NIOS Class 12 Economics Chapter 21 बाजार के रूप Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Economics Chapter 21 बाजार के रूप Notes and select need one. NIOS Class 12 Economics Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Economics Notes Paper 318.
NIOS Class 12 Economics Chapter 21 बाजार के रूप
Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 12 Economics Hindi Medium Solutions, NIOS Senior Secondary Course Economics Notes in Hindi for All Chapter, You can practice these here.
बाजार के रूप
Chapter: 21
| पाठगत प्रश्न 21 .1 |
1. बाजार क्या है? इसकी विभिन्न विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: अर्थशास्त्र में बाजार किसी निश्चित स्थान का नाम नहीं है, बल्कि यह एक संबंध-तंत्र है जिसके माध्यम से क्रेता और विक्रेता वस्तुओं व सेवाओं का क्रय-विक्रय करते हैं। इसमें स्थान का होना अनिवार्य नहीं है; ऑनलाइन बाजार भी हो सकता है।
बाजार की मुख्य विशेषताएँ –
(क) क्रेता और विक्रेता का संपर्क – क्रेता–विक्रेता आपस में संपर्क स्थापित करते हैं।
(ख) समान वस्तु/सेवा का लेन-देन – बाजार में वस्तु या सेवा का विनिमय होता है।
(ग) मूल्य का निर्धारण – खरीदार और विक्रेता की सहमति से वस्तुओं की कीमत तय होती है।
(घ) प्रतिस्पर्धा का अस्तित्व – वस्तुओं की बिक्री के लिए विक्रेता आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं।
(ङ) स्थान-विशिष्ट नहीं – बाजार किसी निश्चित भौगोलिक स्थान तक सीमित नहीं, यह क्रय-विक्रय की प्रक्रिया है।
2. बाजार की संरचना की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: बाजार की संरचना वह ढाँचा है जिसके अंतर्गत फर्में आपस में प्रतिस्पर्धा करती हैं। इसमें फर्मों की संख्या, उत्पाद की प्रकृति, कीमत का नियंत्रण और प्रवेश–निष्क्रमण जैसी शर्तें शामिल होती हैं।
3. बाजार की मुख्य विशेषताएं बताइए।
उत्तर: बाजार की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –
(क) क्रेताओं और विक्रेताओं की संख्या – किसी भी बाजार में वस्तु के लेन-देन हेतु क्रेताओं व विक्रेताओं का अस्तित्व आवश्यक होता है।
(ख) उत्पाद का प्रकार (समान/असमान) – बाजार में वस्तुएँ समान भी हो सकती हैं और असमान भी। इससे बाजार के प्रकार पर प्रभाव पड़ता है।
(ग) कीमत पर नियंत्रण का स्तर – विभिन्न बाजार रूपों में फर्मों का मूल्य निर्धारण पर नियंत्रण अलग–अलग होता है। कहीं फर्म कीमत-स्वीकारक होती है, तो कहीं कीमत-निर्धारक।
(घ) प्रवेश और निष्क्रमण की स्वतंत्रता – कई बाजारों में नई फर्मों के प्रवेश और पुरानी फर्मों के बाहर जाने पर प्रतिबंध होता है, जबकि कुछ में पूर्ण स्वतंत्रता होती है।
(ङ) प्रतिस्पर्धा का स्तर – बाजार में मौजूद फर्मों के बीच प्रतिस्पर्धा की मात्रा के अनुसार बाजार का स्वरूप निर्धारित होता है।
4. बाजार ढांचे के विभिन्न रूप किस आधार पर एक-दूसरे से भिन्न किए जा सकते हैं।
उत्तर: बाजार संरचना के विभिन्न रूप निम्न आधारों पर एक-दूसरे से भिन्न होते हैं –
(क) फर्मों की संख्या – कहीं कई फर्में होती हैं (पूर्ण प्रतियोगिता), तो कहीं केवल एक (एकाधिकार) या कुछ फर्में (अल्पाधिकार)।
(ख) प्रवेश और निष्क्रमण की स्वतंत्रता – कुछ बाजारों में प्रवेश–निष्क्रमण स्वतंत्र होता है, जबकि कुछ में कानूनी, तकनीकी या आर्थिक बाधाएँ होती हैं।
(ग) उत्पाद का प्रकार (समरूप/विभेदित) – उत्पाद समान हो सकते हैं (पूर्ण प्रतियोगिता) या भिन्न–भिन्न रूपों में उपलब्ध हो सकते हैं (एकाधिकारात्मक प्रतियोगिता)।
(घ) मूल्य पर नियंत्रण – कुछ बाजारों में फर्मों के पास मूल्य निर्धारित करने की शक्ति होती है (एकाधिकार), जबकि कुछ में उन्हें कीमत स्वीकार करनी पड़ती है (पूर्ण प्रतियोगिता)।
(ङ) प्रतिस्पर्धा का स्तर – फर्मों के बीच प्रतिस्पर्धा की तीव्रता के आधार पर भी बाजार का स्वरूप बदलता है।
5. बाजार संरचना का सर्वाधिक प्रतियोगी रूप कौन-सा है?
उत्तर: पूर्ण प्रतियोगिता।
6. बाजार संरचना का न्यूनतम प्रतियोगी रूप कौन-सा है?
उत्तर: एकाधिकार।
7. क्या बाजार के लिए किसी स्थान का होना अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं। बाजार एक स्थान नहीं, बल्कि क्रेता–विक्रेता के संपर्क का तंत्र है। ऑनलाइन मार्केट इसका उदाहरण है।
पाठगत प्रश्न 21.2
1. पूर्ण प्रतियोगिता क्या है? इसकी विभिन्न विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: पूर्ण प्रतियोगिता वह बाजार है जिसमें बहुत अधिक संख्या में क्रेता और विक्रेता होते हैं, सभी एकसमान वस्तु का लेन-देन करते हैं और कोई भी फर्म कीमत पर नियंत्रण नहीं रखती। बाजार में मूल्य माँग और आपूर्ति द्वारा तय होता है और फर्म को वही मूल्य स्वीकार करना पड़ता है।
पूर्ण प्रतियोगिता की मुख्य विशेषताएँ –
(क) क्रेता–विक्रेताओं की बड़ी संख्या: इस बाजार में क्रेता और विक्रेता इतने अधिक होते हैं कि किसी एक का व्यवहार बाजार मूल्य पर प्रभाव नहीं डालता।
(ख) एकसमान वस्तु: सभी फर्में बिल्कुल समान गुणों वाली वस्तुएँ बेचती हैं। वस्तु की गुणवत्ता, रंग, स्वाद या आकार में कोई अंतर नहीं होता।
(ग) कीमत-स्वीकारक फर्में: फर्म स्वयं कीमत निर्धारित नहीं कर सकती। उसे बाजार द्वारा तय कीमत को ही स्वीकार करना होता है।
(घ) प्रवेश और निष्क्रमण की स्वतंत्रता: नई फर्में आसानी से बाजार में आ सकती हैं और चाहे तो बाहर भी निकल सकती हैं। इसी कारण दीर्घ काल में फर्में केवल सामान्य लाभ कमाती हैं।
(ङ) पूर्ण ज्ञान: क्रेता और विक्रेता दोनों को बाजार की पूरी जानकारी होती है – जैसे कीमतें, वस्तु की गुणवत्ता, उपलब्धता आदि।
(च) विक्रय लागत का अभाव: वस्तु एकसमान होने के कारण किसी प्रकार के विज्ञापन, प्रचार या विक्रय लागत की आवश्यकता नहीं होती।
(छ) क्षैतिज मांग वक्र: फर्म का मांग वक्र पूरी तरह लोचदार होता है। फर्म बाजार मूल्य से अधिक मूल्य पर कुछ भी नहीं बेच सकती।
2. पूर्ण प्रतियोगिता में क्रेताओं तथा विक्रेताओं की अधिक संख्या की विशेषता की क्या प्रासंगिकता है?
उत्तर: अधिक संख्या होने से कोई भी फर्म कीमत प्रभावित नहीं कर सकती; प्रत्येक फर्म बाजार से कीमत स्वीकार करती है।
3. पूर्ण प्रतियोगिता में विक्रय लागतों की आवश्यकता क्यों नहीं होती?
उत्तर: क्योंकि सभी फर्म समान वस्तु बेचती हैं; विज्ञापन की जरूरत नहीं।
4. किसी उत्पाद के मांग वक्र का आकार पूर्ण प्रतियोगिता में कैसा होता है?
उत्तर: मांग वक्र क्षैतिज (Horizontal) होता है – फर्म को बाजार की कीमत पर जितना चाहे बेच सकती है।
5. फर्म पूर्ण प्रतियोगिता में दीर्घ काल में केवल सामान्य लाभ क्यों कमाती हैं?
उत्तर: क्योंकि लाभ देखकर नई फर्में प्रवेश कर लेती हैं, जिससे कीमत घटकर सामान्य लाभ पर आ जाती है।
6. पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म कीमत-स्वीकारक होती है, कीमत-निर्धारक नहीं, क्यों?
उत्तर: क्योंकि उसका उत्पादन बाजार की कुल आपूर्ति की तुलना में बहुत कम होता है, इसलिए वह कीमत तय नहीं कर सकती।
7. पूर्ण प्रतियोगिता में सभी फर्म अपनी वस्तुओं को एक ही कीमत पर बेचती हैं। (सही/गलत)
उत्तर: सही।

Hi, I’m Dev Kirtonia, Founder & CEO of Dev Library. A website that provides all SCERT, NCERT 3 to 12, and BA, B.com, B.Sc, and Computer Science with Post Graduate Notes & Suggestions, Novel, eBooks, Biography, Quotes, Study Materials, and more.
Subject Ka Complete Video Solution Dekhein
Step-by-step easy concept explanation aur full questions Answer ke liye watch karein ya app download karein:

