NIOS Class 12 Political Science Chapter 1 राजनीति विज्ञान का अर्थ तथा क्षेत्र

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NIOS Class 12 Political Science Chapter 1 राजनीति विज्ञान का अर्थ तथा क्षेत्र

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Chapter: 1

मॉड्यूल – 1 व्यक्ति एवं राज्य

पाठगत प्रश्न 1.1

1. रिक्त स्थान भरिए-

(क) राजनीति विज्ञान का संबंध ______________ और _____________ दोनों विषयों से है। (आनुभविक, नियामक, औपचारिक)

उत्तर: राजनीति विज्ञान का संबंध आनुभविक और नियामक दोनों विषयों से है।

(ख) राजनीति विज्ञान _____________ और ______________ का अध्ययन करता है। (समाज, राज्य, राष्ट्र, शक्ति, वर्ग)

उत्तर: राजनीति विज्ञान राज्य और शक्ति का अध्ययन करता है।

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(ग) पॉलिटिक्स शब्द ______________ शब्द से लिया गया है। (पोलिस, पुलिस, राज्य)

उत्तर: पॉलिटिक्स शब्द पोलिस शब्द से लिया गया है।

(घ) ______________ ने कहा कि राजनीति का प्रारंभ तथा अंत राज्य के साथ होता है। (गेटेल, गार्नर, लासवेल)

उत्तर: गार्नर ने कहा कि राजनीति का प्रारंभ तथा अंत राज्य के साथ होता है।

(ङ) ______________ ने राजनीति विज्ञान को सत्ता को आकार देने तथा उसमें भागीदारी का अध्ययन कहा है। (कप्लान, इस्टन, गार्नर)

उत्तर: कप्लान ने राजनीति विज्ञान को सत्ता को आकार देने तथा उसमें भागीदारी का अध्ययन कहा है।

पाठगत प्रश्न 1.2

1. रिक्त स्थान को भरिए-

(क) ______________ ने राजनीति विज्ञान को ‘मास्टर विज्ञान’ कहा है। (प्लेटो, अरस्तू, लास्की)।

उत्तर: अरस्तू ने राजनीति विज्ञान को ‘मास्टर विज्ञान’ कहा है।

(ख) व्यवहारवादी दृष्टिकोण ने राजनीति विज्ञान के ______________ भाग के पर विशेष महत्व दिया है। (विज्ञान, दर्शन, राजनैतिक)।

उत्तर: व्यवहारवादी दृष्टिकोण ने राजनीति विज्ञान के विज्ञान भाग के पर विशेष महत्व दिया है।

(ग) ______________ ने राजनीति को अमीर और गरीब वर्ग के बीच संघर्ष बताया है। (ग्रीक्स, रोमन, मार्क्सवाद)

उत्तर: मार्क्सवाद ने राजनीति को अमीर और गरीब वर्ग के बीच संघर्ष बताया है।

(घ) व्यावहारिक राजनीति की कला _______________ के द्वारा प्राप्त की जाती है। (ईमानदारी, नैतिकता, चालबाजी)

उत्तर: व्यावहारिक राजनीति की कला चालबाजी के द्वारा प्राप्त की जाती है।

पाठगत प्रश्न 1.3

1. रिक्त स्थान भरिए-

(क) “राज्य” शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम _______________ ने किया था। (प्लेटो, मैक्यावली, कौटिल्य)

उत्तर: “राज्य” शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम मैक्यावली ने किया था।

(ख) “स्वतंत्रता” शब्द की उत्पत्ति ______________ भाषा के लिवर शब्द से हुई है। (ग्रीक, रोमन, लैटिन)

उत्तर: “स्वतंत्रता” शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के लिवर शब्द से हुई है।

(ग) _______________ उदारवादी नकारात्मक स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं। (प्रारंभिक, आधुनिक, इच्छा स्वतंत्रतावादी)

उत्तर: प्रारंभिक उदारवादी नकारात्मक स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं।

(घ) ______________ की स्वतंत्रता के लिए कुछ लोगों की स्वतंत्रता को कानून द्वारा रोका जाना चाहिए। (सभी, कुछ)

उत्तर: सभी की स्वतंत्रता के लिए कुछ लोगों की स्वतंत्रता को कानून द्वारा रोका जाना चाहिए।

(ङ) निरंतर _______________ स्वतंत्रता का मूल्य है। (सतर्कता, स्वतंत्रता, आज़ादी)

उत्तर: निरंतर सतर्कता स्वतंत्रता का मूल्य है।

पाठगत प्रश्न 1.4

1. रिक्त स्थान भरिए-

(क) _______________ के अनुसार न्याय राजनीतिक मूल्यों को जोड़ता है। (प्लेटो, अरस्तू, बार्कर)

उत्तर: बार्कर के अनुसार न्याय राजनीतिक मूल्यों को जोड़ता है।

(ख) समानता का अर्थ _______________ नहीं है। (व्यवहार की पहचान, अवसर की समानता)

उत्तर: समानता का अर्थ व्यवहार की पहचान नहीं है।

(ग) नोज़ीक के अनुसार न्याय का अर्थ है ________________। (अधिकार, दायित्व, आवश्यकता)

उत्तर: नोज़ीक के अनुसार न्याय का अर्थ है अधिकार

(घ) रॉल्स के अनुसार असमानता स्वीकार्य है अगर वह ________________ को लाभ पहुँचाता है। (धनी वर्ग, मध्यम वर्ग, पिछड़े वर्ग)

उत्तर: रॉल्स के अनुसार असमानता स्वीकार्य है अगर वह पिछड़े वर्ग को लाभ पहुँचाता है।

(ङ) समानता का अर्थ है ________________। (विशेषाधिकारों का अभाव, पुरस्कार की पहचान, स्वतंत्रता)

उत्तर: समानता का अर्थ है विशेषाधिकारों का अभाव

पाठांत प्रश्न

1. राजनीति विज्ञान का अर्थ बताइए।

उत्तर: राजनीति विज्ञान समाज विज्ञान का वह हिस्सा है जो राज्य की स्थापना तथा सरकार के सिद्धांतों का अध्ययन करता है। जे. डब्लू गार्नर के अनुसार “राजनीति का प्रारम्भ और अंत राज्य के साथ होता है।” उसी तरह से आर.जी. गैटेल ने कहा है कि राजनीति “राज्य के भूत, वर्तमान तथा भविष्य का अध्ययन है।” हैरोल्ड जे. लास्की ने कहा है कि राजनीति के अध्ययन का संबंध मनुष्य के जीवन एवं एक संगठित राज्य से संबंधित है। इसलिए, समाज विज्ञान के रूप में, राजनीति विज्ञान, समाज में रहने वाले व्यक्तियों के उस पहलू का वर्णन करता है जो उनके क्रियाकलापों और संगठनों से संबंधित है और जो राज्य द्वारा बनाये गए नियम एवं कानून के अंतर्गत शक्ति प्राप्त करना चाहता है तथा मतभेदों को सुलझाना चाहता है।

2. राजनीति विज्ञान के एक विषय के रूप में विकास पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: राजनीति विज्ञान का विकास प्राचीन काल से ही हुआ है। यूनान के विचारकों ने इसे एक शासकीय कला के रूप में देखा। अरस्तू ने इसे “मास्टर साइंस” कहा क्योंकि इसमें राज्य, सरकार और उनके कार्यों का अध्ययन होता है। मध्यकाल में इसे धार्मिक और नैतिक दृष्टिकोण से देखा गया। प्राचीन ग्रीक दार्शनिक जैसे प्लेटो और अरस्तू ने राजनीतिक सिद्धांत के बारे में लिखा था, लेकिन 19वीं शताब्दी में, इसे एक अलग और स्वतंत्र अनुशासन के रूप में स्थापित किया गया। आधुनिक काल में औद्योगिक क्रांति के बाद राजनीतिक संस्थाओं और गतिविधियों का व्यवस्थित अध्ययन शुरू हुआ। आधुनिक राजनीति विज्ञान में व्यवहारवादी दृष्टिकोण का समावेश हुआ।

3. राजनीति विज्ञान के कार्य क्षेत्र को राज्य की भूमिका तथा सरकार के कार्यों के संदर्भ में वर्णन कीजिए।

उत्तर: ‘राज्य’ शब्द का पहली बार आधुनिक संदर्भ में प्रयोग इटली के राजनीतिज्ञ मैकियावली (1469-1527) ने किया था। उस समय से हर राजनीतिज्ञ राजनीति विज्ञान का अध्ययन करते समय मुख्य रूप से राज्य का ही अध्ययन करता है। सोलहवीं शताब्दी में पश्चिमी यूरोप में वाणिज्यिक क्रांति को बढ़ावा दिया तथा अठारहवीं शताब्दी में यह औद्योगिक क्रांति के रूप में प्रसिद्ध हो गई। इन क्रांतियों ने एक नई आर्थिक व्यवस्था को जन्म दिया जिसे पूंजीवाद के नाम से जाना जाता है। 1930 के दशक में लोक कल्याणकारी राज्य का उदय हुआ जो अपने नागरिकों के कल्याण, विशेषकर गरीब, बेरोजगार तथा बूढ़े लोगों के हित का अधिक ध्यान रखता है। यह अब प्रायः माना जा रहा है कि लोक कल्याणकारी राज्य आम लोगों के कल्याण को बढ़ावा देता है। इसलिए राज्य का कार्य कई गुणा बढ़ गया है। 

4. राजनीति विज्ञान और राजनीति में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: राजनीति विज्ञान और राजनीति में अंतर है—

राजनीति विज्ञानराजनीति
राजनीति विज्ञान एक शैक्षणिक और सैद्धांतिक अध्ययन है जिसमें राज्य, सरकार, सत्ता और उनके कार्यों का विश्लेषण किया जाता है।राजनीति एक व्यावहारिक गतिविधि है जिसमें सत्ता के लिए संघर्ष, चुनाव प्रक्रिया, नीतियों का निर्माण और उनका क्रियान्वयन शामिल है।
राजनीति विज्ञान राजनीति का सैद्धांतिक और शैक्षणिक पक्ष है।राजनीति उसका व्यावहारिक और क्रियात्मक पक्ष है।
यह सामाजिक विज्ञान का एक हिस्सा है।यह एक सामाजिक गतिविधि है।
राजनीति विज्ञान में सरकार और विशिष्ट नीतियों की सफलता को स्थिरता, सार्वजनिक संपत्ति, निष्पक्षता, आर्थिक विकास आदि जैसे कारकों के आधार पर मापा जाता है।किसी बड़े राज्य के भीतर किसी समूह को कभी-कभी राजनीति के रूप में जाना जाता है।

5. व्यक्ति के अधिकारों एवं कर्तव्यों के ऊपर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: अधिकार और कर्तव्य समाज में संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। व्यक्ति के अधिकार उसे स्वतंत्रता, समानता और न्याय की गारंटी देते हैं। इन अधिकारों के साथ-साथ व्यक्ति पर कुछ कर्तव्य भी होते हैं, जैसे कि कानून का पालन करना। कानून के समक्ष समानता का अर्थ है कि सभी को एक समान समझना तथा विशेषाधिकार का नहीं होना। कानून की नजर में सभी व्यक्ति एक समान है। राजनीतिक अधिकारों का अभिप्राय, मत देने का अधिकार एवं चुनाव लड़ने का अधिकार से है। सामाजिक अधिकारों के अंतर्गत आर्थिक कल्याण, सुरक्षा तथा समाज में उपस्थित सम्मान की जिंदगी जीना आता है। नागरिकों का प्राथमिक कर्तव्य है कि वे सरकार को कर दें। प्रत्येक नागरिक को विधि एवं नियम का पालन करके सरकार से सहयोग करना चाहिए तथा प्रतिरक्षण में मदद करनी चाहिए ताकि असाध्य बीमारियों को रोका जा सके। जनसंख्या विकास को रोकने के लिए छोटा परिवार की परंपरा अपनानी चाहिए।

6. स्वतंत्रता के नकारात्मक एवं सकरात्मक पक्षों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: स्वतंत्रता का अर्थ है व्यक्ति को सोचने, बोलने और कार्य करने की आज़ादी। इसके दो प्रमुख पक्ष हैं- नकारात्मक और सकारात्मक स्वतंत्रता।

नकारात्मक स्वतंत्रता का तात्पर्य है बाहरी बाधाओं से पूरी तरह मुक्ति होना। इस विचार के अनुसार व्यक्ति को राज्य, समाज या अन्य किसी संस्था की ओर से किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। जॉन स्टुअर्ट मिल जी एक ब्रिटिश राजनीतिक के चिंतक थे, उनका मानना यह है कि ‘बाधा एक बुराई है’। मिल राज्य एवं समाज की तरफ से आने वाली बाधाओं से विशेष चिंतित थे।

सकारात्मक चिंतक दल का मानना यह है कि व्यक्ति को वहीं तक स्वतंत्र होना चाहिए जहां तक उसकी स्वतंत्रता से दूसरे की स्वतंत्रता बाधित नहीं होती है। व्यक्ति की सकारात्मक स्वतंत्रता की एक कानूनी सीमा रेखा के बीच ही स्वतंत्रता होनी चाहिए। कुछ स्वतंत्रता कानूनी रूप से प्रतिबंधित भी होती है। इस धारणा का और आगे अर्थ यह हुआ कि व्यक्ति अपने आप में मालिक है। इस धारणा का हैरोल्ड जे, लास्की ने समर्थन किया था। स्वतंत्रता वह अवसर है जिसके बिना व्यक्तित्व का विकास असंभव है। इतिहास इसका गवाह है। कुछ व्यक्तियों की स्वतंत्रता को कानून द्वारा सीमित करना पड़ता है ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वतंत्रता का लाभ मिल सके।

7. अवसर की समानता का क्या अर्थ है?

उत्तर: अवसर की समानता का अर्थ यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में समान अवसर मिले। इसमें जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। समानता अवसर का तात्पर्य यह है कि सभी को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उन्नति के लिए समान अवसर प्राप्त हों। यह सामाजिक न्याय का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

8. न्याय शब्द को व्याख्या कीजिए तथा इसके विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: न्याय का अर्थ यह है कि समाज में सभी के साथ निष्पक्ष और समान व्यवहार करना आवश्यक है। इसमें कानूनी न्याय, सामाजिक न्याय और आर्थिक न्याय शामिल हैं। विधिक न्याय का तात्पर्य है कि कानून के अनुसार सबके साथ समान व्यवहार हो। सामाजिक न्याय का अर्थ है कि समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। आर्थिक न्याय का तात्पर्य है कि सभी को आर्थिक संसाधनों का समान वितरण मिले।

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