NCERT Class 7 Science Chapter 2 पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन

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NCERT Class 7 Science Chapter 2 पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन

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Chapter: 2

आइए, और अधिक सीखें

1. एक विलयन लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है। निम्नलिखित में से कौन-सा विलयन अत्यधिक मात्रा में मिलाने पर परिवर्तन को उत्क्रमित कर देगा?

(i) चूने का पानी।

(ii) बेकिंग सोडा।

(iii) सिरका।

(iv) साधारण नमक का विलयन।

उत्तर: (iii) सिरका।

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2. आपको ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ नामांकित तीन अज्ञात विलयन दिए गए हैं परंतु आप नहीं जानते हैं कि इनमें से कौन-सा विलयन अम्लीय, क्षारीय या उदासीन है। विलयन ‘क’ में लाल लिटमस विलयन की कुछ बूंदें डालने पर वह नीला हो जाता है। जब हल्दी के विलयन की कुछ बूँदें विलयन ‘ख’ में डाली जाती हैं तो वह लाल हो जाता है। अंत में विलयन ‘ग’ में गुलाब के अर्क की कुछ बूँदें डालने पर वह हरा हो जाता है। प्रेक्षणों के आधार पर ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ की प्रकृति के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सही क्रम है?

(i) अम्लीय, अम्लीय और अम्लीय।

(ii) उदासीन, क्षारीय और क्षारीय।

(iii) क्षारीय, अम्लीय और क्षारीय।

(iv) क्षारीय, क्षारीय और क्षारीय।

उत्तर: (iv) क्षारीय, क्षारीय और क्षारीय।

3. चित्र 2.13, चित्र 2.14 और चित्र 2.15 का अवलोकन कर उनका विश्लेषण कीजिए। इनमें लाल गुलाब के अर्क में भिगोई हुई कागज की पड्डियों का उपयोग किया गया है। प्रत्येक पात्र में उपस्थित विलयन की प्रकृति को नामांकित कीजिए।

उत्तर: चित्र 2.13, 2.14, 2.15 का विश्लेषण:

गुलाब-अर्क पट्टी लाल हो → अम्लीय।

गुलाब-अर्क पट्टी हरा हो → क्षारीय।

कोई परिवर्तन नहीं → उदासीन।

4. प्रयोगशाला में एक द्रव प्रतिदर्श का परीक्षण विभिन्न सूचकों का उपयोग करके किया गया-

सूचकलाल लिटमसनीला लिटमसहल्दी
परिवर्तनकोई परिवर्तन नहींलाल में परिवर्तितरंग में कोई परिवर्तन नहीं

परीक्षणों के आधार पर द्रव की अम्लीय अथवा क्षारीय प्रकृति की पहचान कीजिए और अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

उत्तर: विश्लेषण:

लाल लिटमस: यदि लाल लिटमस में कोई परिवर्तन नहीं हुआ, तो द्रव न तो क्षार है और न ही तटस्थ (क्योंकि क्षार होने पर लाल लिटमस नीला हो जाता)।

नीला लिटमस: नीला लिटमस लाल में बदल गया, इसका अर्थ है कि द्रव अम्लीय है।

हल्दी: अम्लीय विलयन हल्दी में कोई परिवर्तन नहीं करता, इसलिए यहां भी रंग अपरिवर्तित रहा।

निष्कर्ष: इसलिए, दिए गए परीक्षणों के आधार पर द्रव की प्रकृति अम्लीय है।

पुष्टि: नीला लिटमस लाल होना अम्लीय विलयन का मुख्य लक्षण है, और हल्दी में कोई परिवर्तन न होना भी इसी को पुष्ट करता है।

5. मान्या की आँखों पर पट्टी बँधी है। उसे दो अज्ञात विलयन दिए गए हैं ताकि वह जाँच कर सके कि वे अम्लीय हैं या क्षारीय। मान्या को विलयनों का परीक्षण करने के लिए किस सूचक का उपयोग करना चाहिए और क्यों?

उत्तर: मान्या को इस प्रयोग में रंग के परिवर्तन को स्वयं आँखों से देखने की आवश्यकता भी नहीं है, क्योंकि वह पट्टी बाँधे है। परिवर्तन के पश्चात् लाल या नीले लिटमस-पत्र को किसी अन्य व्यक्ति से जँचवाया जा सकता है, अथवा पट्टी खोलकर वह देख सकती है। महत्वपूर्ण यह है क्योंकि लिटमस-पत्र का रंग परिवर्तन इतना स्पष्ट और प्रत्यक्ष होता है कि उसके माध्यम से अम्ल और क्षार की पहचान तुरंत हो जाती है।

इसी कारण से कहा जा सकता है कि मान्या को अपने प्रयोग के लिए लाल और नीला लिटमस-पत्र ही प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि यही सूचक अम्लीय और क्षारीय विलयनों को परखने के लिए सबसे सरल, सटीक और सुविधाजनक है।

6. क्या आप विभिन्न सामग्रियों का सुझाव दे सकते हैं जिनका उपयोग श्वेत कागज (अध्याय के आरम्भ में दिया गया) पर संदेश लिखने के लिए किया जा सकता है और छिड़काव वाली बोतल में क्या लिया जा सकता है? विभिन्न संभावित संयोजनों के प्रयोग से प्राप्त लेखन के रंगों को एक तालिका में लिखिए।

उत्तर: अध्याय की शुरुआत में यह गतिविधि दी गई है कि साधारण श्वेत कागज़ पर हम गुप्त संदेश लिख सकते हैं और फिर किसी विशेष घोल का छिड़काव करके उसे दृश्यमान बना सकते हैं। यह प्रयोग वास्तव में अम्ल, क्षार तथा प्राकृतिक सूचकों के परस्पर क्रियान्वयन पर आधारित है। जब अम्लीय या क्षारीय द्रव किसी सूचक के सम्पर्क में आता है तो उसका रंग बदल जाता है। इसी रंग-परिवर्तन के आधार पर लिखा हुआ संदेश दिखाई देने लगता है।

संदेश लिखने के लिए हम सामान्यतः अम्लीय या क्षारीय घोल का प्रयोग करते हैं। उदाहरण के लिए नींबू का रस, सिरका, संतरे का रस आदि अच्छे अम्लीय पदार्थ हैं। वहीं साबुन का घोल, बेकिंग सोडा का घोल अथवा चूने का पानी अच्छे क्षारीय पदार्थ हैं। ये सभी पदार्थ साधारण श्वेत कागज़ पर लगभग रंगहीन अथवा हल्के दाग की तरह ही नज़र आते हैं, इसलिए लिखाई तुरंत दिखाई नहीं देती। जब इस कागज़ पर छिड़काव बोतल द्वारा किसी प्राकृतिक सूचक का अर्क डाला जाता है, तो अम्ल या क्षार के प्रभाव से उसका रंग बदल जाता है और लिखी हुई आकृति या अक्षर स्पष्ट हो उठते हैं।

श्वेत कागज़ पर संदेश लिखने का घोलछिड़काव बोतल में सूचकलेखन में दिखाई देने वाला रंग
साबुन का घोल/बेकिंग सोडा का घोल (क्षारीय)हल्दी का घोललाल-भूरा
सिरका/नींबू रस (अम्लीय)बैंगनी पत्तागोभी का रसलाल/गुलाबी
बेकिंग सोडा का घोल (क्षारीय)बैंगनी पत्तागोभी का रसहरा/नीला
सिरका या नींबू रस (अम्लीय)गुलाब/गुड़हल का अर्कलाल
बेकिंग सोडा का घोल (क्षारीय)गुलाब/गुड़हल का अर्कहरा 

7. अँगूर के रस को लाल गुलाब के अर्क के साथ मिलाया गया। मिश्रण का रंग लाल हो गया। यदि इस मिश्रण में बेकिंग सोडा मिला दिया जाए तो क्या होगा? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

उत्तर: जब अंगूर के रस और लाल गुलाब अर्क के बने लाल रंग के मिश्रण में बेकिंग सोडा मिलाया जाता है, तो अम्ल–क्षार अभिक्रिया के कारण माध्यम क्षारीय हो जाता है। परिणामस्वरूप गुलाब अर्क का रंग लाल से हरा/नीला हो जाता है और साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड गैस के बुलबुले निकलते हैं।

8. अश्विन ने अपनी दादी के जन्मदिन पर संतरे के रस का उपयोग करके उन्हें एक गुप्त संदेश लिखा। क्या आप संदेश को दृश्यमान करने में दादी की सहायता कर सकते हैं? इसे दृश्यमान करने के लिए आप किस सूचक का प्रयोग करेंगे?

उत्तर: अश्विन ने अपनी दादी के जन्मदिन पर संतरे के रस से संदेश लिखा। संतरे के रस में साइट्रिक अम्ल होता है और अम्लीय घोल से लिखा गया संदेश कागज़ पर सूख जाने के बाद दिखाई नहीं देता। ऐसे गुप्त संदेश को दृश्यमान बनाने के लिए हमें अम्ल की पहचान कराने वाला कोई सूचक प्रयोग करना होगा। यदि उस संदेश पर नीला लिटमस घोल छिड़का जाए तो संतरे के रस की लिखावट अम्लीय होने के कारण नीला लिटमस लाल रंग में बदल जाएगा और संदेश स्पष्ट दिखाई देने लगेगा। इसी प्रकार गुलाब की पंखुड़ियों का अर्क भी अम्लीय माध्यम में लाल रंग प्रदान करता है, इसलिए उसका उपयोग करके भी संदेश को आसानी से पढ़ा जा सकता है। इस प्रकार नीला लिटमस घोल या गुलाब का अर्क प्रयोग करके संतरे के रस से लिखा गुप्त संदेश दृश्यमान किया जा सकता है।

9. प्राकृतिक सूचक कैसे तैयार किया जा सकता है? उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर: चुने हुए फूल या पत्तों को तोड़कर अच्छी तरह कुचलना या पीसना चाहिए। उसके बाद उसका रस (अर्क) छानकर प्राप्त कर लिया जाता है। यह अर्क अम्लीय तथा क्षारीय घोल में अलग-अलग रंग दिखाता है। इसी गुण के कारण इसे सूचक के रूप में प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण:

(i) लाल पत्तागोभी का अर्क अम्लीय घोल में लाल तथा क्षारीय घोल में हरा या पीला रंग देता है।

(ii) हल्दी का अर्क अम्लीय या उदासीन माध्यम में पीला रहता है, जबकि क्षारीय माध्यम में लाल–भूरा हो जाता है।

(iii) गुलाब की पंखुड़ियों का अर्क अम्लीय घोल में लाल तथा क्षारीय घोल में नीला/हरा रंग दिखाता है।

10. आपको तीन द्रव पदार्थ दिए गए हैं। एक सिरका, दूसरा बेकिंग सोडा का विलयन और तीसरा शक्कर का विलयन। क्या आप मात्र हल्दी-पत्र का उपयोग करके उन्हें पहचान सकते हैं? व्याख्या कीजिए।

उत्तर: सिरका, बेकिंग सोडा का विलयन और शक्कर का विलयन–इन तीनों को केवल हल्दी-पत्र की सहायता से पहचाना जा सकता है। हल्दी एक प्राकृतिक सूचक (indicator) है, जो अम्लीय और उदासीन माध्यम में अपना रंग नहीं बदलती और पीली ही रहती है, जबकि क्षारीय माध्यम में यह अपना रंग बदलकर लाल-भूरा (reddish brown) कर देती है।

जब हल्दी-पत्र को सिरका में डाला जाता है, तो कोई परिवर्तन नहीं होता, क्योंकि सिरका अम्लीय है और हल्दी अम्ल में रंग नहीं बदलती। इसी प्रकार जब इसे शक्कर के विलयन में डाला जाता है, तब भी कोई परिवर्तन नहीं होता, क्योंकि शक्कर का घोल उदासीन होता है। लेकिन जब हल्दी-पत्र को बेकिंग सोडा के विलयन में डाला जाता है, तो हल्दी-पत्र का रंग पीले से बदलकर लाल-भूरा हो जाता है, क्योंकि बेकिंग सोडा क्षारीय प्रकृति का होता है।

11. लाल गुलाब का अर्क द्रव X को हरा कर देता है। द्रव X की प्रकृति क्या होगी? जब द्रव X में आँवले का रस अधिक मात्रा में मिश्रित किया जाता है तो क्या होगा?

उत्तर: द्रव X कि प्रकृति क्षारीय होगी। जब इसमें आँवले का रस (अम्लीय) अधिक मात्रा में मिलाया जाता है, तो मिश्रत किया जाता है तो रंग लाल हो जाएगा, क्योंकि लाल गुलाब का अर्क अम्लीय विलयन में लाल रंग दर्शाता है।

12. निम्नलिखित प्रवाह चित्र में दी गई सूचनाओं का अवलोकन कीजिए और उनका विश्लेषण कीजिए। अधूरी जानकारी को पूरा कीजिए।

(i) एक उद्यान की कल्पना कीजिए जिसमें पौधे स्वस्थ दिखाई नहीं दे रहे हैं।

(ii) मृदा की प्रकृति ____________ हो सकती है।

उत्तर: मृदा की प्रकृति अम्लीय हो सकती है।

(ii) मृदा की प्रकृति _____________ हो सकती है।

उत्तर: मृदा की प्रकृति क्षारीय हो सकती है।

(iii) मृदा की प्रकृति का परीक्षण करने के लिए किस सूचक का उपयोग किया जा सकता है? _____________।

उत्तर: सूचक का उपयोग किया जा सकता है,लाल गुलाब का अर्क, लिटमस पत्र, या हल्दी-पत्र।

(iv) अम्लीय मृदा का उपचार _____________ से किया जा सकता है।

उत्तर: अम्लीय मृदा का उपचार चूने से किया जा सकता है।

(v) क्षारीय मृदा का उपचार _____________ से किया जा सकता है।

उत्तर:  क्षारीय मृदा का उपचारः जैविक खाद या कम्पोस्ट से किया जा सकता है।

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