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NCERT Class 7 Social Science Hamara Paryavaran Chapter 3 हमारी बदलती पृथ्वी

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NCERT Class 7 Social Science Hamara Paryavaran Chapter 3 हमारी बदलती पृथ्वी

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Chapter: 3

हमारा पर्यावरण

क्रियाकलाप

1. भूकंप के पश्चात समाचारपत्रों के मुख्य समाचारों के रूप में दिया गया ‘भूकंप-एक वस्तुस्थिति अध्ययन’ पढ़ें। इस घटना को क्रमानुसार श्रेणीबद्ध करें।

उत्तर: विद्यार्थी स्वयं करें।

2. कल्पना करें कि यदि स्कूल समय के बीच में अचानक भूकंप आ जाए, तो आप अपनी सुरक्षा के लिए क्या करेंगे?

उत्तर: यदि स्कूल समय के बीच में अचानक भूकंप आ जाए हम अपनी सुरक्षा के लिए निम्नलिखित तैयारी करेंगे—

(i) अपने दोस्तों एवं पारिवारिक सदस्यों के बीच जागरूकता फैलाएंगे एवं आपदा का सामना विश्वास से करेंगे।

(ii) मेज के नीचे, दीवार के अंदरूनी कोने में बैठेंगे।

(iii) टूट सकने वाली खिड़कियों, दर्पण एवं तसवीर फ्रेम से दूर रहेंगे।

आओ कुछ करके सीखें

1. विश्व की कुछ नदियों के नाम ढूँढ़ें, जो डेल्टा का निर्माण करती हैं।

उत्तर: डेल्टा का निर्माण करने वाली विश्व की कुछ नदियों के नाम–

(i) गंगा।

(ii) जाइरे।

(iii) इरावदी।

(iv) मिसिसिपी।

(v) नील।

(vi) सिंधु।

अभ्यास

1. निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

(क) प्लेटें क्यों घूमती हैं?

उत्तर: स्थलमंडल अनेक प्लेटों में विभाजित है, जिन्हें स्थलमंडलीय प्लेट कहते हैं। ये प्लेट हमेशा धीमी गति से चारों तरफ घूमती रहती हैं-प्रत्येक वर्ष केवल कुछ मिलीमीटर के लगभग। पृथ्वी के अंदर पिघले हुए मैग्मा में होने वाली गति के कारण ऐसा होता है। पृथ्वी के अंदर पिघला हुआ मैग्मा एक वृत्तीय रूप में घूमता रहता है।

(ख) बहिर्जनिक एवं अंतर्जनित बल क्या हैं?

उत्तर: जो बल पृथ्वी के आंतरिक भाग में घटित होते हैं उन्हें अंतर्जनित बल (एंडोजेनिक फोर्स) कहते हैं एवं जो बल पृथ्वी की सतह पर उत्पन्न होते हैं उन्हें बहिर्जनिक बल (एक्सोजेनिक फोर्स) कहते हैं। अंतर्जनित बल कभी आकस्मिक गति उत्पन्न करते हैं, तो कभी धीमी गति। भूकंप एवं ज्वालामुखी जैसी आकस्मिक गति के कारण पृथ्वी की सतह पर अत्यधिक हानि होती है।

(ग) अपरदन क्या है?

उत्तर: भू-दृश्य पर जल, पवन एवं हिम जैसे विभिन्न घटकों के द्वारा होने वाले क्षय को अपरदन कहते हैं। वायु, जल आदि अपरदित पदार्थ को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं, और फलस्वरूप एक स्थान पर निक्षेपित करते हैं। अपरदन एवं निक्षेपण के ये प्रक्रम पृथ्वी के धरातल पर विभिन्न स्थलाकृतियों का निर्माण करते हैं।

(घ) बाढ़कृत मैदान का निर्माण कैसे होता है?

उत्तर: कभी-कभी नदी अपने तटों से बाहर बहने लगती है। फलस्वरूप निकटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ आ जाती है। बाढ़ के कारण नदी के तटों के निकटवर्ती क्षेत्रों में महीन मिट्टी एवं अन्य पदार्थों का निक्षेपण करती है। ऐसी मिट्टी एवं पदार्थों को अवसाद कहते हैं। इससे समतल उपजाऊ बाढ़कृत मैदान का निर्माण होता है।

(च) बालू टिब्बा क्या है?

उत्तर: पवन शैल के ऊपरी भाग की अपेक्षा निचले भाग को आसानी से काटती है। इसलिए ऐसी शैल के आधार संकीर्ण एवं शीर्ष विस्तृत होते हैं। पवन चलने पर, यह अपने साथ रेत को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाती है। जब पवन का बहाव रुकता है तो यह रेत गिरकर छोटी पहाड़ी बनाती है। इनको बालू टिब्बा कहते हैं।

(छ) समुद्री पुलिन का निर्माण कैसे होता है?

उत्तर: समुद्री तरंगें किनारों पर अवसाद जमा कर समुद्री पुलिन का निर्माण करती हैं।

(ज) चापझील क्या है?

उत्तर: जब नदी मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है, तो वह मोड़दार मार्ग पर बहने लगती है। नदी के इन्हीं बड़े मोड़ों को विसर्प कहते हैं। इसके बाद विसर्पों के किनारों पर लगातार अपरदन एवं निक्षेपण शुरू हो जाता है। विसर्प लूप के सिरे निकट आते जाते हैं। समय के साथ विसर्प लूप नदी से कट जाते हैं और एक अलग झील बनाते हैं, जिसे चापझील कहते हैं।

2. सही (√) उत्तर चिह्नित कीजिए—

(क) इनमें से कौन-सी समुद्री तरंग की विशेषता नहीं है?

(i) शैल।

(ii) किनारा।

(iii) समुद्री गुफा।

उत्तर: (i) शैल।

(ख) हिमनद की निक्षेपण विशेषता है—

(i) बाढ़कृत मैदान।

(ii) पुलिन।

(iii) हिमोढ़।

उत्तर: (iii) हिमोढ़।

(ग) पृथ्वी की आकस्मिक गतियों के कारण कौन-सी घटना होती है?

(i) ज्वालामुखी।

(ii) वलन।

(iii) बाढ़कृत मैदान।

उत्तर: (i) ज्वालामुखी।

(घ) छत्रक शैलें पाई जाती है—

(i) रेगिस्तान में।

(ii) नदी घाटी में।

(iii) हिमनद में।

उत्तर: (i) रेगिस्तान में।

(च) चापझील यहाँ पाई जाती हैं—

(i) हिमनद।

(ii) नदी घाटी।

(iii) रेगिस्तान।

उत्तर: (ii) नदी घाटी।

3. निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़े बनाइए—

(क) हिमनद(i) समुद्री तट
(ख) विसर्प(ii) छत्रक शैल
(ग) पुलिन(iii) बर्फ़ की नदी
(घ) बालू टिब्बा(iv) नदियाँ
(ङ) जलप्रपात(v) पृथ्वी का कंपन
(च) भूकंप(vi) समुद्र भृगु
(vii) कठोर संस्तर शैल
(viii) रेगिस्तान

उत्तर: 

(क) हिमनद(iii) बर्फ़ की नदी
(ख) विसर्प(iv) नदियाँ
(ग) पुलिन(i) समुद्री तट
(घ) बालू टिब्बा(viii) रेगिस्तान
(ङ) जलप्रपात(vii) कठोर संस्तर शैल
(च) भूकंप(v) पृथ्वी का कंपन

4. कारण बताइए—

(क) कुछ शैल छत्रक के आकार में होते हैं।

उत्तर: रेगिस्तान में पवन, अपरदन एवं निक्षेपण का प्रमुख कारक है। रेगिस्तान में छत्रक के आकार के शैल दिखते है, जिन्हें सामान्यतः छत्रक शैल कहते हैं। पवन शैल के ऊपरी भाग की अपेक्षा निचले भाग को आसानी से काटती है। इसलिए ऐसी शैल के आधार संकीर्ण एवं शीर्ष विस्तृत होते हैं। पवन चलने पर, यह अपने साथ रेत को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाती है।

(ख) बाढ़कृत मैदान बहुत उपजाऊ होते हैं।

उत्तर: बाढ़ के समय नदी अपने तटों को पारकर अपने आस-पास के क्षेत्रों को जलमग्न कर देती है। बाढ़ के कारण नदी के तटों के निकटवर्ती क्षेत्रों में महीन मिट्टी एवं अन्य पदार्थों का निक्षेपण करती है। ऐसी मिट्टी एवं पदार्थों को अवसाद कहते हैं। इससे समतल उपजाऊ बाढ़कृत मैदान का निर्माण होता है।

(ग) समुद्री गुफा स्टैक के रूप में परिवर्तित हो जाती है।

उत्तर: समुद्री गुफा गुफाओं के बड़े होते जाने पर इनमें केवल छत ही बचती है, जिससे तटीय मेहराब बनते हैं। लगातार अपरदन छत को भी तोड़ देता है और केवल दीवारें बचती हैं। दीवार जैसी इन आकृतियों को स्टैक कहते हैं।

(घ) भूकंप के दौरान इमारतें गिरती हैं।

उत्तर: भूकंप के दौरान पृथ्वी की सतह पर काफी कंपन होता है और इस कंपन से मकान या इमारतें हिलने लगती हैं और हिलने से मकान या इमारतें गिरने लगती हैं। अधिकांश इमारतें भूकम्परोधी नहीं होतीं। ऐसी इमारतें भूकंपीय तरंगों के झटकों को झेलने में असफल रहती हैं।

5. क्रियाकलाप—

नीचे दिए गए चित्रों को देखें। यह नदी द्वारा निर्मित स्थलाकृतियाँ हैं। कि ये नदी के अपरदन अथवा निक्षेपण अथवा दोनों का परिणाम हैं।

उत्तर: विद्यार्थी स्वयं करें।

6. आओ खेलें-

(i) नीचे दी गयी वर्ग पहेली को हल करें।

नोट: वर्ग पहेली के उत्तर अँग्रेजी के शब्दों में है।

बाएँ से दाएँ

2. नदी के लूप जैसा मोड़।

4. जल का ठोस रूप।

7. हिम का चलना।

9. जल का ऊँचाई से गिरना।

11. समुद्री तरंग द्वारा दुर्बल शैल में बनाई गयी प्राकृतिक गुफा।

12. नदी के तटबंध।

13. समुद्री जल का विशाल भंडार।

14. शुष्क प्रदेश जहाँ बालू के टिब्बे पाए जाते हैं।

15. बालू की छोटी पहाड़ी जो पवन के कार्य से बनती है।

16. बाढ़ के समय नदी निक्षेपण द्वारा निर्मित समतल मैदान।

ऊपर से नीचे

1. जल की सतह पर पवन द्वारा जल का उठना एवं गिरना।

3. चैनल में जल का बहाव।

5. समुद्री तट पर तीव्र ऊर्ध्वाधर शैल।

6. हिमनद द्वारा लाए गए पदार्थ।

8. नदी विसर्प द्वारा निर्मित चापाकार झील।

10. पवन द्वारा निक्षेपित महीन बालू।

13. समुद्र तट के निकट एकल दीवार जैसी शैल आकृति।

14. नदी के मुहाने पर अवसाद निक्षेपण से निर्मित आकृति।

उत्तर: 

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