Class 9 Hindi Elective Chapter 14 साबरमती के संत

Class 9 Hindi Elective Chapter 14 साबरमती के संत answer to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapter Assam Board Class 9 Hindi Elective Chapter 14 साबरमती के संत and select needs one.

Class 9 Hindi Elective Chapter 14 साबरमती के संत

Join Telegram channel

Also, you can read the SCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per SCERT (CBSE) Book guidelines. These solutions are part of SCERT All Subject Solutions. Here we have given Assam Board Class 9 Hindi Elective Chapter 14 साबरमती के संत Solutions for All Subject, You can practice these here.

साबरमती के संत

पाठ – 14

अभ्यासमाला

बोध एवं विचार

अ. सही विकल्प का चयन करो:

1. ‘गांधी तेरी मशाल’ का किस अर्थ में प्रयोग हुआ है?

(क) गांधी जी का दीप।

(ख) गांधी जी की तलवार।

(ग) गांधीजी का आश्रम।

(घ) गांधीजी का आदर्श।

उत्तर: (घ) गांधीजी का आदर्श।

2. स्वाधीनता से पहले भारत पर किसका शासन था?

(क) अंग्रेजों का।

(ख) फ्रांसीसियों का।

(ग) डचों का।

(घ) पुर्तगालियों का।

उत्तर: (क) अंग्रेजों का।

3. गांधी जी को प्यार से लोग क्या कहकर पुकारते थे?

(क) महात्मा।

(ख) बापू।

(ग) मोहन दास।

(घ) राष्ट्रपिता।

उत्तर: (ख) बापू।

4. गांधीजी के ऊँचा मस्तक के सामने किसकी चोटी भी झुकती थी?

(क) विध्यांचल की।

(ख) हिमालय की।

(ग) महाकाल की।

(घ) ताजमहल की।

उत्तर: (ख) हिमालय की।

(आ) पूर्ण वाक्य में उत्तर दो:

1. ‘साबरमती के संत’ किसे कहा गया है?

उत्तर: ‘साबरमती के संत’ महात्मा गांधीजी को कहा गया है।

2. गांधीजी ने क्या कमाल कर दिखाया?

उत्तर: गांधीजी ने बिना ढाल-तलवार से देश को स्वाधीन करके कमल कर दिखाया।

3. महात्मा गांधी का वास्तविक हथियार क्या था?

उत्तर: महात्मा गांधी का वास्तविक हथियार अहिंसा का नीति था।

4. गांधीजी ने लोगों को किस मार्ग पर चलना सिखाया?

उत्तर: गांधीजी ने लोगों को सत्य और अहिंसा मार्ग पर चलना सिखाया।

(इ) संक्षिप्त उत्तर लिखो (लगभग 50 शब्दों में):

1. गांधीजी की संगठन शक्ति के बारे में तुम क्या जानते हो?

उत्तर: स्वाधीनता भारतवासियों के लिए एक चमत्कार था और यह चमत्कार साबरमती के महान संत गांधी जी ने कर दिखाया। भारत से अंग्रेजों को भगाना बड़ा कठिन कार्य था, परन्तु गांधीजी ने इस कार्य को बड़ी आसानी से किया। उनमें गजब की संगठन शक्ति थी।

2. गांधीजी ने किस प्रकार अंग्रेजों से टक्कर लिया था?

उत्तर: गांधीजी ने शरीर में मात्र धोती लपेटे और हाथ में लाठी लेकर जिधर से गुजरते, लाखों मजदूर, किसान, हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, पठान सभी उनके पीछे चल पड़ते थे। सत्य और अहिंसा ही उनका एकमात्र अस्त्र था, जिसके बल पर शक्तिशाली अंग्रेजो जाति से उन्होंने टक्कर ली थी।

3. प्रस्तुत गीत का सारांश अपने शब्दों में लिखो।

उत्तर: छात्र–छात्री खुद करे।

4. ‘साबरमती के संत’ गीत के आधार पर गांधीजी के व्यक्तित्व पर एक संक्षिप्त लेख लिखो।

उत्तर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारत के वे अमर महात्मा थे जिन्होंने अपने आदर्श और सत्य एवं अहिंसा से देश को आजादी दिलाई। उनका जीवन बिल्कुल साधारण फकीर की तरह था। साधारण सी धोती और हाथ में लाठी लिए अपने आदर्शों के बल पर देश को आजादी दिलाना कोई साधारण व्यक्ति का काम नहीं था। इसलिए उन्हें महात्मा कहा जाता है। वे हिंसा के सख्त खिलाफ थे। उन्होंने बिना हथियार और बिना गोला-बारूद का प्रयोग कर दुश्मनों का सामना किया था। सदा सत्य और अहिंसा के मार्ग में ही चलते थे।

(ई) भावार्थ लिखो:

(क) मन थी अहिंसा की बदन पे थी लंगोटी लाखों में लिए घुमता था सत्य की सोटी।

उत्तर: इस पंक्तियों का अर्थ यह है कि गांधीजी का व्यक्तित्व इतना साधारण था कि वे अपने मन में अहिंसा का भाव लिए, शरीर में मात्र धोती लपेटकर और हाथ में लाठी लेकर जिधर से गुजरते लाखों मजदूर, किसान, हिंदू, मुस्लिम, सिख, पठान सभी उनके पीछे पीछे चलने लगते थे। गांधीजी हमेशा सत्य के मार्ग पर चले और दूसरों को भी सत्य के मार्ग पर चलना सिखाया।

(ख) माँगा न तूने कोई तख्त बेताज ही रहा अमृत दिया सभी को खुद जहर पिया।

उत्तर: इस पंक्ति का भावार्थ यह है कि गांधीजी ने देश को अंग्रेजों से मुक्त कर देश को आजादी दिलाई। इस हिसाब से वह चाहते तो आजादी के बाद उच्च पद या देश के नेता बन सकते थे परंतु उन्होंने ऐसा कुछ नहीं माँगा। उन्होंने हमेशा दूसरों की भलाई के बारे में सोचा। उन्होंने खुद कष्ट उठाकर दूसरों का उपकार किया। तथा इसलिए कहा गया है कि उन्होंने दूसरों को अमृत दिया और खुद जहर पिया है।

भाषा एवं व्याकरण ज्ञान

1. निम्नलिखित मुहावरों वाक्यांशों से वाक्य बनाओ:

चुटकी में, बड़े जोर का टक्कर, पुराना उस्ताद, बिगुल नजाना, फूलो से सेज।

उत्तर: (i) चुटकी में: मेसी ने चुटकी से गोल कर डाला।

(ii) बड़े जोड़ का टक्कर: ब्राजिल और आर्जेन्तिना का खेल मे बड़े जोड़ का टक्कर हुआ।

(iii) पुराना उस्ताद: पुराना उस्ताद का खेल हमेशा सफलता प्राप्त करता है।

(iv) बिगुल बजाना: बिगुल बजाने पर सभी सेनाएँ युद्ध के लिए तैयार हुए।

(v) फूलो के सेज: गरीबी से लड़ते लड़ते हम फूलों के सेज का सपना देखना भुल गये।

2. निम्नलिखित शब्दों का विलोम शब्द लिखो:

अहिंसा, देश, सत्य, अमृत, पुराना, दुश्मन, आजादी, मुश्किल, गुरु, मिशाल।

उत्तर: (i) अहिंसा – हिंसा।

(ii) देश – विदेश।

(iii) सत्य – असत्य। 

(iv) अमृत – विष।

(v) पुराना – नया।

(vi) दुश्मन –  मित्र।

(vii) आजादी – पराधीनता।

(viii) मुश्किल – आसानी।

(ix) गुरु – शिष्य।

3. पठित कविता में प्रयुक्त बेजोड़, बेमिशाल और बेताज शब्द अरबी भाषा के शब्द हैं। तुम भी बे उपसर्ग लगाकर अन्य दस शब्द बनाओ।

उत्तर: बेलगाम, बेहिसाब, बेसुध, बेखटक, बेगुनाह, बेईमान, बेहोश, बेघर, बेचैन, बेसमझ।

योग्यता-विस्तार

1. भारत के स्वाधीनता आंदोलन में महात्मा गांधी के योगदान पर एक परियोजना प्रस्तुत करो।

उत्तर: छात्र–छात्री खुद करे।

2. इतिहास में सत्य अहिंसा एवं प्रेम का मार्ग दिखाने वाले अनेक महापुरुषों के नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं। उनमें से भगवान गौतम बुद्ध, पैगम्बर हजरत मुहम्मद और ईशा मसीह के जीवन एवं उपदेशों के बारे में जानकारी प्राप्त करो।

उत्तर: छात्र–छात्री खुद करे।

3. पठित गीत का सीडी संग्रह कर सुनो और लय के साथ विद्यालय के किसी विशेष अवसर पर गाओ।

उत्तर: छात्र–छात्री खुद करे।

शब्दार्थ एवं टिप्पणी
शब्दअर्थ
खड्ग
पतित
पावन
अजब
करामत
फिरंगी
उस्ताद
विग्ल
कोटि
सोटी
बेमिशाल
वतन
बेताज
सेज
आंधी में जलती रहे गांधी तेरी मशाल साबरमती

उत्तर: 

शब्दअर्थ
खड्गतलवार
पतितगिरा हुआ, पापी
पावनपवित्र
अजबअनोखा, विचित्र
करामतचमत्कार
फिरंगीअंग्रेजी, विदेशी
उस्तादगुरु
विग्लयुद्ध भूमि में बजाया जानेवाला एक वाद्य यंत्र, युद्ध का शंखनाद
कोटिकरोड
सोटीलाठी
बेमिशालअतुलनीय
वतनजन्मभूमि
बेताजमुकुटहीन
सेजबिस्तर, सय्या
आंधी में जलती रहे गांधी तेरी मशाल साबरमतीसंकट के समय भी गाँधी जी का आदर्श कायम रहे गुजरात प्रदेश की एक प्रसिद्ध नदी। इसी नदी के तट पर गांधीजी का आश्रम था। इसे गांधी आश्रम, हरिजन आश्रम और सत्याग्रह आश्रम के नाम से भी जाना जाता है। इस आश्रम का ऐतिहासिक महत्व है। यहीं से गांधीजी ने अपने 78 साथियों को साथ लेकर 12 मार्च, 1930 ई. को दांडी यात्रा शुरू की थी और समुद्र किनारे पहुँचकर समुद्र के जल से स्वयं नमक बनाकर नमक कानून भंग किया था। साबरमती आश्रम आजकल ‘गांधी संग्रहालय’ के रूप में राष्ट्रीय धरोहर है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top