SEBA Class 10 Hindi MIL Important Chapter 18 अरुणिमा सिन्हा: साहस की मिसाल Solutions As Per SEBA New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 10 Hindi MIL Additional Solutions and select need one. SEBA Class 10 Hindi MIL Additional Notes Download PDF. SEBA Important Solutions for Class 10 Ambar Bhag 2.
SEBA Class 10 Hindi MIL Important Chapter 18 अरुणिमा सिन्हा: साहस की मिसाल
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अरुणिमा सिन्हा: साहस की मिसाल
Chapter: 18
| गद्य खंड |
| IMPORTANT QUESTION ANSWER |
1. लुटेरों के गिरोह ने अरुणिमा को क्या धमकी दी थी?
उत्तर: अरुणिमा के द्वारा हार लुटेरों को न देने पर अरुणिमा के सामने एक लुटेरा गरज उठा और बोला – तू हार नही देगी? हमारी बात नही मानेगी? इतनी हिम्मत! इसका अंजाम क्या होगा तुझे नहीं मालूम।
2. अरुणिमा द्वारा हार न देने की बात सुन के बाकी सहयात्री ने क्या किया और हार ने देने पर लुटेरों की प्रतिक्रिया क्या थीं?
उत्तर: अरुणिमा द्वारा हार न देने की बात सुन के बाकी सहयात्री भी अरुणिमा को आंखो के इशारे से लुटेरों की बात मन लेने के लिए कह चुके थे। हार न देने पर पलक झपक न पाई की दो लुटेरों ने आकर अरुणिमा को उठा लिया और कोई कुछ समझ पाए इससे पहले वे उसे खुले दरवाजे से रेलगाड़ी से बाहर अंधेरे में फेंक दिया। उसी समय पास की पटरी से भी एक रेलगाड़ी गुजर रही थी, अरुणिमा का शरीर उस रेलगाड़ी से टकराया और नीचे गिर गया वह पूरी तरह घायल हो गई थी।
3. अरुणिमा का इलाज कौन कौन से अस्पताल में कराया गया?
उत्तर: अरुणिमा का इलाज पहले बरेली के अस्पताल में और उसके बाद नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में हुआ।
4. अरुणिमा को कौन कौन से पुरस्कार प्राप्त हुए और प्रधानमंत्री ने उनकी प्रशंसा कैसे की?
उतर: अरुणिमा के सफलता के लिए भारत सरकार ने सन् 2015 में “पद्मश्री” सम्मान से सम्मानित किया। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उसे सम्मान प्रदान किया। केवल यही ही नही, राष्ट्रपति महोदय ने अरुणिमा जी को सन् 2015 का “टेनजिंग नरगे सम्मान” से समान्नित किया। इससे पहले 2014 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से उन्हे “अमेजिंग इंडियन अवार्ड” भी मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक समारोह में अरुणिमा की लिखी पुस्तक का लोकार्पण करके उनकी प्रशंसा की थी।
5. अरुणिमा का व्यक्तित्व कैसे लोगो को प्रवाहित करता है? अरुणिमा की साहस और दृढ़ता देख लेखिका को किसकी याद आई और क्यों?
उत्तर: अरुणिमा साहस और दृढ़ता से अपने एवरेस्ट पर चढ़ने के सपने को पूरा करती है, वह अपने प्रतिभा के कारण विभिन्न परिवेश में राष्ट्रीय पटल पर सितारों के समान चमकते हुए सहेज जानो के लिए आशा और प्रेरणा के स्रोत बन गई थी। ऐसे अनुकरणीय व्यक्तित्व अपने अभूतपूर्ण कार्यों से सबके समक्ष उधारण प्रस्तुत कर अनके दुखी लोगो की आनद प्रदान करते है, उन्हे निराशा तथा हताशा से मुक्ति दिलाती है, ऐसे वक्त में लेखिका को महाभारत का एक अनन्य चरित्र एकलव्य का स्मरण हो आता है, जिसने अपनी साधना और एकनिष्ठता से सिद्धि प्राप्त की थी। उन्हे अर्जन की याद आती है जिन्होंने अंधेरी रात को घने जंगल में श्बदभेदी बाण करके सफलता हासिल की थी।
6. अरुणिमा एवरेस्ट के शिखर पर कब पहुंची और वहा कितने समय तक ठहरी?
उत्तर: अरुणिमा एवरेस्ट के शिखर पर 21 मई, 2013 में पहुंची और वह वहा डेढ़ घण्टे तक ठहरी थी।
7. हिमालय के चढ़ाई के दौरान अरुणिमा अपने साथ क्या क्या वस्तुएं ले गई थीं?
उत्तर: हिमालय के चढ़ाई के दौरान अरुणिमा अपने साथ कैमरा, ऑक्सीजन और पानी ले गई थी।
8. पर्वतरोहण के दौरान शेरपा ने अरुणिमा को क्या उपदेश दिया?
उत्तर: यात्रा के दौरान अरुणिमा के पैरों से खून बहने लगे थे, ऑक्सीजन भी लगभग समाप्त होने वाला था, अरुणिमा के लहूलुहान पैरों को देखकर शेरपा अरुणिमा से बार – बार लौट जाने को कह रहा था, परंतु अरुणिमा उसे कहती थी – यह तक आकर लौट जाने का सवाल ही नहीं उठता, जो होगा देखा जाएगा।
9. एवरेस्ट पर पहुंचने पर अरुणिमा ने शेरपा से क्या अनुरोध किया और शेरपा ने उन्हें क्या सलाह दी?
उत्तर: एवरेस्ट पर पहुंचने पर अरुणिमा ने शेरपा से एवरेस्ट पर खड़ी उसकी तस्वीर और वीडियो लेने का अनुरोध किया था तथा शेरपा ने उन्हें समझाया की ज्यादा देर तक रहने तक जान का खतरा हो सकता है, क्योंकि शेरपा और अरुणिमा के पास ऑक्सीजन थोड़ी – सी ही बची थी, शेरपा ने भारत का तिरंगा लिए अरुणिमा का फोटो और विडियो लिया।
10. एवरेस्ट विजय के बाद अरुणिमा सिन्हा ने कहा कहा?
उत्तर: एवरेस्ट विजय के बाद अरुणिमा सिन्हा ने कहा – “अरुणिमा सिर्फ एक में ही नही हूं, मेरी तरह और हजारों अरुणिमाए है, जिन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए, अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अगर आपलोग उत्साहित और प्रेरित करे तो सच्चे अर्थों में वह देशसेवा का एक अच्छा उदाहरण होगा।”
11. अरुणिमा सिन्हा कौन थीं और उन्हें किसने ट्रेन से बाहर फेंका था?
उत्तर: अरुणिमा सिन्हा एक राष्ट्रीय स्तर की वालीबॉल खिलाड़ी थीं। जब वह लखनऊ से दिल्ली जा रही ट्रेन में सफर कर रही थीं, तभी कुछ लुटेरों ने उनसे गहने और पैसे माँगे। विरोध करने पर उन्होंने अरुणिमा को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गईं।
12. ट्रेन दुर्घटना के बाद अरुणिमा की क्या स्थिति हुई?
उत्तर: ट्रेन से फेंके जाने के बाद अरुणिमा का एक पैर पूरी तरह कुचल गया और उन्हें करीब सात घंटे तक पटरियों के किनारे लहूलुहान हालत में रहना पड़ा। इस घटना में उन्होंने अपना एक पैर हमेशा के लिए खो दिया। बाद में कृत्रिम पैर लगाकर उन्हें चलने लायक बनाया गया।

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