Niketan Class 4 Hindi Chapter 12 सूर्य और वायु

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सूर्य और वायु

Chapter – 12

SANKARDEV SISHU VIDYA NIKETAN

प्रश्न उत्तर


मूलभाव :- एक दिन सूर्य और वायु आपस में झगड़ पड़े। झगड़ा का मूलभाव था हम बलवान तो हम बलवान। दोनों में फैसला नहीं हो रहा था। तभी वहाँपर एक आदमी कम्बल ओढ़े आ पुहँचा। उसे देख वायु ने कहा कि जो इसका कम्बल उतरवा देगा वही बलवान माना जायेगा। सूर्य इस सर्तको मान लिए। पहली बारी वायुकी थी। वायु को अपने शक्ति पर बहुत घमण्ड था। बड़े वेग के साथ वायु चलने लगी। आदमी को अधिक सर्दी लगने लगी। वह कम्बल को और कसकर लपेट लिया। वायु क्रोध में आकर बादलों को ले आयी और वर्षा होने लगी। लेकिन वह आदमी कम्बल नहीं छोड़ा। अब सूर्य की बारी आई। देखते-देखते मौसम इतनी गर्म हो गयी कि वह आदमी अपना कम्बल उतार कर कंधे पर रख लिया। सूर्य जीत गया और वायु का घमण्ड टूट गया। वायु ने सूर्य से कहा तुम सचमुच बलवान हो।

মূলভাৱ :- এদিন সূর্য আৰু বায়ু (বতাহ) ৰ মাজত কাজিয়া লাগিল। কাজিয়াৰ কাৰণ হ’ল কোন ডাঙৰ। দুজনৰ মাজত মীমাংসা নহ’ল। কাজিয়া ক্ৰমে বাঢ়ি গ’ল। তেতিয়া তাত কম্বল গাত লৈ এজন মানুহ উপস্থিত হ’ল। তাক দেখি বায়ুৱে ক’লে, যিজনে তাৰ কম্বলখন গাব পৰা আঁতৰাব পাৰিব তেওঁহে ডাঙৰ হ’ব। সূর্য বায়ুৰ কথাত মান্তি হ’ল ৷ প্ৰথমতে বায়ুৰ পাল পৰিল। বায়ুৰ নিজৰ বলৰ ওপৰত অহংকাৰ আছিল। বহুত জোৰত বতাহ বলিল, কিন্তু একো নহ’ল। মানুহজনে জোৰকৈ কম্বলখন ধৰি ৰাখিলে। বায়ু ক্ৰোধিত হৈ মেঘ আৰু বৰষুণ দিলে তথাপি মানুহজনে কম্বলখন নেৰিলে। এতিয়া সূৰ্যৰ পাল পৰিল। হঠাতে ৰ’দ বহুত প্ৰখৰ হ’ল মানুহজনে গাত কম্বল ৰাখিব নোৱাৰা হ’ল। গৰমৰ প্ৰকোপত মানুহজনে গাব পৰা কম্বল খন অতৰাই ল’লে। সূর্য জিকিলে আৰু বায়ুৰ অহঙ্কাৰ দূৰ হ’ল। বায়ুৱে ক’লৈ সূর্য তুমি সচাকৈ ডাঙৰ। 

शब्दार्थ

वायु :– বতাহ, शक्ति:– শক্তি, मनुष्य :- মানুহ,

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अधिक:– বহু, सर्दी :– পানীলগা কাঁহ, क्रोध :– খং, घमण्ड:– অহঙ্কাৰ

अभ्यास

1. प्रश्नों के उत्तर दो :

(क) सूर्य और वायु में कौन बलवान था ?

उत्तरः सूर्य और वायु में सूर्य बलवान था।

(ख) मनुष्य ने कम्बल क्यों कसकर लपेट लिया ? 

उत्तर: सर्दी लगने के कारण मनुष्य ने कम्बल कसकर लपेट लिया।

(ग) वायु ने कम्बल उतारने के लिये क्या किया ? 

उत्तरः वायु ने कम्बल उतारने के लिये जोड़ों की हवा चलवाया और वर्षा करवायी।

(घ) सूर्य ने कम्बल कैसे उतरवाया ? 

उत्तरः सूर्य ने कम्बल उतरवाने के लिये जोड़ो की गर्मी बढ़ा दी। 

1. खाली स्थान भरो :

(क) एक दिन सूर्य और वायु में हो गया। 

उत्तर: एक दिन सूर्य और वायु में झगड़ा हो गया।

(ख) वायु को अपनी पर बहुत घमण्ड था।

उत्तरः वायु को अपनी शक्ति पर बहुत घमण्ड था। 

(ग) सूर्य ने से चमकना शुरू किया।

उत्तरः सूर्य ने तेजी से चमकना शुरू किया।

(घ) हार गई और घमण्ड टूट गया। 

उत्तर: वायु हार गई और घमण्ड टूट गया।

2. वाक्य बनाओ– शक्ति, कम्बल, सर्दी, वर्षा । 

उत्तर: शक्ति :– वायु को अपनी शक्ति पर बहुत घमण्ड था। 

कम्बल :– एक मनुष्य कम्बल ओढ़कर उधर से निकला। 

सर्दी :– मनुष्य को अधिक सर्दी लगने लगी। 

वर्षा :– वर्षा होने लगी।

4. पढ़ो और समझो―

क् + त = क्त – शक्ति ।

म् + ब = म्ब – कम्बल।-

न् + ध = न्ध – कन्धा ।

र् + य = र्य – सूर्य

5. समझो और लिखो–

सर्दी :– गर्मी

बहुत :– थोड़ा

रात :– दिन

नुकसान :– लाभ

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