NIOS Class 12 Painting Chapter 18 मुखाकृति चित्रण

NIOS Class 12 Painting Chapter 18 मुखाकृति चित्रण Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus. to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Painting Chapter 18 मुखाकृति चित्रण Notes and select need one. NIOS Class 12 Painting Chapter 18 मुखाकृति चित्रण Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Painting Paper Code: 332.

NIOS Class 12 Painting Chapter 18 मुखाकृति चित्रण

Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 12 Painting Hindi Medium Solutions, NIOS Senior Secondary Course Painting Notes in Hindi for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 18

Part – 2: प्रयोगात्मक
पाठगत प्रश्न

1. पाठ में दी गई विधि के अनुसार आँख, नाक, कान, होंठ इत्यादि का विभिन्न दशाओं में चित्रण करें। 

उत्तर: 

2. किसी भी एक मुखाकृति का रेखांकन करें। 

उत्तर: 

3. किसी भी एक मुखाकृति को पेंसिल शेडिंग के माध्यम से छाया-प्रकाश दिखाते हुए चित्र पूर्ण करें। 

उत्तर: 

4. अपने परिवार के किसी सदस्य अथवा दोस्त का व्यक्ति चित्र बनाएं। 

उत्तर: 

5. रंगीन पेंसिल के माध्यम से किसी भी महापुरुष का व्यक्ति चित्र बनाएं। 

उत्तर: 

अतिरिक्त प्रश्न उत्तर

1. भारतीय साहित्य और प्राचीन ग्रंथों में चित्रकला और व्यक्ति चित्रण का उल्लेख कहाँ मिलता है? 

उत्तर: यथार्थवादी व्यक्ति चित्रण के संबंध में भारतीय साहित्य जैसे महाभारत, रामायण और पुराणों में उल्लेख मिलते हैं। इसके अलावा, वात्स्यायन द्वारा रचित ‘कामसूत्र’ में चित्रकला के ‘षडांग’ (छह अंगों) के आधार पर चित्रकला के नियमों की विवेचना की गई है।

2. मानव शरीर और सिर (चेहरे) के बीच क्या आनुपातिक संबंध (Proportion) होता है? 

उत्तर: मानव शरीर के विभिन्न अंगों का आपस में एक आनुपातिक संबंध होता है। यदि किसी मानव के सिर को एक इकाई (Unit) माना जाए, तो उसका पूरा शरीर उसके सिर का साढ़े सात (7½) गुना होता है।

3. मुखाकृति चित्रण में ‘भावों’ (Expressions) का क्या महत्व है? 

उत्तर: मुखाकृति चित्रण की प्रमुख विशेषता व्यक्ति के चारित्रिक भावों को प्रमुखता से दर्शाना है। अलग-अलग भावों (जैसे शांत मुद्रा, दुखी मुद्रा, हास्य मुद्रा, चिंतित मुद्रा) के कारण मुखाकृति की मांसपेशियों में परिवर्तन हो जाता है, जिससे चेहरा नव रस के आधार पर भिन्न-भिन्न रूपों में दिखाई देता है।

4. जलरंग (Water color) से मुखाकृति बनाते समय चित्र में सफेद (White) रंग का प्रयोग क्यों नहीं किया जाता है? 

उत्तर: जलरंग पारदर्शी होते हैं, इसलिए जहाँ चित्र में ज्यादा प्रकाश (Light) दिखाना होता है, वहाँ सफेद रंग लगाने के बजाय कागज़ (ड्राइंग शीट) को सफेद ही छोड़ दिया जाता है। यदि जलरंग में सफेद रंग मिलाया जाता है तो वह रंग अपारदर्शी (Opaque) हो जाता है और चित्र में भावहीनता का प्रभाव आ जाता है।

5. तैलरंग (Oil colors) से चित्र बनाते समय रंगों का प्रयोग किस क्रम में किया जाता है? 

उत्तर: तैलरंग (Oil color) माध्यम की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें हमेशा गहरी तान (Dark tone) से हल्की तान (Light tone) की तरफ जाया जाता है। चित्रकार सबसे पहले मुखाकृति की छाया वाले भाग पर गहरी तान लगाते हैं, उसके बाद मध्यम और हल्की तान का प्रयोग करते हैं। सबसे अंत में जहाँ अत्यधिक प्रकाश दिखाना हो, वहाँ सफेद या सफेद में हल्का पीला रंग मिलाकर लगाया जाता है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top