SEBA Class 9 Hindi MIL Important Chapter 6 गांधी जी के जन्मदिन पर Solutions As Per SEBA New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters SEBA Class 9 Hindi MIL Additional Solutions and select need one. SEBA Class 9 Hindi MIL Additional Notes Download PDF. SEBA Important Solutions for Class 9 Ambar Bhag 1.
SEBA Class 9 Hindi MIL Important Chapter 6 गांधी जी के जन्मदिन पर
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गांधी जी के जन्मदिन पर
Chapter: 6
| Group – A: पद्य खंड |
| IMPORTANT QUESTION ANSWER |
संक्षिप्त प्रश्न उत्तर:
1. दुष्यंत कुमार ने हिंदी ग़ज़ल को आम पाठकों से किस प्रकार जोड़ा?
उत्तर: दुष्यंत कुमार ने हिंदी ग़ज़ल को पारंपरिक सीमाओं से निकालकर आम जनता के जीवन, संघर्ष और यथार्थ से जोड़ा। उन्होंने ग़ज़ल की भाषा को बोली की सहजता, भावों की सच्चाई और सामाजिक समस्याओं के संदर्भ में ढाला। उनकी ग़ज़लों में रोज़मर्रा के जीवन की पीड़ा, उम्मीद, विद्रोह और बदलाव की गूंज सुनाई देती है। इससे हिंदी ग़ज़ल आम लोगों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बन गई। दुष्यंत की लेखनी ने ग़ज़ल को सिर्फ़ साहित्यिक मंच तक सीमित न रखकर जनमानस तक पहुँचा दिया।
2. कविता ‘गांधी जी के जन्मदिन पर’ में कवि ने किस प्रकार की मानवीय संवेदना को उकेरा है?
उत्तर: इस कविता में कवि ने समाज के सबसे कमजोर, पीड़ित और वंचित लोगों की पीड़ा को प्रमुखता से उकेरा है। “अभावों के बीच”, “लंगड़ाकर चलते हुए पाँव”, “गिरी हुई विवशता” जैसे चित्रों के माध्यम से वह उन लोगों के प्रति सहानुभूति और करुणा प्रकट करते हैं, जिन्हें समाज अक्सर अनदेखा कर देता है। कवि का कहना है कि गांधीजी जैसे व्यक्तित्व का पुनर्जन्म इन्हीं लोगों को सहारा देने और उनमें आशा का संचार करने के लिए जरूरी है। यह कविता मानवीय संवेदना का अद्भुत उदाहरण है।
3. दुष्यंत कुमार की कविता में गांधीजी की आवश्यकता क्यों महसूस की गई है?
उत्तर: कवि मानते हैं कि आज के समय में भी समाज में शोषण, अन्याय, निर्धनता और विवशता व्याप्त है। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय और सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक गांधीजी जैसे नायक की आवश्यकता रहेगी। उनकी कविता में गांधी के पुनर्जन्म की कल्पना इसी सामाजिक पीड़ा और सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है। वह चाहते हैं कि गांधीजी फिर आएं और समाज के पीड़ितों को आशा, प्रेम और दिशा दें।
4. दुष्यंत कुमार की काव्य भाषा की क्या विशेषता है?
उत्तर: दुष्यंत कुमार की भाषा अत्यंत सहज, प्रवाहपूर्ण और व्यावहारिक है। उन्होंने जटिल शब्दों या भारी-भरकम अलंकारों की जगह सीधी, बोलचाल की भाषा को चुना। इससे उनकी रचनाएँ आम पाठकों के दिल तक पहुँच जाती हैं। उनकी भाषा में आत्मीयता, करुणा और प्रतीकों का सुंदर प्रयोग मिलता है, जिससे पाठक तुरंत भाव से जुड़ जाते हैं।
5. ‘मैं फिर जनम लूँगा’ पंक्ति का कविता में क्या महत्व है?
उत्तर: “मैं फिर जनम लूँगा” कविता की सबसे शक्तिशाली पंक्तियों में से एक है। यह पंक्ति कवि की समाज सेवा, त्याग और करुणा की भावना को दर्शाती है। कवि का कहना है कि जब तक समाज में अभाव और दर्द है, वे बार-बार जन्म लेना चाहेंगे ताकि जरूरतमंदों की सेवा कर सकें। यह पुनर्जन्म की कल्पना सामाजिक बदलाव और निरंतर प्रयास का प्रतीक है।
6. दुष्यंत कुमार ने कविता के माध्यम से किस प्रकार की सामाजिक चेतना जगाने का प्रयास किया है?
उत्तर: दुष्यंत कुमार ने कविता के माध्यम से सामाजिक विषमता, पीड़ा और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई है। वे समाज के उपेक्षित और पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशील हैं और पाठकों को भी उनके प्रति सहानुभूति रखने का संदेश देते हैं। उनकी कविता समाज में न्याय, सहयोग और करुणा की चेतना जगाने का प्रयास करती है।
7. दुष्यंत कुमार की कविताओं में व्यक्तिगत अनुभव और सामाजिक यथार्थ का किस तरह समावेश है?
उत्तर: उनकी कविताओं में उनके व्यक्तिगत जीवन के संघर्ष, समाज की समस्याएँ, और समय की सच्चाइयाँ घुल-मिल गई हैं। वे खुद समाज के पीड़ित वर्ग का दर्द महसूस करते हैं और उसे अपनी कविताओं में सशक्त रूप में प्रस्तुत करते हैं। इसीलिए उनकी रचनाएँ पाठकों के दिल में गहरी छाप छोड़ती हैं।
8. दुष्यंत कुमार को हिंदी ग़ज़ल का प्रवर्तक क्यों कहा जाता है?
उत्तर: दुष्यंत कुमार ने ग़ज़ल को सिर्फ़ उर्दू तक सीमित न रखकर, हिंदी भाषा और हिंदी पाठकों के जीवन की सच्चाइयों से जोड़ा। उन्होंने ग़ज़ल को राजनीतिक, सामाजिक और आम जन-जीवन की समस्याओं से जोड़ा, जिससे ग़ज़ल जनसाधारण की अभिव्यक्ति का माध्यम बन गई। इसलिए उन्हें हिंदी ग़ज़ल का प्रवर्तक कहा जाता है।
9. कविता में “उचटती निगाहों की भीड़” से कवि क्या संकेत देना चाहते हैं?
उत्तर: “उचटती निगाहों की भीड़” का अर्थ है – वह भीड़ जिसमें लोग अपनी ही समस्याओं में उलझे हुए हैं, जिनकी आँखों में असंतोष, बेचैनी और अभाव झलकता है। कवि ऐसे लोगों की चिंता करते हैं, जो समाज की भीड़ में खो जाते हैं और जिनकी पीड़ा अनसुनी रह जाती है। कवि इन उपेक्षित और पीड़ित लोगों को मुख्यधारा में लाना चाहते हैं।
10. दुष्यंत कुमार का साहित्यिक योगदान हिंदी कविता में किस प्रकार विशेष है?
उत्तर: दुष्यंत कुमार ने हिंदी कविता को ग़ज़ल, गीत, और नई कविता के बीच सेतु के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कविता को सामाजिक यथार्थ, जनता के जीवन, और संवेदनशीलता का माध्यम बनाया। उनकी रचनाएँ आज भी सामाजिक बदलाव, करुणा, और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देती हैं। उनके साहित्यिक योगदान ने हिंदी कविता को नए आयाम दिए हैं।
रिक्त स्थान की पूर्ति करो:
1. दुष्यंत कुमार का जन्म सन् ___ में हुआ था।
उत्तर: 1933
2. दुष्यंत कुमार की मृत्यु ___ में हुई।
उत्तर: 1975
3. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ___ में पूरी की।
उत्तर: बिजनौर
4. दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पुस्तक ‘___ में धूप’ है।
उत्तर: साये
5. दुष्यंत कुमार का कवि-हृदय ___ विधा में अभिव्यक्ति खोज रहा था।
उत्तर: ग़ज़ल

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