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NIOS Class 12 Economics Chapter 2 भारत में आर्थिक नियोजन
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भारत में आर्थिक नियोजन
Chapter: 2
| पाठगत प्रश्न 2 .1 |
1. आर्थिक संवृद्धि का अर्थ है-
(i) वास्तविक राष्ट्रीय आय में वृद्धि।
(ii) विषमताओं को दूर करना।
(iii) कीमत स्तर में वृद्धि।
(iv) उपर्युक्त में कोई नहीं।
उत्तर: (i) वास्तविक राष्ट्रीय आय में वृद्धि।
2. राष्ट्रीय आय में वृद्धि इसके द्वारा हो सकती है-
(i) जनसंख्या में वृद्धि।
(ii) निवेश की दर में वृद्धि।
(iii) बेरोजगारी में वृद्धि।
(iv) कीमत स्तर में वृद्धि।
उत्तर: (ii) निवेश की दर में वृद्धि।
3. उत्पादन के साधनों के स्वामी कौन हैं?
(i) सरकार।
(ii) शेष विश्व।
(iii) परिवार।
(iv) फर्म तथा उद्योग।
उत्तर: (iii) परिवार।
4. श्रम शक्ति जनसंख्या के इस आय वर्ग से आती है-
(i) 4 से 14.
(ii) 60 से 75.
(iii) 10 से 15.
(iv) 15 से 59.
उत्तर: (iv) 15 से 59.
पाठगत प्रश्न 2.2
1. आय की विषमताओं के कारणों में से एक है-
(i) निजी संपत्ति का अस्तित्व।
(ii) संपत्ति के समान वितरण का अभाव।
(iii) उपर्युक्त दोनों।
(iv) उपर्युक्त में कोई नहीं।
उत्तर: (i) निजी संपत्ति का अस्तित्व।
2. स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की GDP में निम्नलिखित क्षेत्रकों में से किस क्षेत्रक का अंश अधिक रहता था?
(i) उद्योग।
(ii) कृषि।
(iii) सेवा।
(iv) उपर्युक्त में कोई नहीं।
उत्तर: (ii) कृषि।
पाठगत प्रश्न 2.3
1. उदारीकरण का उद्देश्य लाइसेंस प्रणाली को बनाए रखना है। (सत्य/ असत्य)
उत्तर: असत्य।
उदारीकरण (Liberalisation) का मुख्य उद्देश्य लाइसेंस प्रणाली को समाप्त करना और सरकारी नियंत्रण कम करना है।
2. निजीकरण नीति बाजार में प्रतियोगिता को बढ़ाने में सहायता करेगी। (सत्य/असत्य)
उत्तर: सत्य।
निजीकरण (Privatisation) के द्वारा निजी क्षेत्र को प्रवेश मिलता है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ती है।
3. वैश्वीकरण का उद्देश्य आयातित वस्तुओं पर शुल्क लगाना है। (सत्य/असत्य)
उत्तर: असत्य।
वैश्वीकरण (Globalisation) का उद्देश्य आयात पर शुल्क कम करना और विश्व व्यापार को खुला बनाना है।
पाठगत प्रश्न 2.4
1. किस योजना अवधि में, राष्ट्रीय आय में वृद्धि की वास्तविक दर लक्षित वृद्धि दर से अधिक थी?
(i) द्वितीय योजना।
(ii) प्रथम योजना।
(iii) ग्याहरवीं योजना।
(iv) नौवीं योजना।
उत्तर: (ii) प्रथम योजना।
2. प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की दर 21वीं शताब्दी के आरंभ की अवधि की तुलना में योजना काल के आरंभ की अवधि में अधिक ऊंची थी। (सही या गलत)
उत्तर: गलत।
प्रारंभिक योजनाओं में प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि बहुत कम (1–2%) थी। 21वीं सदी में यह वृद्धि काफी अधिक हो चुकी है।
पाठांत प्रश्न:
लघु उत्तर प्रश्न:
1. नियोजन का अर्थ बताइए।
उत्तर: नियोजन एक ऐसी आर्थिक प्रक्रिया है जिसमें लक्ष्य तय करके, उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करके निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान किया जाता है।
2. भारत में नियोजन के दो उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: भारत में नियोजन के मुख्य उद्देश्य –
(क) आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) प्राप्त करना।
(ख) गरीबी, बेरोज़गारी और विषमताएँ कम करना।
3. नियोजन के लिए आवश्यक दो प्रकार के संसाधनों के उदाहरण सहित नाम दीजिए।
उत्तर: (क) भौतिक संसाधन – जैसे बिजली, सड़क, परिवहन, मशीनरी।
(ख) मानव संसाधन – जैसे कुशल श्रमिक, वैज्ञानिक, तकनीशियन।
4. औद्योगीकरण की व्यूह रचना को अपनाने के लिए एक औचित्य बताइए।
उत्तर: औद्योगीकरण से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, कृषि पर दबाव कम होता है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है।
दीर्घोत्तर प्रश्न
1. नियोजन की प्रक्रिया के चरणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: नियोजन एक ऐसी व्यवस्थित प्रक्रिया है जिसमें देश की आर्थिक समस्याओं को हल करने के लिए क्रमबद्ध कदम उठाए जाते हैं।
नियोजन की प्रक्रिया के मुख्य चरण इस प्रकार हैं –
(क) समस्याओं की पहचान: सबसे पहले गरीबी, बेरोज़गारी, कम उत्पादन, कम आय जैसी प्रमुख आर्थिक समस्याओं की पहचान की जाती है।
(ख) समस्याओं का वर्गीकरण: समस्याओं को दो वर्गों में बाँटा जाता है –
• तात्कालिक समस्याएँ (जिनका तुरंत समाधान आवश्यक है)।
• दीर्घकालीन समस्याएँ (जिनके समाधान में समय लगता है)।
(ग) लक्ष्य निर्धारण: नियोजन अवधि के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किए जाते हैं –
• अल्पकालिक लक्ष्य।
• दीर्घकालिक लक्ष्य।
(घ) संसाधनों का आकलन: लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधनों भौतिक, मानव एवं वित्तीय का आकलन किया जाता है।
(ङ) संसाधनों का चयन एवं उपयोग: उचित संसाधनों का चयन कर उनका सबसे अच्छा उपयोग किया जाता है ताकि लक्ष्यों को समय पर प्राप्त किया जा सके।
(च) योजना का क्रियान्वयन एवं निरीक्षण: योजना को लागू किया जाता है और समय-समय पर उसका निरीक्षण व मूल्यांकन किया जाता है। आवश्यकतानुसार संशोधन भी किए जाते हैं।
2. विषमता तथा गरीबी दूर करने के उद्देश्यों की चर्चा कीजिए।
उत्तर: नियोजन का प्रमुख उद्देश्य आय, संपत्ति और अवसरों की असमानता घटाना था ताकि सभी नागरिकों को समान अवसर मिल सके। गरीबी हटाने के लिए उत्पादन बढ़ाना, शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार, रोज़गार के अवसर बढ़ाना और गरीब वर्ग के जीवन स्तर को उठाना शामिल था। सरकारी योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में आय वृद्धि, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार प्रदान कर गरीबी कम करने का प्रयास किया।

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