थे।
10. बाढ़–पीड़ितों ने कब राहत की सांँस ली?
उत्तर: संबंधित अधिकारियों को आवेदन-पत्र व शिकायत-पत्र देने के बाद उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कर्मचारियों को आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया। प्रशासन द्वारा राहत शिविर में राहत सामग्री तथा मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं, तब बाढ़-पीड़ितों ने राहत की साँस ली।
| पाठ के आस-पास |
1. तुम्हारे विद्यालय में क्या एन.सी.सी. (राष्ट्रीय शिक्षार्थी वाहिनी) या स्काउट एंड गाइड की इकाई है?अगर हैं तो वे आपदाकाल में स्वयं सेवी दल की किस प्रकार मदद करती हैं? विद्यालय के स्वयं सेवी संगठन के सदस्य आपदाकाल के दौरान किस तरह कदम उठाते हैं तथा इसमें स्थानीय लोगों का क्या सहयोग रहता है ? कक्षा में चर्चा करो।
उत्तर: हाँ, हमारे विद्यालय में स्काउट एवं गाइड (या एन.सी.सी.) की इकाई है। ये इकाई आपदाकाल में स्वयंसेवी दल के रूप में लोगों की सहायता करती है।
| क्रम | विषय | विवरण |
| 1 | विद्यालय में इकाई | हमारे विद्यालय में स्काउट एवं गाइड / एन.सी.सी. इकाई है |
| 2 | आपदाकाल में सहायता | लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाना, घायलों को प्राथमिक उपचार देना, राहत सामग्री बाँटना |
| 3 | सदस्यों द्वारा उठाए गए कदम | प्रशासन को सूचना देना, राहत शिविर लगाना, स्वच्छता बनाए रखना, पीने का पानी व दवाइयाँ उपलब्ध कराना |
| 4 | व्यवस्था बनाए रखना | भीड़ नियंत्रण, बच्चों और बुजुर्गों की विशेष सहायता |
| 5 | स्थानीय लोगों का सहयोग | भोजन, कपड़े, दवाइयाँ दान करना तथा राहत कार्य में भाग लेना |
| 6 | अतिरिक्त सहायता | अस्थायी आश्रय देना और आर्थिक सहायता प्रदान करना |
| 7 | परिणाम | आपदा के समय नुकसान कम होता है और पीड़ितों को शीघ्र सहायता मिलती है |
2. क्या तुमने कभी आपदलकाल में अपनी सेवा प्रदान की है? अगर नही की, तो किस तरह की मदद के लिए प्रस्तुत हो? बताओ और लिखो।
उत्तर: मैंने अभी तक किसी वास्तविक आपदा-काल में अपनी सेवा प्रदान नहीं की है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर मैं निम्न प्रकार की सहायता करने के लिए प्रस्तुत रहूँगा:
1. राहत सामग्री (भोजन, पानी, कपड़े) बाँटने में मदद करूँगा।
2. घायलों को प्राथमिक उपचार दिलाने और अस्पताल पहुँचाने में सहायता करूँगा।
3. बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने में सहयोग करूँगा।
4. राहत शिविरों में साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने में भाग लूँगा।
5. लोगों को सावधानी और सुरक्षा के नियमों के बारे में जागरूक करूँगा।
6. प्रशासन और स्वयंसेवी दल को सूचना पहुँचाने में मदद करूँगा।
3. पाठ में उल्लिखित दोनो पत्रों का विद्यालय की माध्यम भाषा में अनुवाद करो।
उत्तर: 1. আবেদন-পত্ৰৰ অনুবাদ (উপায়ুক্তলৈ)
সেৱালৈ,
মাননীয় উপায়ুক্ত মহোদয়
গোলাঘাট জিলা, অসম
তাৰিখ: 08-06-2011
বিষয়: বানপীড়িত লোকসকলৰ সহায়ৰ বাবে আবেদন
মহাশয়,
বিনীত নিবেদন এই যে বিগত কেইদিন ধৰি হোৱা বৰষুণৰ ফলত আমাৰ অঞ্চলৰ ধনশিৰি নদীৰ পানীৰ স্তৰ বৃদ্ধি পাইছে। ফলস্বৰূপে কোৱৈত গাঁও, দগাঁও, মাইনাপাড়া আদি বিস্তৃত অঞ্চল পানীত ডুব গৈছে। ইয়াৰ ফলত প্ৰায় সকলো লোক আংশিক বা সম্পূৰ্ণৰূপে ক্ষতিগ্ৰস্ত হৈছে। কৃষিভূমি আৰু পশুধনৰো বহুত ক্ষতি হৈছে।
অতএব আপোনাক অনুৰোধ জনাইছোঁ যে বানপীড়িত লোকসকলৰ সহায়ৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় ব্যৱস্থা গ্ৰহণ কৰক। লগতে স্বাস্থ্য বিভাগ, বিদ্যুৎ বিভাগ আদি সকলো বিভাগক নিৰ্দেশ দি বান শিবিৰত প্ৰয়োজনীয় সুবিধা প্ৰদান কৰাৰ ব্যৱস্থা ল’ব।
ধন্যবাদসহ
ভৱদীয়
সভাপতি-সচিব
পানীকড়া গ্ৰাম সভা, গোলাঘাট
2. অভিযোগ-পত্ৰৰ অনুবাদ (স্বাস্থ্য বিষয়াকলৈ)
সেৱালৈ,
মাননীয় স্বাস্থ্য বিষয়ক মহোদয়
মৰঙী স্বাস্থ্য কেন্দ্ৰ
মৰঙী, গোলাঘাট
বিষয়: স্বাস্থ্য সম্পৰ্কীয় সুবিধা প্ৰদানৰ বাবে আবেদন
মহাশয়,
এই পত্ৰৰ জৰিয়তে আমাৰ অঞ্চলত হোৱা বানৰ ফলত সৃষ্টি হোৱা অৱস্থা আৰু বান শিবিৰত থকা লোকসকলৰ অসুবিধাৰ বিষয়ে আপোনাৰ দৃষ্টি আকৰ্ষণ কৰিব বিচাৰোঁ। স্থানীয় উচ্চ বিদ্যালয়ত স্থাপিত বান শিবিৰত ধীৰে ধীৰে অস্বচ্ছতা বৃদ্ধি পাইছে আৰু মশাৰ উপদ্ৰৱ বাঢ়িছে। ইয়াৰ ফলত ৰোগ প্ৰসাৰৰ আশংকা দেখা দিছে।
অতএব আপোনাক অনুৰোধ জনাইছোঁ যে শিবিৰখন পৰিষ্কাৰ কৰাৰ ব্যৱস্থা ল’ব, মশা নিধন ঔষধ ছটিয়াব আৰু প্ৰয়োজনীয় স্বাস্থ্যসেবা প্ৰদান কৰিব।
ধন্যবাদসহ
ভৱদীয়
সভাপতি-সচিব
পানীকড়া গ্ৰাম সভা, গোলাঘাট
4. हिंदी में महीनो के नाम लिखो:
वैसाख, ………, ………. सावन, …….., ……….. कार्तिक, ………, ……….. माघ, ………. चैत।
उत्तर: वैसाख ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन, कार्तिक, अग्रहायण (मार्गशीर्ष), पौष और फाल्गुन।
5. हम किस–किस मध्यम से संदेश भेज सकते है? जानकारी प्राप्त करो।
उत्तर: (i) हम चिट्ठी के द्वारा संदेश भेज सकते है।
(ii) टेलीफोन के जरिए संदेश भेज सकते है।
(iii) हम मैसेज के जरिए भी संदेश भेज सकते है।
| योग्यता–विस्तार |
1. बाढ़ असम की एक ज्वलंत समस्या है। बाढ़ से हमारी बहुत क्षति होती है। बाढ़ को राष्ट्रीय समस्या घोषित करने का अनुरोध करते हुए अपने सहपाठियों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखो।
उत्तर:
सेवा में,
माननीय प्रधानमंत्री जी
भारत सरकार, नई दिल्ली
दिनांक: ___ / ___ / 20__
विषय: असम की बाढ़ को राष्ट्रीय समस्या घोषित करने हेतु निवेदन
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम ______ विद्यालय के विद्यार्थी हैं। असम राज्य में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ एक गंभीर समस्या बन गई है। बाढ़ के कारण लोगों के घर, खेत, पशु तथा जीवन-यापन के साधन नष्ट हो जाते हैं। हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में रहना पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
हर वर्ष भारी आर्थिक एवं जन-हानि होने के कारण यह समस्या केवल राज्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की समस्या बन चुकी है। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि असम की बाढ़ को राष्ट्रीय समस्या घोषित कर स्थायी समाधान हेतु विशेष योजना एवं पर्याप्त सहायता प्रदान करने की कृपा करें।
हमें आशा है कि आप हमारी इस प्रार्थना पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
धन्यवाद।
भवदीय
हम सभी विद्यार्थी
________ विद्यालय, ________ (असम)
2. अपने क्षेत्र की समस्याओं का पता लगाओ। इन समस्याओं की एक सूची बनाओ। सूची में प्रत्येक समस्या के उत्पन्न होने की वजह लिखो। इनमें से किसी एक समस्या के समाधान के लिए तुम क्या कदम उठाओगे, लिखो।

Hi, I’m Dev Kirtonia, Founder & CEO of Dev Library. A website that provides all SCERT, NCERT 3 to 12, and BA, B.com, B.Sc, and Computer Science with Post Graduate Notes & Suggestions, Novel, eBooks, Biography, Quotes, Study Materials, and more.




