NIOS Class 10 Science and Technology Chapter 18 ध्वनि और संचार

NIOS Class 10 Science and Technology Chapter 18 ध्वनि और संचार Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 10 Science and Technology Chapter 18 ध्वनि और संचार Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 10 Science and Technology Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 10 Science and Technology Notes Paper Code: 212.

NIOS Class 10 Science and Technology Chapter 18 ध्वनि और संचार

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Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 10 Science and Technology Notes, NIOS Secondary Course Science and Technology Solutions in Hindi for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 18

पाठगत प्रश्न 18.1

1. किस ध्वनि तरंग के श्रृंग एक दूसरे से ज्यादा दूर होते हैं – वह तरंग जिसकी आवृत्ति 100 Hz है या वह तरंग जिसकी आवृत्ति 500 Hz है?

उत्तर: 100 हर्ज आवृत्ति की तरंग में शृंग दूर-दूर होंगे क्योंकि उसकी तरंगदैर्ध्य ज्यादा होगी। ध्वनि तरंगों के लिए वेग ‘v’ तरंगदैर्ध्य ‘λ’ और आवृत्ति ‘V’ के गुणनफल के बराबर होता है। (v = n × λ अथवा v/n = λ) और इसलिए तरंगदैर्ध्य ओर आवृत्ति आपस में व्युत्क्रमानुपाती होते हैं। समान वेग के लिए, कम आवृत्ति वाली तरंग ज्यादा तरंगदैर्ध्य की होगी। इसलिए 500 Hz की तरंग की तुलना में 100 Hz वाली तरंग के लिए तरंगदैर्ध्य अधिक होगी और शृंग दूर-दूर होंगे।

2. अगर किसी ध्वनि का वेग 330 मीटर/सेकण्ड (m/s) हो और आवृत्ति 1000 हर्ट्ज हो तो उसका तरंगदैर्ध्य क्या होगा?

उत्तर: सूत्र है —

v = f λ

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दिया है:

v = 330 m/s

f = 1000 Hz

तो

λ = v/f = 300/1000 = 0.33 मीटर

तरंगदैर्ध्य = 0.33 मीटर

3. मनुष्यों द्वारा सुनी जा सकनेवाली ध्वनि की आवृत्ति का श्रव्य परास क्या है?

उत्तर: लगभग 20 Hz से 20 KHz तक।

पाठगत प्रश्न 18.2

1. तरंग में किसका स्थानांतरण होता है, पदार्थ का या ऊर्जा का?

उत्तर: तरंग ऊर्जा को स्थानान्तरित करती है। अगर पदार्थ अपनी जगह बदलता भी है तो यह अस्थायी होता है तथा व पुनः अपनी प्रारंभिक अवस्था को प्राप्त कर लेता है जैसा कि पानी की लहरों में होता है। 

2. यांत्रिक और विद्युत-चुम्बकीय तरंगें किस एक दूसरे से प्रकार भिन्न है?

उत्तर: यांत्रिक तरंगों को गमन के लिए द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता होती है। विद्युत-चुम्बकीय तरंगें माध्यम में भी चल सकती हैं और निर्वात में भी, परन्तु माध्यम में विद्युत-चुम्बकीय तरंगों की ऊर्जा तेजी से क्षयित होती है जबकि ध्वनि, जो यांत्रिक तरंग है, गैसों से द्रवों में और द्रवों से ठोसों में अधिक वेग से गति करती है और इसमें उतनी ऊर्जा का क्षय नहीं होता। विद्युत-चुम्बकीय तरंगों का वेग (लगभग 3 लाख किलोमीटर प्रति सेंकड) भी ध्वनि से बहुत अधिक होता है।

3. अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य तरंगों में क्या अन्तर है?

उत्तर: अनुप्रस्थ तरंग में माध्यम के कंण तरंग गति की लम्बवत् दिशा में कम्पन करते हैं जबकि अनुदैर्ध्य तरंग में माध्यम के कण तरंग गति के अनुदिश कम्पन करते हैं।

4. क्या ठोसों में अनुप्रस्थ तरंगें बनती हैं?

उत्तर: हाँ, ध्वनि तरंगें ठोसों में चल सकती हैं।

पाठगत प्रश्न 18.3

1. ध्वनि की प्रबलता का मात्रक क्या है?

उत्तर: ध्वनि के स्तर का मात्रक डेसीबल है। यह बेल (bel) का दसवाँ हिस्सा होता है। दरअसल, डेसीबल एक तुलनात्मक मात्रक है। इसके लिए निर्देशक निम्नतर स्तर पर वह सबसे कम तीव्रता की ध्वनि है जिसे हम बस सुन ही पाते हैं। अतः हम सामान्यतः ध्वनि के स्तर का उल्लेख डेसीबल में करते हैं।

2. बाँसुरी के पार्श्वपृष्ठ पर लम्बवत् कई छिद्र क्यों बनाए जाते हैं?

उत्तर: बांसुरी एक प्रकार का आर्गन पाइप है जिसमें वायु-स्तम्भ कम्पन करते हैं। वायुस्तम्भ की लम्बाई अधिक होने से इसमें उत्पन्न कम्पनों का तरंगदैर्ध्य अधिक होगा और इसलिए आवृत्ति कम होगी। बांसुरी के पार्श्व में छिद्र इसलिए बनाए जाते हैं ताकि उनको बंद करके कम्पनशील वायुस्तंभ की लम्बाई को बदला जा सके।

पाठगत प्रश्न 18.4

1. तीन ऐसे उपकरणों के उदाहरण दीजिए जिनमें माइक्रोफोनों अथवा स्पीकरों अथवा दोनों का एक साथ उपयोग किया जाता है।

उत्तर: टेलीफोन के बोलनेवाले भाग में माइक्रोफोन लगा होता है। इसके दूसरे सिरे पर एक स्पीकर भी लगा होता है। रेडियो व टेलीविजन में भी स्पीकर लगा होता है। सिग्नल की वोल्टता के अनुरूप स्पीकर के डायाफ्राम को कम्पन करा कर उन्हें वायु में ध्वनि तरंगों में रूपांतरित कर लिया जाता है। अगर हम टेलिफोन, रेडियो और टेलिविजन को निर्वात में बजाएँ/चलाएँ तो हमें कोई आवाज नहीं सुनाई देगी।

2. संधारित्र माइक्रोफोन में लगे डायाफ्राम को यदि बहुत भारी बना दिया जाए तो क्या होगा?

उत्तर: एक संघनित्र माइक्रोफोन में अगर डायाफ्राम बहुत भारी बनाया जाए तो डायाफ्राम का जड़त्व अधिक होगा। इसका अर्थ यह हुआ कि डायाफ्राम का गति करना कठिन हो जाएगा। अतः इसकी गति को इतना नहीं बढ़ाया जा सकेगा कि उच्च आवृत्ति की ध्वनि पुनः प्राप्त की जा सके।

पाठगत प्रश्न 18.5

1. उपग्रहों के कुछ उपयोगों को सूचिबद्ध कीजिए।

उत्तर: उपग्रहों के कुछ उपयोग है— कृत्रिम उपग्रहों का उपयोग संचार, पृथ्वी के मानचित्रण, भौगोलिक घटकों का अध्ययन करने और खगोल विज्ञान में किया जाता है।

2. अगर कैमरों से सुसज्जित कोई उपग्रह धरातल के ऊपर एक निश्चित ऊँचाई पर बना रहता है जबकि पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन और अपनी कक्षा में परिक्रमण करती रहे तो इसके क्या संभावित उपयोग हो सकते हैं?

उत्तर: अगर उपग्रह स्थिर है और पृथ्वी अपनी गति करती रहे तो उपग्रह द्वारा दिए जानेवाले दृश्य बदलते रहेंगे। अतः उपग्रह की स्थिति बदले बगैर उपग्रह पर लगे कैमरे द्वारा पृथ्वी के सम्पूर्ण क्षेत्र को देखा जा सकता है।

3. निम्न भू-कक्षा, भूस्थैतिकी (geostationary) और ध्रुवीय (polar) उपग्रहों को पृथ्वी से ऊँचाई के घटते क्रम में लगाइए (सबसे दूर वाला सबसे पहले)।

उत्तर: भूस्थैतिकी, ध्रुवीय और निम्न भू-कक्षा उपग्रह। इनमं से भूस्थैतिकी उपग्रह की ऊँचाई लगभग 36000 km होती है। ध्रुवीय उपग्रह उससे नीचे और निम्न भू-कक्षा उपग्रह सबसे नीचे (16-1400 km) होते हैं।

4. संचार में अनुप्रयोग हेतु किस प्रकार के उपग्रह को प्राथमिकता दी जाती है?

उत्तर: भूस्थैतिकी उपग्रहों को संचार अनुप्रयोगो के लिए प्राथमिकता दी जाती है। यह इसलिए क्योंकि पृथ्वी से ये उपग्रह एक ही स्थान पर स्थिर दिखाई पड़ते हैं। अतः यदि एन्टीना को इनकी दिशा में एक बार व्यवस्थित कर दिया जाए तो हमें बार-बार उसे व्यवस्थित करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 

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