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SEBA Class 10 Hindi MIL Important Chapter 17 अमीर खुसरू की भारत भक्ति
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अमीर खुसरू की भारत भक्ति
Chapter: 17
| गद्य खंड |
| IMPORTANT QUESTION ANSWER |
1. अमीर खुसरू को किसका अगुवा कहा जाता है?
उत्तर: भारत पर इस्लामी राज्य के आरंभ के केवल 61 साल बाद भारत ने उस मुसलमान को जन्म दिया, जो हिंदुस्तान के सभी राष्ट्रभाववादी मुसलमानो का अगुवा कहा जा सकता है।
2. अंकों के विकास के बारे में अमीर खुसरू ने क्या कहा है?
उत्तर: अंकों का विकास भारतवर्ष में हुआ था, इस बात को दुनिया के ईमानदार विद्वान अब मानने लगे है, किंतु तेरहवीं सदी में लोग खुलकर मानते थे की अंकों का अविष्कार भारतवर्ष ने किया है। अमीर खुसरू ने इस बात का उल्लेख बड़े ही गौरव से किया है, और खास तौर से यह बताया है की शुन्य के लिए गोल प्रतीक भारत का आविष्कार है। अंकों को अरबी में “हिंदसा” कहते है। अमीर खुसरू ने लिखा है की यह शब्द ‘हिंद’ और असा – इन दो शब्दो के योग से बना है। उनका खयाल था की असा नाम के कोई भारतीय गणितज्ञ थे, जिन्होंने अंकों का अविष्कार किया था।
3. भारतीय संगीत के प्रसंसा में खुसरु ने क्या कहा है?
उत्तर: भारतीय संगीत की खुसरु ने बहुत -बहुत प्रशंसा लिखी है और उसे सभी देशों के संगीत से श्रेष्ठ बताया है।उन्होंने लिखा है की हिंदुस्तान के संगीत पर केवल यहां के मनुष्य ही नही झूमते, बल्कि उसे सुनकर हिरण भी चरना भूल जाते है।
4. भारत को खुसरु ने पृथ्वी का स्वर्ग बताया है क्यों?
उत्तर: खुसरू ने चर्चा की है की हिंदुस्तान ने तोता और मैना भी आदमी की बोली बोलते है। घोड़े ताल पर कदम उठाते है, बकरिया संतुलन के खेल दिखाती है और बंदर रुपए और अठन्नी का भेद बता रहे है।
भारत को खुसरु ने पृथ्वी का स्वर्ग माना है और यह लिखा है की आदम और हौवा जब स्वर्ग से निकाले गए, तब वे धरती पर इसी देश में उतरे थे। भारत के सामने उन्होंने बसरा, तुर्की, रूस, चीन, खुरासान, समरकंद, मिश्र और कंधा को तुच्छ बताया है। हिंदुस्तान में बनने वाले कपड़ो की उन्होंने बहुत अधिक प्रशंसा की है। उन्होंने कहा है की भारत में बने हुए वस्त्र संसार में बेजोड़ होते है।
5. अमीर खुसरू के समय देशप्रेम की कैसी धारणा थी? लिखिए
उत्तर: अमीर खुसरू के समय यह धारणा थी की मुसलमानों को हिंदुस्तान के प्रति बहुत अधिक भक्ति नहीं दिखानी चाहिए। जो मुसलमान भारत की ओर बहुत अधिक भक्ति दिखाते थे , सांप्रदायिक लोगों के बीच उन्हे बुरा – भला भी कहा जाता था। लेकिन इस दिशा में अमीर खुसरू की दृष्टि बड़ी तेज थी। वे समझ चुके थे की जो मुसलमान भारतवर्ष में बस गये है, उन्हे इसी देश को अपनी मातृभूमि समझना चाहिए। उनका कहना था की हिंदुस्तान मेरी जन्मभूमि है, हिंदुस्तान मेरा अपना देश है।
6. हिंदी और उर्दू दोनो भाषाओं का इतिहास अमीर खुसरू से सुरु होता है लेखक ने ऐसा क्यों कहा है?
उत्तर: क्योंकि जिस भाषा को हम खादिबोली हिंदी या उर्दू कहते है , वह पहले केवल दिल्ली के आसपास बोली जाती थी, लेकिन अजब संयोग की बात है की बात है की लोग उस बोली में कविताओं की रचना नही कर सकते थे।हिंदू कवि उन दिनों अपभ्रंश या डिंगल में लिखते थे, अथवा ब्रज भाषा में और जब मुसलमान आए वे अपनी कविताएं फारसी में लिखने लगे । हिंदू और मुसलमान दोनों जानते थे की दिल्ली की जनता की भाषा न तो अपभ्रंश थी, न फारसी किंतु दोनो जातियों के कवि उन्ही भाषाओं पर मोहित थे, जिन्हे जनता नही समझती थी। यह अमीर खुसरू थे, जिनका ध्यान प्रचलित जनभाषा की ओर गया।अमीर खुसरू ने भी अपनी सारी कृतियां फारसी में ही लिखी, मगर प्रयोग के तौर पर उन्होंने खड़ीबोली में भी कुछ मुकारियो और पहेलियों की रचना की। मुकरियों और पहेलियां ही सही, किंतु खड़ीबोली में आरंभिक रचनाएं करके उन्होंने ही हिंदी और उर्दू के भविष्य की राह खोल दी। अर्थात अमीर खुसरू को हम खड़ीबोली हिंदी और उर्दू दोनों ही भाषाओं का पिता कह सकते है।
7. तेरहवीं सदी में भारतवर्ष का स्थान कैसा था?
उत्तर: तेरहवीं सदी में भारतवर्ष का स्थान बहुत ऊंचा था। सारी दुनिया भारतवर्ष के ज्ञान और विव्दता का लोहा मानती थी। भारतीय गणितज्ञ, संगीतज्ञ और विषेशज्ञ व्यक्तियों की पूरी दुनिया खुलकर प्रशंसा करती थी।
8. अमीर खुसरू कौन थे और उनका जन्म कब हुआ था?
उत्तर: अमीर खुसरू तेरहवीं सदी के एक प्रसिद्ध सूफी कवि और संगीतज्ञ थे। उनका जन्म सन् 1253 में पटियाला में हुआ था। वे भारत के पहले राष्ट्रवादी मुसलमान माने जाते हैं, जिन्होंने भारत को अपनी मातृभूमि स्वीकारते हुए उसकी प्रशंसा अनेक भाषाओं और विधाओं में की।
9. अमीर खुसरू को हिंदी और उर्दू का पिता क्यों कहा जाता है?
उत्तर: अमीर खुसरू ने खड़ीबोली में मुकरियाँ और पहेलियाँ लिखकर हिंदी और उर्दू की आधारशिला रखी। उन्होंने पहली बार जनभाषा को साहित्य में प्रयोग कर यह दिखाया कि खड़ीबोली में भी रचना संभव है। इसी योगदान के कारण उन्हें हिंदी और उर्दू का जनक माना जाता है।
10. अमीर खुसरू ने भारत की प्रशंसा किन-किन आधारों पर की?
उत्तर: उन्होंने भारत की प्रशंसा ज्ञान, भाषा, संगीत, वस्त्र, अंकों, साहित्य और सांस्कृतिक समृद्धि के आधार पर की। उन्होंने बताया कि यहाँ के लोग सभी भाषाएँ बोल सकते हैं, संगीत विश्वविख्यात है, और अंकों व शतरंज का आविष्कार भारत ने ही किया। भारत को उन्होंने धरती का स्वर्ग बताया।
11. अमीर खुसरू का सूफी परंपरा से क्या संबंध था?
उत्तर: अमीर खुसरू सूफी परंपरा से जुड़े थे और शेख निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। उनका जीवन अध्यात्म, भक्ति और मानवता से प्रेरित था। संगीत को उन्होंने साधना का माध्यम माना। सूफी होने के कारण वे सांप्रदायिकता से ऊपर उठकर सभी धर्मों के प्रति आदर रखते थे।
12. अमीर खुसरू ने भारतीय संगीत को किस प्रकार समृद्ध किया?
उत्तर: अमीर खुसरू ने भारतीय संगीत को नई ऊँचाई दी। उन्होंने वीणा से प्रेरित होकर सितार और मृदंग से प्रेरित होकर तबले का निर्माण किया। कव्वाली की शुरुआत भी उन्हीं से मानी जाती है। उन्होंने भारतीय संगीत को ईरानी संगीत से मिलाकर नया रूप प्रदान किया।

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