Niketan Class 8 Hindi Chapter 9 जैसे को तैसा

Niketan Class 8 Hindi Chapter 9 जैसे को तैसा is the answer to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters Shankardev Sishu Niketan Class 8 Hindi Chapter 9 जैसे को तैसा and select need one.

Niketan Class 8 Hindi Chapter 9 जैसे को तैसा

Also, you can read the Assam Board book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per SCERT (CBSE) Book guidelines. These solutions are part of Shankardev Sishu Niketan All Subject Solutions. Here we have given Assam Board Shankardev Vidya Niketan Class 8 Hindi Chapter 9 जैसे को तैसा Solutions for All Subjects, You can practice these here…

जैसे को तैसा

Chapter – 9

HINDI

Join Telegram Groups

SHANKARDEV SISHU VIDYA NIKETAN

TEXTUAL QUESTIONS AND ANSWERS


1. वही कहानी पाठ्यपुस्तक के अंतर्गत सरल हिन्दी में लिखिए।

उत्तर :- यह कहानी अकबर बीरबल की कथाओं से जुड़ी हुई है। अकबर बीरबल की कथाएँ जग प्रसिद्ध हैं जो बीरबल के चुटीले व्यंग्य हाजिर जवाबी, चालाकी, बुद्धिमता आदि कई गुणों को उजागर करती है तो साथ ही सम्राट अकबर के न्याय व उनके मंत्रियों के साथ व्यवहार को प्रकट करती हैं।

‘जैसे को तैसा’ कहानी के माध्यम से यह सीख मिलती है की हमें कभी भी दूसरों के अपकार करने की बात नहीं सोचनी चाहिए। कुम्हार धोबी को सबक सिखाने के लिए षड़यंत्र रचा था किन्तु वह उल्टे उसमें फँस गया। इसलिए कोई भी काम करने से पहले हमें सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए।

एक दिन एक धोबी का गधा उसके पड़ोस में रह रहे एक कुम्हार के घर में घुस गया। कुम्हार ने अपने बर्तनों को धूप में सूखने के लिए बाहर रख दिया था। गधे ने सभी बर्तनों पर कुद-कुद कर उन्हें तोड़ दिया। तभी कुम्हार कहीं से आकर धोबी के गधे तथा टुटे बर्तनों को देखकर क्रोधित हो गया। एक डंडा उठाकर वह गधे को पीटने लगा। दर्द के मारे गधा जोर जोर से रैंकने लगा। गधे की आवाज सुनकर धोबी उसे बचाने के लिए आ गया। वह चिल्लाकर बोला- अरे क्या बात है? तुम मेरे गधे को क्यों पीट रहे हो ?

कुम्हार ने कहा अगर तुम्हें अपना गधा इतना ही प्रिय है तो उसे ‘हिफाजत से क्यों नहीं रखते ? तुम्हें उसे बांधकर रखना चाहिए था। इधर आकर देखो, तुम्हारे गधे ने मेरे बर्तनों को तोड़ दिया है। ये बर्तन किसी सेठ के आदेश से बनाए गए थे, अब तुम ही बताओ कि मैं इतनी जलदी बर्तन कैसे बना पाऊँगा कि दस दिन के अंदर उसे दे सकूँ। मैं इसे सजा दिए बिना नहीं छोड़गा।

धोबी बोला- “मैं तुम्हारे सारे टुटे बर्तनों की कीमत दे दूँगा। इस बात को यही समाप्त करो। हम इस छोटी सी बात के लिए क्यों लड़े ?”

कुम्हार को पैसा देकर धोबी अपने गधे को लेकर चला गया। परंतु कुम्हार अब भी गुस्से में था। मेहनत तो वह दुबारा कर लेगा पर ग्राहक को तय किए समय के अंदर वहबर्तन कैसे दे पाएगा ? कुम्हार के लिए यह एक गंभीर समस्या थी। इसलिए गधे द्वारा किए गए नुकसान के बदले वह धोबी को सबक सिखाना चाहता था।

अगले दिन कुम्हार बादशाह अकबर से मिलने दरबार गया। वहाँ पहुँचकर वह बोला, महाराज शाम को ही मेरे एक मित्र इरान से आए हैं। उन्होंने मुझे बताया है कि ईरान के शाह हमारे देश और यहाँ के लोगों से बहुत प्रभावित हैं। परंतु वह कहता है की भारतीय हाथी काले व गंदे होते है। उसकी सेना में सफेद व स्वच्छ हाथी हैं।

बादशाह ने पुछा- “तो इसमें हम क्या कर सकते हैं?” कुम्हार बोला- “बोला- महाराज ईरान के शाह के पास धोबियों का बहुत बड़ा दल है जो हाथीयों को दिन में दो बार साफ करता है। अगर ईरान के शाह की तरह हम भी अपने हाथियों को नियमित रूप से धोएँ तो हो सकता है हमारे हाथी ईरान के हाथियों से भी अधिक स्वच्छ और सफेद हो जाएँ।”

यह सुनकर बादशाह अकबर समझ गए कि कुम्हार के मन में कुछ शरारत है लेकिन वह प्रकट नहीं होने दे रहा है। वे बोले, “सारे नगर के धोबीयों को एकत्रित करो और उन्हें कहो कि हमारे हाथीयों को रोज धोएँ।” “महाराज सभी धोबीयों को बुलाने की कोई आवश्यकता नहीं है। मेरे पड़ोस में जो धोबी रहता वह बहुत साफ धुलाई करता है। वह हमारे हाथियों की धुलाई के लिए उपयुक्त है।” बादशाह अकबर कुम्हार की योजना समझ गए और उन्होंने अपने सेवकों से कहा, जल्दी जाओ और धोबी को पकड़ कर ले आओ।

धोबी को बुलाकर हाथियों को साफ करने के लिए कहा गया। धोबी ने कुछ हाथियों को सारा दिन रगड़-रगड़ कर साफ किया परंतु सभी काले के काले ही रहे। शाम को थका हुआ धोबी घबड़ा गया। उसे बादशाह के क्रोध से डर लग रहा था क्योंकि साफ करने के बावजूद हाथी अभी तक काले ही थे। धोबी यह भी समझ चुका था कि यह सब कुम्हार की योजना थी जो उसे सबक सिखाना चाहता था। वह सहायता के लिए तुरंत बीरबल के महल की ओर चल पड़ा। 

बीरबल से मिलने के पश्चात वह निश्चिंत होकर अपने घर वापस आ गया। अगली सुबह जब बादशाह अकबर उसे हाथियों को साफ न करने के कारण डाँट रहे थे तो वह बोला, “महाराज, यदि मेरे पास एक बड़ा टब हो जिसमे हाथी को रगड़ते समय रखा जा सके तो मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे हाथी ईरान के बादशाह के हाथीयों से अधिक सफेद हो जाएँगे।” बादशाह अकबर जानते थे कि धोबी कुम्हार का जवाब दे रहा है। इसलिए वे बोले, “कुम्हार को हाथी के नहाने के लिए एक बड़ा टब बनाने को कहा जाए जिसमें हाथी को सुविधापूर्वक रखा जा सके।”

कुम्हार को हाथी के नहाने के लिए टब बनाने का आदेश दिया गया। उसने इसे बनाने के लिए एक सप्ताह का समय लिया। तब वह उसे लेकर राजमहल में पहुँचा, परंतु जैसे ही हाथी ने अपना पैर टब में रखा, वह हाथी के वजन से टुट गया। बादशाह क्रोधित होकर बोले, “तुमने एक कमजोर टब बनाया था। जाओ, सुबह तक एक और मजबुत टब बनाओ।”

कुम्हार समझ गया कि वह पकड़ा जा चुका है। वह बादशाह के पैरों पर गिरकर अपनी गलती मान गया और बोला कि वह धोबी को केवल सबर सिखाना चाहता था। तब बादशाह ने धोबी से पूछा, “तुम्हें इस प्रकार टब बनाने की तरकीब कैसे सूझी? मैं तुम्हारी इस बुद्धिमता के लिए इनाम दूँगा।”

धोबी वोला, “महाराज, इस इनाम के हकदार बीरबल साहब हैं, मैं नहीं जब मैं उनसे सहायता माँगने गया था तो तरकीब मुझे उन्होंने ही बताई थी,” बादशाह अकबर ने बीरबल को बुलाकर धोबी की सहायता करने के लिए शाबशी दी।

2. कुम्हार को धोबी के गधे पर इतना गुस्सा क्यों आया था ? 

उत्तर :- धोबी के गधे ने कुम्हार द्वारा बनाए गए सारे मिट्टी के बर्तनों को तोड़ दिया था। इसलिए कुम्हार को गुस्सा आया था। 

3. कुम्हार धोबी को क्यों सबक सिखाना चाहता था ?

उत्तर :- धोबी के गधे ने कुम्हार के सारे मिट्टी के बर्तनों को तोड़ दिया था, जिसके कारण कुम्हार निर्धारित समय पर सेठ को बर्तन नहीं दे पाएगा। इसके चलते कुम्हार को बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए कुम्हार धोबी को सबक सीखाना चाहता था।

4. दरबार में जाकर कुम्हार बादशाह अकबर से क्या बोला ? 

उत्तर :- दरबार में जाकर कुम्हार बादशाह अकबर से बोला कि उसका एक मित्र ईरान से आया है, जो यह कहता है कि भारतीय हाथी काले व गंदे होते हैं। ईरान की सेना में सफेद व स्वच्छ हाथी हैं। 

5. धोबी क्यो घबरा गया था ?

उत्तर :- धोबी घबरा गया था क्योंकि सारा दिन रगड़-रगड़ कर साफ करने के बावजुद भी सम्राट अकबर की सेना के सारे हाथी काले के काले ही रहें। 

6. हाथियों को साफ न कर पाने के कारण बादशाह अकबर द्वारा धोबी को डाँटे जाने पर वह क्या बोला ?

उत्तर :- हाथियों को साफ न कर पाने के कारण बादशाह अकबर द्वारा धोबी को डाँटे जाने पर वह बोला, “महाराज, यदि मेरे पास एक बड़ा टब हो जिसमें हाथी को रगड़ते समय रखा जा सके तो मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे हाथी ईरान के बादशाह के हाथियों से अधिक सफेद हो जाएँगे।” 

7. ‘जैसे को तैसा’ कहानी से तुम्हें क्या सिख मिली ?

उत्तर :- ‘जैसे को तैसा’ कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें कभी भी दूसरों के अपकार करने की बात नहीं सोचनी चाहिए। कुम्हार ने धोबी को सबक सिखाने के लिए षड़यंत्र रचा था, किन्तु वह उल्टे उसमें फँस गया। इसलिए कोई भी काम करने से पहले हमें सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए।

8. धोबी को सबक सीखाने के लिए कुम्हार ने कौन सी योजना बनायी ?

उत्तर :- धोबी को सबक सीखाने के लिए कुम्हार ने हाथियों को धुलाने की योजना बनाई।

9. क्या कुम्हार अपनी योजना से कामयाब हुआ ?

उत्तर :- नहीं, कुम्हार अपनी योजना में कामयाब न हुआ।

10. धोबी सहायता के लिए किसके महल की ओर चल पड़ा था ? 

उत्तर :- धोबी सहायता के लिए बीरबल के महल की ओर चल पड़ा था।

 11. वाक्यों को पूरा करो :

(क) गधा दर्द के कारण जोर जोर से रेंकने लगा।

(ख) बीरबल से मिलने के पश्चात वह निशिंत होकर अपने घर वापस आ गया।

(ग) कुम्हार को हाथी के नहाने के लिए टब बनाने का आदेश दिया था। 

(घ) मैं तुम्हें तुम्हारी इस बुद्धिमत्ता के लिए इनाम दूंगा। 

अतिरिक्त प्रश्नत्तर :

1. प्रस्तुत कहानी किसकी कथाओं से जुड़ी हुई है।

उत्तर :- अकबर-बीरबल की कथाओं से। 

2. दोबी के पड़ोस में कौन रहता था ?

उत्तर :- कुम्हार ।

3. कुम्हार किसे सबक सिखाना चाहता था ?

उत्तर :- धोबी को।

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Scroll to Top